Lata Mangeshkar और Bhagat Singh की जयंती आज, जानें 28 सितंबर का ऐतिहासिक महत्व
इतिहास के साथ 28 सितंबर का बड़ा सुरीला रिश्ता है। अपनी मधुर आवाज से कई दशक तक संगीत के खजाने में हर दिन नये मोती भरती रहीं लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 को इंदौर में मशहूर संगीतकार दीनानाथ मंगेशकर के यहां हुआ था। भारत रत्न लता मंगेशकर ने अपनी आवाज और अपनी सुर साधना से बहुत छोटी उम्र में ही गायन में महारत हासिल की और विभिन्न भाषाओं में गीत गाए।
पिछली पीढ़ी ने जहां लता की शोख और रूमानी आवाज का लुत्फ उठाया, वहीं मौजूदा पीढ़ी उनकी समन्दर की तरह ठहरी हुई परिपक्व गायकी को सुनते हुए बड़ी हुई है। ‘सुर साम्राज्ञी’ लता मंगेशकर का 92 वर्ष की आयु में छह फरवरी 2022 को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया था। 28 सितंबर 1907 को प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह का जन्म पंजाब के बंगा गांव में हुआ था, जो उस समय भारत के लायलपुर जिले में था।
यह स्थान अब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में फैसलाबाद जिले का हिस्सा है। भगत सिंह को 23 मार्च 1931 को अंग्रेजों ने फांसी दे दी थी। देश-दुनिया के इतिहास में 28 सितंबर की तारीख में दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है: 1542 : कैलिफोर्निया के खोजकर्ता रोड्रिग्ज कैब्रिलो ने सैन डिएगो कहे जाने वाले इलाके के नजदीक कदम रखा और वेस्ट कोस्ट पहुंचने वाले पहले यूरोपीय बने।
1837 : बहादुर शाह जफर को मुगल सम्राट बनाया गया। हालांकि, उस समय तक मुगल सल्तनत काफी बिखर चुकी थी और वह नाम के ही सम्राट रह गए थे। 1895 : रेबीज के टीके की खोज करने वाले फ्रांस के प्रसिद्ध जैव वैज्ञानिक और माइक्रोबायोलॉजिस्ट लुईस पाश्चर का निधन।
रेबीज की रोकथाम और इसके प्रति जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 28 सितंबर को विश्व रेबीज दिवस मनाया जाता है। 1907 : प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह का पंजाब के बंगा गांव में जन्म। 1920 : शिकागो व्हाइट सॉक्स बेसबाल टीम के आठ सदस्यों को निर्णायक मंडल ने 1919 की विश्व श्रृंखला में घूस लेकर सिनसिनाटी रेड्स से हार जाने का दोषी ठहराया।
1929 : ‘स्वर कोकिला’ लता मंगेशकर का इंदौर में जन्म। अपनी बेहतरीन आवाज के दम पर वह आठ दशक तक देश में गायकी का पर्याय रहीं और अपने गीतों के मोतियों से उन्होंने संगीत के खजाने को समृद्ध बनाया। 1947 : अवामी लीग की नेता और बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का जन्म।
पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) के तुंगीपारा में जन्मीं शेख हसीना बांग्लादेश के संस्थापकों में से एक शेख मुजीबुर रहमान की पुत्री हैं। 1953 : ब्रह्मांड के विस्तार और आकाशगंगाओं की खोज करने वाले महान अमेरिकी खगोलशास्त्री एडविन हब्बल का निधन। उनके नाम पर ही प्रसिद्ध हब्बल स्पेस टेलीस्कोप का नाम रखा गया है।
1965 : फिलीपीन के लूजोन द्वीप पर स्थित ताल ज्वालामुखी में एक भयंकर विस्फोट हुआ था जिससे लगभग 100 लोगों की जान चली गई और हजारों लोग बेघर हो गए। ताल ज्वालामुखी दुनिया के सबसे छोटे लेकिन सबसे सक्रिय और खतरनाक ज्वालामुखियों में से एक माना जाता है, क्योंकि यह एक विशाल ताल झील के बीच में स्थित है, जिससे पानी और मैग्मा के मिलने पर भीषण विस्फोट होते हैं। 1973 : सोवियत संघ (रूस) में राष्ट्रीय विमान सेवा एयरोफ्लोट का एक टुपोलेव टीयू-104 यात्री विमान स्वेर्दलोव्स्क (अब येकातेरिनबर्ग) के कोल्टसोवो हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद पास के एक जंगली इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिससे इसमें सवार सभी 100 यात्रियों और चालक दल के आठ सदस्यों की मौत हो गई थी।
1979 : ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना के होटल एम आउगार्टन में भीषण आग लगने से 25 लोगों की मौत। मृतकों में ज्यादातर विदेशी पर्यटक थे। पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस की फ्लाइट 268 (एयरबस A300) काठमांडू, नेपाल के पास एक पहाड़ी से टकरा गई थी, जिसमें सभी 1670 लोगों की मृत्यु हो गई थी।
1992 : पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस की फ्लाइट 268 (एयरबस A300) विमान नेपाल के काठमांडू में स्थित त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने का प्रयास करते समय दक्षिण में स्थित भटटे डांडा की पहाड़ियों से टकरा गया था जिससे इसमें सवार 155 यात्रियों और चालक दल के 12 सदस्यों की मृत्यु हो गई थी। 1993 : वेनेजुएला की राजधानी काराकास के पास सड़क निर्माण कार्य के दौरान दुर्घटनावश एक गैस पाइपलाइन फटने से लगी भीषण आग में 53 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए थे। 1994 : एस्टोनिया की राजधानी तेलिन से स्वीडन के स्टॉकहोम जा रहा एक विशाल यात्री और कार नौका (फेरी) जहाज एमएस एस्टोनिया बाल्टिक सागर में भारी तूफान के कारण डूब गया जिससे इसमें सवार 989 लोगों में से 852 लोगों की मौत हो गई।
2008 : स्पेसएक्स ने फाल्कन-एक का सफल प्रक्षेपण किया। यह पहली ऐसी निजी कंपनी थी, जिसने तरल ईंधन वाले रॉकेट को अंतरिक्ष में भेजने में सफलता हासिल की। 2013 : पूर्वोत्तर नाइजीरिया में आतंकवादी समूह बोको हराम ने 27 ग्रामीणों की बेरहमी से हत्या कर दी।
2016 : भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लक्षित कार्रवाई ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की थी जिसमें कई आतंकवादी मारे गए और भारतीय सेना बिना किसी नुकसान के सुरक्षित वापस लौट आई। यह सर्जिकल स्ट्राइक 18 सितंबर 2016 को जम्मू कश्मीर के उरी में हुए आतंकी हमले का जवाब में की गई थी जिसमें भारत के 17 जवान शहीद हो गए थे। 2018 : उच्चतम न्यायालय ने केरल के सबरीमला स्थित अयप्पा स्वामी मंदिर में एक खास आयुवर्ग की महिलाओं के प्रवेश पर लगी पाबंदी हटाते हुए सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी।
2020 : आर्मीनिया और अजरबैजान के बीच नागोरनो-कारबाख इलाके को लेकर लड़ाई शुरू हुई। 2025 : दुबई में बेहद रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारत ने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को पांच विकेट से हराकर नौवीं बार एशिया कप जीता।
Prabhasakshi NewsRoom: LPU Violence का पूरा सच क्या है? किसने फैलाई अफवाह? किसने भड़काई आग? किसने करवाई लूट?
पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में एक छात्रा से कथित बलात्कार की खबर ने रविवार को ऐसा बवाल खड़ा किया कि पूरा परिसर हिंसा की चपेट में आ गया। छात्रों का प्रदर्शन देखते ही देखते आगजनी, तोड़फोड़, पुलिस से झड़प और राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के जाम तक पहुंच गया। हालांकि पुलिस ने अभी तक बलात्कार की घटना की पुष्टि नहीं की है और विश्वविद्यालय ने आरोपों को झूठा और मनगढ़ंत बताया है। हालात को देखते हुए विश्वविद्यालय ने 10 दिनों के लिए कक्षाएं बंद कर दी हैं और मध्यावधि परीक्षाएं भी अगली सूचना तक टाल दी हैं।
बताया जा रहा है कि मामला तब भड़का जब शनिवार रात सोशल मीडिया पर एक छात्रा के कथित बलात्कार और एक महिला छात्रा की आत्महत्या से जुड़ी बातें फैलने लगीं। रविवार तड़के छात्राएं और अन्य विद्यार्थी छात्रावास के बाहर जुटने लगे। आरोप लगाया गया कि किसी बाहरी व्यक्ति ने छात्रा के साथ यौन अपराध किया और शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विशेष जांच दल गठित कर दिया है। जांच में सीसीटीवी फुटेज, वैज्ञानिक साक्ष्य और दूरभाष अभिलेखों की जांच की जा रही है।
इसे भी पढ़ें: LPU में रातभर हंगामा, सुबह फिर हाईवे जाम; रेप के दावे पर Punjab Police ने क्या कहा?
लेकिन कहानी यहीं नहीं रुकी। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। विश्वविद्यालय की संपत्तियों में तोड़फोड़ हुई, दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा, कुछ वाहनों में आग लगा दी गई और राष्ट्रीय राजमार्ग-44 को जाम कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक, राजमार्ग खाली कराने की कोशिश के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और स्थिति और बिगड़ गई। दो पुलिस वाहनों में आग लगा दी गई, कई अन्य वाहन क्षतिग्रस्त हुए और कई पुलिसकर्मी घायल हुए।
हिंसा के बीच विश्वविद्यालय परिसर के भीतर स्थित दुकानों और एटीएम केंद्र में तोड़फोड़ के दृश्य भी सामने आए। कुछ वीडियो में लोगों को दुकानों से खाद्य सामग्री और अन्य सामान उठाते हुए देखा गया। कुछ प्रदर्शनकारियों के चेहरे ढके हुए भी दिखाई दिए। पुलिस अब सीसीटीवी के जरिये हिंसा और कथित लूटपाट में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है। उधर, विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस पूरे प्रकरण में बलात्कार के आरोप को सिरे से खारिज किया है। विश्वविद्यालय ने जांच में सहयोग करने की बात कही है।
इसी बीच विश्वविद्यालय में पहले हुई एक तेलंगाना निवासी छात्र की आत्महत्या का मुद्दा भी प्रदर्शनकारियों की मांगों में शामिल हो गया। पुलिस ने उसका मोबाइल फोन वैज्ञानिक जांच के लिए भेजा है और कहा है कि जांच में किसी तरह के आपराधिक पहलू के प्रमाण मिलने पर आगे कार्रवाई की जाएगी। छात्रों की ओर से छात्रावास व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। हिंसा का सबसे बड़ा असर राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर पड़ा। फगवाड़ा में दिल्ली-अमृतसर मार्ग का यह महत्वपूर्ण हिस्सा करीब 15 घंटे तक प्रभावित रहा। वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात को वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ना पड़ा। आज सुबह पुलिस ने बताया कि यातायात बहाल कर दिया गया है और स्थिति नियंत्रण में है। विश्वविद्यालय के बाहर पुलिस बल तैनात है।
उधर, हालात की गंभीरता को देखते हुए लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने 28 सितंबर से दस दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित कर दी हैं। मध्यावधि परीक्षाएं भी अगली सूचना तक टाल दी गई हैं। विश्वविद्यालय ने छात्रों को अभिभावकों से सलाह लेकर अपने घर जाने की अनुमति दी है, जबकि परिसर में रुकने वाले छात्रों को छात्रावास या निवास स्थान के भीतर रहने और किसी भी अशांति से दूर रहने की सलाह दी गई है। सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र सामान लेकर परिसर से निकलते और बस अड्डे तथा रेलवे स्टेशन की ओर जाते दिखाई दिए।
दूसरी ओर, इस मामले ने अब पंजाब सरकार का ध्यान भी खींच लिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पुलिस महानिदेशक गौरव यादव को विश्वविद्यालय पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश देते हुए साफ कहा है कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। देखा जाये तो एलपीयू का यह पूरा घटनाक्रम अब केवल एक कथित अपराध की जांच का मामला नहीं रह गया है। असली सवाल यह है कि अपुष्ट सूचना इतनी तेजी से कैसे फैली, छात्रों का आक्रोश हिंसा में कैसे बदला और विश्वविद्यालय परिसर में बाहरी लोगों की मौजूदगी तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे दावों की सच्चाई क्या है? फिलहाल बलात्कार के आरोप की पुष्टि बाकी है, लेकिन आगजनी, तोड़फोड़, पुलिस से टकराव और राष्ट्रीय राजमार्ग को घंटों बंधक बनाने की घटना निर्विवाद रूप से सामने है। अब जांच समिति को यह तय करना है कि इस पूरे मामले के पीछे सच क्या था?
बहरहाल, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी का घटनाक्रम बताता है कि किसी गंभीर आरोप की सच्चाई सामने आने से पहले ही अफवाह किस तरह हालात को विस्फोटक बना सकती है। यौन अपराध जैसे संवेदनशील मामले में शिकायत की निष्पक्ष और तेज जांच जरूरी है, लेकिन जांच से पहले हिंसा, आगजनी और कानून हाथ में लेना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है कि सच सामने आए, दोषी पर कार्रवाई हो और निर्दोष को निशाना न बनाया जाए। इस पूरे प्रकरण का सबसे बड़ा सबक यही है कि सच की लड़ाई सबूतों से होनी चाहिए, सड़कों पर हिंसा से नहीं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi










