Vizhinjam port के विकास में 30,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी APSEZ : Karan Adani
अदाणी पोर्ट एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) के प्रबंध निदेशक करण अदाणी ने शनिवार को कहा कि कंपनी विझिंजम समुद्री बंदरगाह के विकास में कुल 30,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। कंपनी इस बंदरगाह का प्रबंधन संभालती है।
परियोजना के दूसरे चरण के उद्घाटन के अवसर पर अदाणी ने बताया कि दूसरे चरण के तहत 16,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश के साथ कुल निवेश प्रतिबद्धता 30,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस विस्तार से बंदरगाह की क्षमता वर्ष 2029 तक वर्तमान के 10 लाख टीईयू (20 फुट के बराबर इकाई) से बढ़कर 57 लाख टीईयू हो जाएगी। करण अदाणी ने कहा कि यह केरल राज्य में किसी भी व्यावसायिक घराने द्वारा की गई सबसे बड़ी निवेश प्रतिबद्धता है।
उनके अनुसार, विझिंजम भारतीय उपमहाद्वीप में सबसे बड़े माल स्थानांतरण बंदरगाह और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी समुद्री केंद्र के रूप में उभरेगा और यह केवल सबसे बड़ा ही नहीं होगा बल्कि भारत का सबसे तकनीकी रूप से उन्नतबंदरगाह भी बनेगा। करण ने कहा, यह परियोजना इस बात का पथ-प्रदर्शक होगी कि भविष्य में भारतीय बंदरगाहों का संचालन कैसे होना चाहिए।
Donald Trump ने चीन के साथ नए व्यापार समझौते को लेकर कनाडा पर 100 प्रतिशत शुल्क की धमकी दी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कनाडा से आयातित वस्तुओं पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि अगर उनका पड़ोसी देश चीन के साथ अपने व्यापार समझौते पर आगे बढ़ेगा, तो ऐसा किया जाएगा।
ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यदि कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी सोचते हैं कि वह कनाडा को चीन के अमेरिका में सामान और उत्पाद भेजने का एक माध्यम बनाने जा रहे हैं, तो वह बहुत बड़ी भूल कर रहे हैं।
गौरतलब है कि ट्रंप ने पिछले एक साल से व्यापार युद्ध छेड़ रखा है और कनाडा ने इस महीने चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों पर शुल्क कम करने के लिए एक समझौते पर बातचीत की। इसके बदले में चीन, कनाडा के कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क कम करेगा।
ट्रंप ने शुरुआत में कनाडा और चीन के बीच इस समझौते को सही ठहराते हुए कहा था कि कार्नी के लिए व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करना एक अच्छी बात है। कार्नी के कार्यालय ने इस बारे में प्रतिक्रिया देने के अनुरोध पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
ट्रंप की यह धमकी कार्नी के साथ बढ़ते वाकयुद्ध के बीच आई है। इससे पहले कार्नी ने कहा था कि ट्रंप के ग्रीनलैंड को अधिग्रहित करने के प्रयास ने नाटो गठबंधन में तनाव पैदा कर दिया है।
ट्रंप ने इस सप्ताह स्विट्जरलैंड के दावोस में कहा था कि कनाडा संयुक्त राज्य अमेरिका के कारण जीवित है। कार्नी ने पलटवार करते हुए कहा कि उनका राष्ट्र एक उदाहरण हो सकता है कि दुनिया को निरंकुश प्रवृत्तियों के आगे झुकने की जरूरत नहीं है। बाद में ट्रंप ने कार्नी को दिया गया बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का निमंत्रण वापस ले लिया।
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