Stainless Steel Sink Cleaning Tips: सिंक की चमक पड़ गई है फीकी? इन आसान तरीकों से हटाएं दाग और चिकनाई
Stainless Steel Sink Cleaning Tips: किचन में रोज बर्तनों की सफाई के बीच सिंक की सफाई अक्सर पीछे छूट जाती है। कुछ समय बाद इसमें चिकनाई, खाने के दाग और पानी के सफेद निशान नजर आने लगते हैं, लेकिन कुछ आसान घरेलू तरीकों से स्टील सिंक को फिर से साफ और चमकदार बनाया जा सकता है। इन तरीकों से स्टील सिंक को आसानी से साफ करें।
1. पहले सिंक को करें अच्छी तरह साफ
सफाई शुरू करने से पहले सिंक में पड़े बर्तन और खाने के टुकड़े हटा दें। अब सिंक को गुनगुने पानी से धोकर किसी हल्के डिश सोप और मुलायम स्पंज से साफ करें। इससे जमा हुई चिकनाई और खाने की परत पहले ही निकल जाएगी और आगे की सफाई आसान हो जाएगी।
2. बेकिंग सोडा से हटाएं जमी हुई गंदगी
सिंक को हल्का गीला रखने के बाद उसके ऊपर बेकिंग सोडा छिड़कें। खासकर जहां ज्यादा दाग या चिकनाई जमा है, वहां थोड़ा ज्यादा ध्यान दें। अब मुलायम स्पंज या कपड़े से हल्के हाथों से रगड़ें। सफाई हमेशा स्टील की सतह पर बनी महीन लाइनों की दिशा में करें, इससे अनावश्यक खरोंच पड़ने का खतरा कम रहता है।
3. पानी के सफेद निशान के लिए सिरका
अगर सिंक पर सफेद या धुंधले पानी के निशान दिखाई देते हैं, तो सिरका मदद कर सकता है। बेकिंग सोडा से सफाई करने के बाद थोड़ी मात्रा में सफेद सिरका डालें या स्प्रे करें और कुछ मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद सिंक को अच्छी तरह पानी से धो लें। सिरके का इस्तेमाल बहुत देर तक सतह पर छोड़कर नहीं करना चाहिए।
4. नींबू से हटाएं जिद्दी दाग
चाय-कॉफी के भूरे निशान या हल्के जिद्दी दाग के लिए नींबू का इस्तेमाल किया जा सकता है। आधे कटे नींबू को थोड़े बेकिंग सोडा के साथ दाग वाली जगह पर हल्के हाथ से रगड़ें। इसके बाद साफ पानी से सिंक को अच्छी तरह धो लें।
5. आखिर में सुखाना न भूलें
सफाई के बाद सिंक को सिर्फ पानी से धोकर छोड़ देना काफी नहीं है। एक साफ और मुलायम कपड़े से पूरी सतह को अच्छी तरह सुखाएं। सिंक पर पानी की बूंदें सूखने से दोबारा सफेद निशान पड़ सकते हैं। इसलिए इस्तेमाल के बाद सिंक को जल्दी से पोंछने की आदत बनाना फायदेमंद रहेगा।
सिंक साफ करते समय इन चीजों से बचें
स्टील वूल, तार वाले ब्रश और बहुत खुरदरे स्क्रबर से स्टेनलेस स्टील पर खरोंच आ सकती है। ब्लीच या क्लोरीन वाले तेज क्लीनर भी स्टील की सतह को नुकसान पहुंचा सकते हैं। सिंक में गीले स्पंज, लोहे के बर्तन या कास्ट-आयरन पैन लंबे समय तक पड़े रहने से भी दाग पड़ सकते हैं।
सिंक को रोज चमकदार रखने का आसान तरीका
- सिंक को लंबे समय तक साफ रखने के लिए हर इस्तेमाल के बाद उसमें जमा खाना और गंदगी हटा दें।
- पानी से धोने के बाद इसे कपड़े से सुखा दें।
- हफ्ते में एक बार बेकिंग सोडा जैसी हल्की सफाई से जमा गंदगी को हटाया जा सकता है।
ध्यान रखें:
हर सिंक की फिनिश और पानी की गुणवत्ता अलग हो सकती है। किसी भी नए क्लीनिंग तरीके को पहले सिंक के छोटे हिस्से पर आजमाएं और जरूरत हो तो निर्माता की देखभाल संबंधी गाइडलाइन देखें।
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Protein Rich Pulses: सिर्फ पनीर-अंडा ही नहीं, ये 5 दालें भी हैं प्रोटीन का अच्छा सोर्स
Protein Rich Pulses: भारतीय खाने में दालें काफी आम हैं और इन्हें अलग-अलग तरीकों से आसानी से खाया जा सकता है। दाल और फलियां प्रोटीन के साथ फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व भी देती हैं। मूंग, मसूर, चना, राजमा और सोयाबीन जैसी चीजें रोज के खाने में शामिल करके डाइट में प्लांट प्रोटीन बढ़ाया जा सकता है। इन 5 दालों और फलियों को खाने में शामिल कर सकते हैं।
1. मूंग दाल
मूंग दाल हल्की और आसानी से बनने वाली दालों में से एक है। इसे दाल के अलावा खिचड़ी, चीला और स्प्राउट्स के रूप में भी खाया जा सकता है। सूखी मूंग दाल में प्रोटीन के साथ फाइबर भी पाया जाता है।
2. मसूर दाल
मसूर दाल रोज के खाने में आसानी से शामिल की जा सकती है। इसका इस्तेमाल दाल, सूप या दूसरी रेसिपी में किया जा सकता है। इसमें प्रोटीन के साथ फाइबर भी मिलता है, इसलिए यह रोज की डाइट में प्रोटीन बढ़ाने का आसान विकल्प हो सकती है।
3. चना दाल
चना दाल सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि प्रोटीन और फाइबर के लिए भी अच्छी मानी जाती है। इससे दाल के अलावा चीला, पकौड़ी और कई तरह की सब्जियां बनाई जा सकती हैं। सूखी चना दाल में प्रोटीन और फाइबर दोनों पाए जाते हैं।
4. राजमा
राजमा को आमतौर पर चावल के साथ खाना पसंद किया जाता है। इसमें प्रोटीन के साथ अच्छी मात्रा में फाइबर भी पाया जाता है। इसे सलाद या दूसरे व्यंजनों में भी शामिल किया जा सकता है। राजमा और दूसरी फलियां पौधे से मिलने वाले प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं।
5. सोयाबीन
अगर डाइट में प्रोटीन बढ़ाना चाहते हैं तो सोयाबीन को भी शामिल किया जा सकता है। इसे भिगोकर, पकाकर या इससे बने दूसरे पकवान के रूप में खाया जा सकता है।
दालों को ऐसे खाएं
सिर्फ एक ही तरह की दाल रोज खाने के बजाय अलग-अलग दालों को बारी-बारी से डाइट में शामिल करें। दाल को रोटी या चावल के साथ खाने से भोजन ज्यादा संतुलित बनाया जा सकता है।
ध्यान रखें: दालों और फलियों को अच्छी तरह पकाकर ही खाएं। कुछ फलियों में ऐसे तत्व होते हैं जो उचित भिगोने और पकाने से कम होते हैं। खासकर राजमा को अच्छी तरह पकाना जरूरी है।
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