आरएमबी के अंतर्राष्ट्रीयकरण को व्यवस्थित रूप से बढ़ाता रहेगा चीन
बीजिंग, 24 जनवरी (आईएएनएस)। हाल ही में चाइना मीडिया ग्रुप ने चीन के केंद्रीय बैंक के रूप में पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (पीबीओसी) गवर्नर पैन कोंगशेंग का विशेष साक्षात्कार लिया। पैन कोंगशेंग ने कहा कि घरेलू विकास को स्थिर करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए, 2026 में पीबीओसी वैश्विक वित्तीय शासन सुधार और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सहयोग को बढ़ावा देना जारी रखेगा, वित्तीय सेवा उद्योग और वित्तीय बाजार के उच्च स्तरीय खुलेपन को बढ़ावा देगा और आरएमबी के अंतर्राष्ट्रीयकरण को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाएगा।
पैन कोंगशेंग ने कहा कि एक बहु-चैनल, व्यापक कवरेज, सुरक्षित और कुशल आरएमबी सीमा पार भुगतान प्रणाली का निरंतर निर्माण और विकास किया जाएगा। सीमा पार भुगतान में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना, अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय शासन और सहयोग में सक्रिय रूप से भाग लेना, और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की आवाज और प्रतिनिधित्व को बढ़ाना, उच्च स्तरीय खुलेपन के अनुरूप नियामक क्षमता निर्माण को मजबूत करना और राष्ट्रीय वित्तीय सुरक्षा की दृढ़ता से रक्षा करना आवश्यक है।
पैन कोंगशेंग ने कहा कि केंद्रीय बैंक का लक्ष्य मुद्रा स्थिरता और वित्तीय स्थिरता दोनों को बनाए रखना है। मौद्रिक नीति प्रणाली और मैक्रो-विवेकपूर्ण प्रबंधन प्रणाली केंद्रीय बैंक के मैक्रो-प्रबंधन के दो मूलभूत उपकरण हैं, जो इन दो उद्देश्यों को प्राप्त करने और एक मजबूत वित्तीय राष्ट्र के निर्माण में दो स्तंभों के रूप में कार्य करते हैं।
पैन कोंगशेंग के अनुसार एक वैज्ञानिक और सुदृढ़ मौद्रिक नीति प्रणाली का निर्माण अल्पकालिक और दीर्घकालिक लक्ष्यों, विकास को स्थिर करने और जोखिमों को रोकने, और आंतरिक व बाहरी कारकों के बीच संबंधों को उचित रूप से संभालने पर केंद्रित है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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उत्तर भारत में फिलहाल सर्दी से राहत नहीं, पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तर भारत के लिए चेतावनी जारी की है. IMD के अनुसार एक तीव्र पश्चिमी विक्षोभ 26 जनवरी 2026 से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा, जिसका असर 28 जनवरी तक बना रह सकता है. इसके चलते पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी, जबकि 27 जनवरी को कुछ स्थानों पर भारी वर्षा और हिमपात की संभावना जताई गई है.
बीते 24 घंटों का मौसम
पिछले 24 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी दर्ज की गई. जम्मू-कश्मीर में कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा जबकि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई. हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में अधिकांश स्थानों पर बारिश हुई, वहीं पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी वर्षा देखी गई.
इस दौरान जम्मू, हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ओलावृष्टि की घटनाएं सामने आईं. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 60 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलीं.
कई राज्यों में कोहरे की स्थिति
ओडिशा के कुछ इलाकों में अत्यंत घना कोहरा छाया रहा, जहां दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई. ओडिशा के ढेंकानाल में दृश्यता मात्र 20 मीटर रही, जबकि मेघालय के बारापानी में यह 100 मीटर दर्ज की गई.
तापमान का हाल क्या?
न्यूनतम तापमान हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब के कुछ हिस्सों में 1 से 4 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा. पंजाब के भटिंडा में देश के मैदानी इलाकों का सबसे कम न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री अधिक रहा, जबकि जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी राजस्थान में यह सामान्य से नीचे दर्ज किया गया.
आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम?
27 और 28 जनवरी को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में व्यापक बारिश और बर्फबारी के साथ बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने की संभावना है. 27 जनवरी को जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में कहीं-कहीं भारी हिमपात और वर्षा हो सकती है. उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों और मध्य प्रदेश में भी इसी अवधि के दौरान बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है.
मौसम विभाग की चेतावनी
25 और 26 जनवरी को पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में घना से बहुत घना कोहरा छाने की संभावना है. कुछ इलाकों में शीतलहर और शीत दिवस की स्थिति भी बन सकती है. मछुआरों को 24 से 29 जनवरी के बीच बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के चिन्हित क्षेत्रों में समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है.
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