Donald Trump और Anthropic CEO डारियो अमोदेई के बीच डिनर की योजना
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़ी चुनौतियों को लेकर दुनियाभर में चिंता जताए जाने के बाद क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ‘एंथ्रोपिक’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डारियो अमोदेई के साथ रात्रिभोज की योजना बनायी है। अमोदेई सैन्य क्षेत्र में एआई के संभावित इस्तेमाल को लेकर ट्रंप प्रशासन से मतभेद जता चुके हैं। ट्रंप ने मैरीलैंड स्थित ‘ज्वाइंट बेस एंड्रयूज’ लौटने के बाद संवाददाताओं से कहा कि वह अमोदेई के साथ रात्रिभोज करेंगे।
यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब रक्षा मंत्रालय के कामकाज में ‘एंथ्रोपिक’ के उत्पादों के इस्तेमाल पर रोक से जुड़े एक मामले में कंपनी को दो दिन पहले ही अदालत से झटका लगा था। एआई कंपनी और ‘पेंटागन’ (अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय) के बीच विवाद फरवरी में उस समय शुरू हुआ था जब ट्रंप और अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ‘एंथ्रोपिक’ पर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप लगाया था और कंपनी को आपूर्ति शृंखला के लिए जोखिम घोषित कर दिया था। एक संघीय अपीलीय अदालत ने सरकार द्वारा ‘एंथ्रोपिक’ को आपूर्ति शृंखला के लिए जोखिम घोषित किए जाने को चुनौती देने वाली कंपनी की याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी।
इस फैसले के बाद पेंटागन अपने सिस्टम से ‘एंथ्रोपिक’ के ‘क्लॉड’ एआई मॉडल हटाना जारी रख सकता है। अमोदेई ने चिंता जताई है कि उनकी कंपनी के एआई मॉडल का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर निगरानी करने या ऐसे हथियारबंद स्वायत्त ड्रोन के लिए हो सकता है जो बहुत कम या बिना मानवीय नियंत्रण के काम करें। उन्होंने इस पर अपना रुख नरम करने से इनकार किया।
ट्रंप एआई के प्रबल समर्थक रहे हैं और अक्सर कहते रहे हैं कि प्रौद्योगिकी की इस दौड़ में अमेरिका को चीन से आगे रहना चाहिए जबकि अमोदेई ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि एआई उद्योग को विकास की अपनी तेज रफ्तार कुछ धीमी करनी चाहिए ताकि सुरक्षा उपायों को उसके अनुरूप विकसित होने का समय मिल सके। अमोदेई ने चेतावनी दी थी कि ऐसा नहीं किया गया तो छह से 12 महीने के भीतर एआई ऐसे एजेंटों के समूह को संचालित करने में सक्षम हो सकता है जो पूरे इंटरनेट पर नियंत्रण कर सके। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब एआई को लेकर उद्योग के भीतर और बाहर चिंताएं बढ़ रही हैं।
ऐसी अधिक शक्तिशाली प्रणालियों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं जो मनुष्य की क्षमता से परे समस्याओं का समाधान कर सकती हैं, लेकिन उनके नियंत्रण से बाहर होकर नुकसान पहुंचाने वाले काम करने की आशंका भी बढ़ रही है।
MP Weather Update: मानसून वापसी के लिए परिस्थितियों अनुकूल, अबतक 907.9 मिमी बारिश हुई, मंगलवार से खिलेगी धूप
मानसूनी सिस्टम कमजोर होने से मध्य प्रदेश में भारी बारिश का दौर थम गया है, हालांकि 30 सितंबर तक बादलों की आवाजाही और कहीं-कहीं बूंदाबांदी की स्थिति बन सकती है। प्रदेश में अबतक औसतन 907.9 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा 942.9 मिमी है। मौसम विभाग की माने तो एक हफ्ते के अंदर दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई संभव है। मंगलवार से उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर-चंबल संभाग में तेज धूप देखने को मिलेगी।
28 से 30 सितंबर तक बदला रहेगा मौसम
भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, पांढुर्णा में कहीं-कहीं बादलों की आवाजाही के साथ 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है।
जून से सितंबर 2026 तक मध्य प्रदेश में कहां-कितनी हुई बारिश
1 जून से 27 सितंबर 2026 तक मध्य प्रदेश में सामान्य से 4% यानि 1.4 इंच बारिश कम हुई है। प्रदेश में अबतक 35.7 इंच बारिश ( 95.8% या 907.9 MM) रिकॉर्ड हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 37. 1 इंच होनी चाहिए थी।। पूर्वी मध्य प्रदेश की बात करें तो यहां 5% ज्यादा और पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 11% कम पानी गिरा है। अब तक 25 जिलों में सामान्य बारिश और 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। मानसून का सामान्य समय 1 जून से 30 सितंबर तक माना जाता है, ऐसे में एक हफ्ते के अंदर मानसून के लौटने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं। राजस्थान के कई हिस्सों से मानसून लौट भी चुका है।
- अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है।
- बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 2 से 20% तक कम बारिश
- आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51% तक कम बारिश।
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