अदाणी इलेक्ट्रिसिटी को फिर मिली ए+ नेशनल रैंकिंग, विद्युत आपूर्ति में बनी देश की अग्रणी कंपनी
अहमदाबाद, 24 जनवरी (आईएएनएस)। अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने एक बार फिर विद्युत वितरण कंपनियों की नेशनल रैंकिंग में ए+ रैंकिंग हासिल की है। यह रैंकिंग पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन द्वारा जारी की गई 14वीं वार्षिक रेटिंग और रैंकिंग रिपोर्ट में दी गई है।
लगातार दूसरी बार शीर्ष स्थान मिलने से यह साफ होता है कि अदाणी इलेक्ट्रिसिटी बिना रुकावट विद्युत आपूर्ति, कम बिजली नुकसान और मजबूत वित्तीय अनुशासन बनाए रखने में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है।
इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने कहा कि यह शीर्ष रैंकिंग मुंबई के लोगों के भरोसे को दर्शाती है। कंपनी ने बताया कि वह बीते 100 वर्षों से मुंबई की सेवा कर रही है।
कंपनी ने कहा कि वह हर दिन घरों, अस्पतालों और जरूरी सेवाओं को बिना शोर-शराबे के लगातार और भरोसेमंद तरीके से बिजली पहुंचा रही है।
अदाणी ग्रुप की कंपनी ने कहा, लगातार एक और साल शीर्ष स्थान प्राप्त करना मायने रखता है क्योंकि यह मुंबई वासियों के शहर की और देश की अग्रणी विद्युत कंपनी पर हर दिन रखे जाने वाले भरोसे को दर्शाता है।
कंपनी ने आगे कहा कि मुंबई की सेवा के 100 साल पूरे होने पर हम शहर के साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं।
यह रेटिंग राष्ट्रीय स्तर पर बिजली वितरण क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। वित्त वर्ष 2025 में देशभर की बिजली वितरण कंपनियों ने मिलकर 2,701 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है। यह पहला मौका है जब यह सेक्टर कागजी हिसाब-किताब के आधार पर मुनाफे में आया है।
यह स्थिति वित्त वर्ष 2024 के 27,022 करोड़ रुपए के नुकसान के मुकाबले बड़ा सुधार है और इसका कारण सुधारों का असर, बेहतर वित्तीय अनुशासन और तकनीक के बेहतर इस्तेमाल को माना जा रहा है।
अदाणी इलेक्ट्रिसिटी की बिलिंग दक्षता लगातार 95 प्रतिशत से ज्यादा रही है, जबकि बिल वसूली लगभग 100 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अदाणी इलेक्ट्रिसिटी का वित्तीय प्रबंधन बहुत मजबूत है और भुगतान वसूली के मामले में इसका प्रदर्शन देश में सबसे बेहतर है।
रिपोर्ट के अनुसार, अदाणी इलेक्ट्रिसिटी की सबसे बड़ी खासियत इसका लगातार एक जैसा अच्छा प्रदर्शन है। यह सफलता किसी एक समय के फायदे की नहीं, बल्कि मजबूत व्यवस्था, डेटा और तकनीक के बेहतर इस्तेमाल और बेहतर सेवा का नतीजा है।
इसी वजह से अदाणी इलेक्ट्रिसिटी महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश में शहरी बिजली वितरण के लिए एक मिसाल बन गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि डेटा आधारित काम, स्मार्ट मीटर और एनालिटिक्स अब बिजली कंपनियों की कार्यक्षमता बढ़ाने, नुकसान घटाने और वित्तीय स्थिति मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
--आईएएनएस
डीबीपी/एएस
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सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा पेंगुइन वाला ये वीडियो; ट्रंप ने भी किया शेयर, लेकिन क्या है इसकी सच्चाई? जानिए
सोशल मीडिया पर आए दिन कोई न कोई वीडियो वायरल होते रहते हैं. इन दिनों एक पेंगुइन का वीडियो खूब वायरल हो रहा है. इस वीडियो ने पलक झपकते जेन जी का ध्यान अपनी ओर खींचा है. इसपर जमकर मीम बन रहे हैं. मीम तो छोड़िए यह वीडियो अब व्हाइट हाउस भी पहुंच चुका है. व्हाइट हाउस ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया पर ट्रंप की फोटो लगाते हुए इसे पोस्ट किया है. तो चलिए इस वायरल वीडियो के बैग्राउंड यानी कि ये कहां से आया और अब क्यों ट्रेंड कर रहा है? इसकी बात करते हैं.
Embrace the penguin. pic.twitter.com/kKlzwd3Rx7
— The White House (@WhiteHouse) January 23, 2026
वीडियो में क्या था?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक अकेला पेंगुइन अपने समूह से दूर बर्फीली पहाड़ियों की ओर चलता दिखाई देता है. इंटरनेट यूजर्स इसे ‘निहिलिस्ट पेंगुइन’ कह रहे हैं और इसे जीवन, अकेलेपन और विद्रोह से जोड़कर देख रहे हैं. हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि इसके पीछे भावनात्मक नहीं, बल्कि प्राकृतिक कारण हैं.
Redditors don't understand the penguin. pic.twitter.com/AidHlzrNkE
— Reddit Lies (@reddit_lies) January 22, 2026
2007 की डॉक्यूमेंट्री का है ये क्लिप
यह वीडियो साल 2007 की डॉक्यूमेंट्री ‘एनकाउंटर्स एट द एंड ऑफ द वर्ल्ड’ से लिया गया है, जिसे मशहूर फिल्ममेकर वेर्नर हर्जोग ने बनाया था. इसमें एडेली प्रजाति का एक पेंगुइन अपने समुद्र किनारे बसे कॉलोनी से अलग होकर करीब 70 किलोमीटर अंदर बंजर पहाड़ियों की ओर जाता दिखता है. आमतौर पर पेंगुइन समुद्र के आसपास ही रहते हैं, इसलिए यह व्यवहार असामान्य माना जाता है.
अब क्यों वायरल हुआ ये वीडियो
वीडियो वायरल इसलिए हुआ क्योंकि सोशल मीडिया पर लोगों ने इस पेंगुइन को इंसानी भावनाओं से जोड़ दिया. कोई इसे आजादी की तलाश बताता है तो कोई इसे व्यवस्था के खिलाफ विद्रोह का प्रतीक मान रहा है. कई मीम्स में लिखा गया कि पेंगुइन “अपने उद्देश्य की खोज” में निकला है. लेकिन ये सब व्याख्याएं इंसानी सोच पर आधारित हैं.
इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण
वैज्ञानिकों के मुताबिक, एडेली पेंगुइन सामान्य तौर पर अपने भोजन और प्रजनन क्षेत्र के पास ही रहते हैं. कभी-कभी कोई पेंगुइन भटक सकता है, लेकिन इतनी दूर पहाड़ों की ओर जाना बहुत दुर्लभ है. इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं. जैसे दिशा भटक जाना, बीमारी या चोट के कारण असामान्य व्यवहार, या फिर युवा पेंगुइनों में नई जगह देखने की प्रवृत्ति.
वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. ऐनली का कहना है कि पेंगुइन जानबूझकर ऐसा नहीं करते. वे कहते हैं कि जानवर कभी-कभी भ्रमित हो सकते हैं और उनका असामान्य व्यवहार किसी मानसिक उद्देश्य का संकेत नहीं होता. यह अक्सर तनाव, पर्यावरण या व्यक्तिगत अंतर के कारण होता है. वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो एक अकेले पेंगुइन का भटकना किसी बड़े संकट का संकेत नहीं है. यह पूरी प्रजाति के लिए खतरे की बात नहीं है. सोशल मीडिया ने इसे एक प्रतीक बना दिया है, जबकि विज्ञान इसे एक अलग और रोचक घटना मानता है.
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