Chhattisgarh: बीजापुर जिले में बड़ी संख्या में विस्फोटक और अन्य सामान बरामद
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने बड़ी संख्या में विस्फोटक और अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के मद्देड़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत बंदेपारा–नीलमड़गु गांव के करीब सुरक्षाबलों ने बड़ी संख्या में विस्फोटक और अन्य सामान बरामद किया है।
उन्होंने बताया कि शनिवार को मद्देड़ थाना क्षेत्र में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), जिला बल और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के संयुक्त दल को नक्सल विरोधी अभियान के लिए रवाना किया गया था।
सुरक्षाबलों का दल जब बंदेपारा–नीलमड़गु के जंगल में था तब वहां से बीयर बॉटल में लगाये गए 16 प्रेशर बम बरामद किए गए। बरामद किए गए सभी बम को मौके पर ही निष्क्रिय कर दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों के जवानों के इस दौरान नीलमड़गु से बंदेपारा के मध्य जंगल में अलग-अलग स्थानों पर माओवादियों द्वारा जमीन के भीतर गड्ढा खोदकर छिपाकर रखे गये भारी मात्रा में विस्फोटक और अन्य सामान बरामद किया।
विस्फोटक और सामानों को स्टील के कंटेनर और प्लास्टिक की बाल्टी में रखा गया था। उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों ने जंगल से जिलेटीन की 784 छड़ें, तीन बंडल कार्डेक्स वायर, 350 मीटर काली वर्दी का कपड़ा, एक किलोग्राम गन पावडर, चार वॉकी-टॉकी चार्जर और अन्य सामान बरामद किया है। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में माओवादियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है तथा माओवादी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
BJD ने फर्जी निलंबन पत्र को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई
ओडिशा में विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने शनिवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि सिमुलिया के पूर्व विधायक ज्योति प्रकाश पाणिग्राही के निलंबन का दावा करने संबंधी पार्टी का एक फर्जी पत्र प्रसारित किया जा रहा है।
साइबर पुलिस में दर्ज शिकायत में बीजद के मीडिया समन्वयक एवं प्रवक्ता प्रियब्रत माझी ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया मंच पर भ्रामक जानकारी व्यापक रूप से साझा की जा रही है, जिसमें झूठा दावा किया जा रहा है कि बालासोर जिले के सिमुलिया से दो बार विधायक रहे पाणिग्राही को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है।
माझी ने कहा कि कथित निलंबन आदेश, जो कथित तौर पर बीजद के आधिकारिक ‘लेटरहेड’ पर जारी किया गया था, मनगढ़ंत है और इसका उद्देश्य पार्टी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना तथा उसके कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच भ्रम पैदा करना था।
फर्जी पत्र प्रसारित करने के लिए जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए माझी ने प्राथमिकी में कहा, ‘‘कृपया जनव्यवस्था के हित में और गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए इस मामले को तत्काल गंभीरता से लें।
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