यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष Ursula von der Leyen चार दिवसीय भारत यात्रा पर दिल्ली पहुंचीं
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन द्विपक्षीय संबंधों के विस्तार और कई महत्वपूर्ण पहलों को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से शनिवार को भारत की चार दिवसीय यात्रा पर दिल्ली पहुंचीं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 27 जनवरी को कोस्टा और वॉन डेर लेयेन के साथ शिखर वार्ता करेंगे। यह बैठक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की आर्थिक और सुरक्षा नीतियों के कारण उत्पन्न वैश्विक चिंताओं के बीच आयोजित हो रही है।
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा रविवार को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचेंगे। ये दोनों शीर्ष यूरोपीय नेता 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
शिखर सम्मेलन के दौरान भारत और यूरोपीय संघ द्वारा बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के निष्कर्ष की घोषणा करने की संभावना है। इसके अलावा, दोनों पक्ष एक रणनीतिक रक्षा साझेदारी समझौते और भारतीय पेशेवरों की आवाजाही के लिए एक रूपरेखा को भी अंतिम रूप दे सकते हैं।
हवाई अड्डे पर केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने उनकी अगवानी की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर उनके आगमन की जानकारी देते हुए कहा, भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) रणनीतिक साझेदारी के अगले चरण की तैयारी।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की भारत की राजकीय यात्रा पर उनका हार्दिक स्वागत है। भारत और यूरोपीय संघ के बीच संबंध पिछले कुछ वर्षों में काफी मजबूत हुए हैं।
एक समूह के रूप में यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का ईयू के साथ कुल व्यापार लगभग 136 अरब डॉलर रहा, जिसमें निर्यात 76 अरब डॉलर और आयात 60 अरब डॉलर था।
Vizhinjam port के विकास में 30,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी APSEZ : Karan Adani
अदाणी पोर्ट एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) के प्रबंध निदेशक करण अदाणी ने शनिवार को कहा कि कंपनी विझिंजम समुद्री बंदरगाह के विकास में कुल 30,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। कंपनी इस बंदरगाह का प्रबंधन संभालती है।
परियोजना के दूसरे चरण के उद्घाटन के अवसर पर अदाणी ने बताया कि दूसरे चरण के तहत 16,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश के साथ कुल निवेश प्रतिबद्धता 30,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस विस्तार से बंदरगाह की क्षमता वर्ष 2029 तक वर्तमान के 10 लाख टीईयू (20 फुट के बराबर इकाई) से बढ़कर 57 लाख टीईयू हो जाएगी। करण अदाणी ने कहा कि यह केरल राज्य में किसी भी व्यावसायिक घराने द्वारा की गई सबसे बड़ी निवेश प्रतिबद्धता है।
उनके अनुसार, विझिंजम भारतीय उपमहाद्वीप में सबसे बड़े माल स्थानांतरण बंदरगाह और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी समुद्री केंद्र के रूप में उभरेगा और यह केवल सबसे बड़ा ही नहीं होगा बल्कि भारत का सबसे तकनीकी रूप से उन्नतबंदरगाह भी बनेगा। करण ने कहा, यह परियोजना इस बात का पथ-प्रदर्शक होगी कि भविष्य में भारतीय बंदरगाहों का संचालन कैसे होना चाहिए।
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