भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का प्रदर्शन मजबूत, औद्योगिक उत्पादन वित्त वर्ष 25 में 7.81 प्रतिशत बढ़ा
नई दिल्ली, 30 सितंबर (आईएएनएस)। भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का प्रदर्शन लगातार मजबूत बना हुआ है और वित्त वर्ष 25 में औद्योगिक उत्पादन सालाना आधार पर 7.81 प्रतिशत बढ़ा है। वहीं, इस दौरान रोजगार में 7.19 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है। यह जानकारी बुधवार को सरकार द्वारा जारी उद्योगों के वार्षिक सर्वेक्षण (एएसआई) के आंकड़ों में दी गई।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 25 में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में प्रतिष्ठानों की संख्या बढ़कर 2.67 लाख हो गई है, जो कि वित्त वर्ष 24 में 2.60 लाख थी।
सबसे ज्यादा प्रतिष्ठानों की संख्या तमिलनाडु में 41,221 थी। इसके बाद 33,084 के साथ गुजरात दूसरे और 27,379 के साथ महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर था।
रोजगार के मामले में तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश और हरियाणा देश के टॉप 5 राज्य बनकर उभरे हैं। 2024-25 में देश के कुल मैन्युफैक्चरिंग रोजगार में इनकी हिस्सेदारी 56 प्रतिशत से ज्यादा रही है।
टॉप पांच इंडस्ट्रीज – बेसिक मेटल्स, मोटर गाड़ियां, केमिकल और केमिकल प्रोडक्ट्स, फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स और फूड प्रोडक्ट्स – ने मिलकर 2024-25 के दौरान देश के कुल मैन्युफैक्चरिंग जीवीए में 45 प्रतिशत से ज्यादा का योगदान दिया है।
इस बीच, 2023-24 की तुलना में 2024-25 में कर्मचारियों को दी जाने वाली कुल आय (वेतन-भत्ते आदि) में भी 12.08 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान रजिस्टर्ड मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में व्यापक स्तर पर बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसमें निवेश की गई पूंजी, इनपुट, आउटपुट, ग्रॉस वैल्यू एडेड (जीवीए), रोजगार और वेतन जैसे अधिकतर प्रमुख आर्थिक संकेतकों में पिछले साल के मुकाबले वृद्धि देखी गई।
उद्योगों का वार्षिक सर्वेक्षण मुख्य रूप से इसलिए किया जाता है ताकि अलग-अलग मैन्युफैक्चरिंग उद्योगों में बदलाव की प्रक्रिया जैसे कि आउटपुट, वैल्यू एडेड, रोजगार, पूंजी निर्माण और अन्य कई पैमानों के आधार पर उनके गठन, विकास और ढांचे के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सके।
सर्वेक्षण का डेटा नीति-निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण इनपुट का काम करता है, राष्ट्रीय लेखा आंकड़ों को तैयार करने में मदद करता है और विभिन्न मंत्रालयों की जानकारी संबंधी जरूरतों को पूरा करता है, साथ ही पक्षकारों को सोच-समझकर निर्णय लेने में सक्षम बनाता है।
--आईएएनएस
एबीएस
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गुवाहाटी ODI में भारतीय गेंदबाजों का हुआ बुरा हाल, तो गंभीर-गिल पर भड़के फैंस, सिराज को ड्रॉप करने पर लगाई क्लास
IND vs WI: भारत के खिलाफ गुवाहाटी के बारसपारा क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा दूसरा वनडे मैच अब तक भारतीय टीम मैनेजमेंट के लिए एक बुरे सपने जैसा साबित हुआ है. टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का कप्तान शुभमन गिल का फैसला पूरी तरह बैकफुट पर आ गया. वेस्टइंडीज के 3 बल्लेबाज जॉन कैंपबेल, कप्तान शे होप और आमिर जंगू ने शतक जड़ भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ा दीं है. शाई होप भी शतक के करीब पहुंच गए हैं और इसके अलावा अमीर जंगू ने भी शानदार फिफ्टी जड़ दी है. वेस्टइंडीज की टीम यहां से 400 रन के स्कोर के करीब देख रही है. भारतीय गेंदबाजों का यह बुरा हाल देख सोशल मीडिया पर फैंस का गुस्सा फूट पड़ा है और उन्होंने मोहम्मद सिराज को बाहर बैठाने पर मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल की रणनीति पर तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं.
सिराज को बेंच पर बैठाने पर भड़के फैंस, मैनेजमेंट को लिया आड़े हाथ
मोहम्मद सिराज को वेस्टइंडीज के खिलाफ इस वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया के स्क्वाड में शामिल किया गया है, लेकिन शुरुआती दोनों मैचों में उन्हें प्लेइंग-11 का हिस्सा नहीं बनाया गया और इन मैचों में भारतीय तेज गेंदबाजों की जमकर पिटाई हुई है. टीम के सबसे अनुभवी और घातक तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को बाहर बैठाने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर फैंस कोच गौतम गंभीर और गिल की क्लास लगा रहे हैं. फैंस का कहना है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ गुवाहाटी की सपाट पिच पर सिराज जैसे विकेट-टेकर गेंदबाज को ड्रॉप करना एक आत्मघाती फैसला था. फैंस का मानना है कि अगर सिराज टीम में होते, तो वेस्टइंडीज को शुरुआती ओवरों में इतनी खुली छूट नहीं मिलती.
Captain Shubman Gill's parchi Gurnoor Brar & Prasidh Krishna is playing in ODI ahead of Mohammed Siraj vs West Indies at Guwahati.
— MANU (@IMManu_14) September 30, 2026
John Campbell smashed hundred just 68 balls & Shai Hope is loading.
Shubman Gill is looks clueless when bowlers leaking runs.
Ravindra Jadeja is… pic.twitter.com/GQzcPEfPVH
जॉन कैंपबेल, शे होप और आमिर जंगू ने शतक जड़ भारतीय गेंदबाजों को मारा तमाचा
वनडे क्रिकेट के इतिहास में भारत के खिलाफ ऐसा कभी नहीं हुआ कि वेस्टइंडीज के 3 बल्लेबाजों ने शतक लगाया हो. केसी कार्टी (9 रन) के जल्दी आउट होने के बाद, जॉन कैंपबेल ने भारतीय गेंदबाजों को सेट होने का कोई मौका नहीं दिया. उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों में वनडे इतिहास का दूसरा सबसे तेज अर्धशतक जड़ दिया, और फिर सिर्फ 65 गेंदों में भारत के खिलाफ सबसे तेज शतक पूरा किया. इसके बाद कप्तान शाई होप ने भी 94 गेंदों पर अपना शतक ठोक दिया. फिर अमीर जंगू ने भी सिर्फ 70 गेंदों पर शानदार शतक लगाया. इन तीनों ही बल्लेबाजों ने 100 से अधिक की स्ट्राइक रेट से ये शतक लगाए हैं. वनडे क्रिकेट में भारत के खिलाफ वेस्टइंडीज का एक पारी में 3 शतक लगाना भारतीय गेंदबाजों के मुंह पर बड़ा तमाचा है. प्रसिद्ध कृष्णा और युवा गेंदबाज नमन धीर के अलावा डेब्यू करने वाले आकिब नबी सहित सभी गेंदबाज इस तूफान के आगे बेबस नजर आए.
???? Aakash Chopra questions the team management’s decision to leave Siraj out
— Wickets Hitting (@offpacedelivery) September 30, 2026
????️
"Without Bumrah, our bowling suddenly looks pretty weak. I think Siraj should be given more chances. He has basically been reduced to a one-format cricketer, and it was not always like this.
I still… pic.twitter.com/U3ZUCsWa8a
गंभीर-गिल की रणनीति पर उठे गंभीर सवाल
गुवाहाटी की पिच को भांपने में नाकाम रहे कप्तान शुभमन गिल और कोच गौतम गंभीर अब फैंस के निशाने पर हैं. फैंस का कहना है कि जब बारसपारा की पिच हमेशा से बल्लेबाजों के अनुकूल रही है, तो टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला पूरी तरह गलत था. गेंदबाजों की इस धुनाई के बाद अब सारा दबाव भारतीय बल्लेबाजी क्रम पर आ गया है. फैंस का गुस्सा इस बात पर भी है कि नए कॉम्बिनेशन को आजमाने के चक्कर में टीम इंडिया अपने मुख्य हथियारों को ही जंग के मैदान से बाहर रख रही है.
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