फिट रहने के लिए रोज कितने कदम पैदल चलना चाहिए, जानें स्वस्थ जिंदगी का राज
नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। खराब खान-पान, प्रदूषण, बदलते मौसम और तनाव के चलते सेहत पर गहरा असर पड़ता है। आयुर्वेद और विज्ञान दोनों का कहना है कि छोटी-छोटी आदतों से सेहत में सुधार लाया जा सकता है। इसी में से एक सबसे सरल और असरदार आदत है पैदल चलना यानी वॉकिंग।
पैदल चलना न सिर्फ हमारी मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत बनाता है, बल्कि दिल की सेहत को सुधारने और उम्र लंबी करने में भी मदद करता है।
आयुर्वेद कहता है कि चलना शरीर की ऊर्जा और जीवन शक्ति को संतुलित करता है, पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और मानसिक तनाव को कम करता है। विज्ञान भी मानता है कि रोजाना पैदल चलने से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
चलना किसी भी उम्र के व्यक्ति के लिए सबसे आसान एक्सरसाइज है। जब हम पैदल चलते हैं, तो हमारे दिल की धड़कन तेज होती है, रक्त संचार बेहतर होता है और शरीर में जमा टॉक्सिन बाहर निकलते हैं। नियमित वॉकिंग से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है, खराब कोलेस्ट्रॉल कम होता है और वजन संतुलित रहता है। मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी यह बेहद फायदेमंद है। चलते समय शरीर में एंडोर्फिन हार्मोन रिलीज होता है, जो तनाव कम करता है और मूड को खुशहाल बनाता है।
आयुर्वेद के अनुसार, तेज चलना प्राणवायु को शरीर में सक्रिय करता है, जिससे ऊर्जा बढ़ती है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। हार्ट अटैक से बचाव के लिए विशेषज्ञों का मानना है कि रोजाना कम से कम तीस मिनट तक तेज चलना चाहिए।
अमेरिकी हार्ट फाउंडेशन और नॉर्थवेस्टर्न मेडिसिन की स्टडीज के अनुसार, 30 मिनट की तेज वॉक यानी लगभग 9,000 से 10,000 कदम रोजाना हफ्ते में पांच दिन दिल की सेहत के लिए आदर्श है। इससे रक्त संचार सही रहता है, दिल की धड़कन मजबूत होती है और ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल संतुलित रहते हैं। अगर कोई इतनी लंबी वॉक नहीं कर पाता तो 3,800 से 4,000 कदम भी शुरुआती तौर पर लाभकारी हैं। जरूरी यह है कि हर दिन नियमित रूप से चला जाए।
विशेषज्ञ बताते हैं कि बुजुर्गों के लिए यह आदत और भी फायदेमंद है। स्टडी में यह पाया गया कि 60 साल और उससे अधिक उम्र के लोग यदि रोजाना 6,000 से 9,000 कदम चलते हैं, तो उनका हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा उन लोगों के मुकाबले 40 से 50 प्रतिशत कम हो जाता है जो रोज केवल 2,000 कदम चलते हैं।
लगभग 2.5 मील से 4 मील तक चलने से दिल मजबूत रहता है और कार्डियोवैस्कुलर बीमारी का खतरा कम होता है। आयुर्वेद भी मानता है कि नियमित और संतुलित चलना शरीर की गर्मी और ऊर्जा को बनाए रखता है, जिससे उम्र लंबी और स्वस्थ रहती है।
--आईएएनएस
पीके/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
ट्रंप ने कनाडा पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की दी धमकी, तो मार्क कार्नी ने किया पलटवार
वॉशिंगटन, 25 दिसंबर (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा को चेतावनी दी है कि अगर उसने चीन के साथ व्यापार समझौता आगे बढ़ाया, तो अमेरिका कनाडा से आने वाले सभी सामानों पर 100 प्रतिशत टैक्स (टैरिफ) लगा देगा। वहीं इसके जवाब में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने पलटवार किया है और देशवासियों से कनाडा में ही बने सामान खरीदने और स्थानीय उद्योगों को मजबूत करने की अपील की है।
ट्रंप की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी हाल ही में चीन की राजधानी बीजिंग गए थे। इस दौरे में दोनों देशों के बीच एक समझौता हुआ, जिसके तहत कनाडा ने चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों पर लगाए गए टैक्स को कुछ हद तक कम करने का फैसला किया। बदले में चीन ने कनाडा के कृषि उत्पादों पर लगाए गए जवाबी टैक्स घटाने पर सहमति दी।
इस समझौते के बाद ट्रंप और ज्यादा नाराज हो गए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अगर कनाडा चीन के सामान को अमेरिका भेजने का रास्ता बनता है, तो अमेरिका इसे कभी स्वीकार नहीं करेगा।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर कनाडा ने चीन के साथ सौदा किया, तो चीन धीरे-धीरे कनाडा के कारोबार, समाज और जीवनशैली को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ऐसा होते ही अमेरिका कनाडा के सभी उत्पादों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगा देगा।
अमेरिका और कनाडा के रिश्ते उस समय से खराब होते जा रहे हैं, जब से ट्रंप दोबारा राष्ट्रपति बने हैं। ट्रंप पहले भी कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने जैसी बातें कह चुके हैं और ग्रीनलैंड को लेकर भी विवादित बयान दे चुके हैं।
इसी बीच ट्रंप की धमकी के जवाब में प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने बाई कैनेडियन नीति को आगे बढ़ाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि कनाडा को अपने देश में बने सामान खरीदने, स्थानीय उद्योगों को मजबूत करने और आत्मनिर्भर बनने पर ध्यान देना चाहिए।
कार्नी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि कनाडाई लोगों को अपने पैसे कनाडाई कंपनियों और कामगारों पर खर्च करने चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार भी अब इसी दिशा में काम कर रही है।
इन हालातों के बीच कनाडा अब अमेरिका पर निर्भरता कम करना चाहता है। कनाडा ने लक्ष्य रखा है कि वह 2030 तक चीन को अपने निर्यात में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी करेगा। प्रधानमंत्री कार्नी ने यह भी कहा है कि आने वाले वर्षों में कनाडा अमेरिका के अलावा दूसरे देशों के साथ व्यापार बढ़ाएगा। खबर है कि वे जल्द भारत का दौरा भी कर सकते हैं।
दिसंबर 2025 में शुरू की गई बाई कैनेडियन नीति का मकसद देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और विदेशी दबाव से बचना है।
अमेरिका और कनाडा के बीच तनाव तब और बढ़ गया, जब कनाडा ने ट्रंप की ग्रीनलैंड में मिसाइल डिफेंस सिस्टम लगाने की योजना का विरोध किया।
--आईएएनएस
डीबीपी/एएस
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