Delhi Bulldozer Action: दिल्ली के आली गांव में 1800 अवैध निर्माण पर एक्शन, लोगों का रो-रो कर बुरा हाल!
Delhi Bulldozer Action: राजधानी दिल्ली में इनदिनों अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन एक्शन ले रहा है. ऐसे में दिल्ली के आली गांव में भी 1800 अवैध मकानों के खिलाफ प्रशासन बुलडोजर कार्रवाई करने जा रहा है. इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है. ऐसे में लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है. बता दें कि दक्षिणी दिल्ली के आली गांव में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की 8.48 एकड़ जमीन पर अवैध रूप से बसी कॉलोनी को खाली कराने समय सीमा शनिवार तक थी. इस कार्रवाई के तहत लगभग 1800 अवैध मकानों पर बुलडोजर चलाया जाना है. प्रशासन ने पुलिस के साथ मिलकर रविवार से ही कार्रवाई शुरू कर दी. फिलहाल इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है. देखें ये रिपोर्ट....
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'स्टन गन का इस्तेमाल किया गया था, पैर टूटा था, आंखों पर भी चोट थी', सुशांत सिंह राजपूत की बहन ने किया बड़ा खुलासा
Sushant Singh Rajput Post Mortem Report: दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत को छह साल से ज्यादा का वक्त बीत चुका है, लेकिन ये मामला आज भी चर्चा में बना हुआ है. अब एक बार फिर सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने एक वीडियो शेयर कर भाई की मौत को लेकर कुछ नए दावे किए हैं. कार में रिकॉर्ड किए गए इस वीडियो में श्वेता ने दावा किया कि उन्हें हाल ही में पोस्टमॉर्टम से जुड़ी कुछ ऐसी बातें पता चली हैं जो पहले उनके सामने नहीं आई थीं. श्वेता के इन दावों के बाद सुशांत सिंह राजपूत की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है.
श्वेता ने पोस्टमॉर्टम को लेकर क्या कहा?
अपने वीडियो में श्वेता सिंह कीर्ति ने दावा किया कि उन्हें हाल ही में उस व्यक्ति से जुड़ी जानकारी मिली जिसने सुशांत का पोस्टमॉर्टम किया था. श्वेता के मुताबिक, उन्हें बताया गया कि सुशांत के साथ कथित तौर पर स्टन गन का इस्तेमाल किया गया था. उन्होंने गर्दन की ओर इशारा करते हुए कहा कि उन्हें बताया गया कि स्टन गन का इस्तेमाल हुआ था. इसके अलावा श्वेता ने दावा किया कि उनके भाई का पैर टूटा हुआ था और उनके साथ काफी जोर लगाया गया था. उन्होंने ये भी कहा कि सुशांत की आंखों में चोट लगी थी.
लोगों के प्यार को याद कर भावुक हुईं श्वेता
वीडियो में श्वेता ने अटलांटा से लौटने के बाद उनसे मिलने वाले लोगों के प्यार और भावनाओं का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि कई लोग उनसे मिले, उन्हें गले लगाया और सुशांत को याद करके भावुक हुए. श्वेता ने कहा कि उन्हें महसूस होता है कि सुशांत के साथ जो हुआ, उसे लेकर बहुत से लोगों के मन में आज भी दर्द है. उन्होंने अपने भाई को याद करने वाले लोगों से नफरत और बदले की भावना में डूबने के बजाय प्यार और अच्छाई को अपनाने की अपील की.
'माफ करना मुश्किल होता है'
श्वेता ने कहा कि जब किसी अपने के साथ कुछ बुरा होता है तो उस दर्द को स्वीकार करना और माफ करना आसान नहीं होता. उन्होंने कहा कि अगर किसी ऐसे इंसान के साथ गलत हो जिसे आप बहुत प्यार करते हैं तो उससे जुड़ी भावनाओं से बाहर निकलने के लिए बहुत हिम्मत की जरूरत होती है. हालांकि, श्वेता ने साफ किया कि वो नफरत, गुस्से या बदले की भावना के साथ आगे नहीं बढ़ना चाहतीं. उनके मुताबिक, उनकी जिंदगी का मकसद प्यार, विश्वास, अच्छाई और ईश्वर के लिए खड़ा होना है. उन्होंने लोगों से भी अपील की कि दुनिया में अन्याय देखकर वो अच्छाई और ईश्वर पर अपना भरोसा न खोएं. उनका कहना था कि जिंदगी में दर्द जरूर आता है, लेकिन यही दर्द कभी-कभी बदलाव की वजह भी बन सकता है.
'न्याय के लिए लड़ना गलत नहीं है'
श्वेता ने अपने वीडियो के साथ शेयर किए गए कैप्शन में भी इसी बात पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि न्याय या सही चीज के लिए लड़ना गलत नहीं है, लेकिन ये लड़ाई बदले की भावना से नहीं बल्कि प्यार के साथ लड़ी जानी चाहिए. उनका मैसेज मुख्य तौर पर यही था कि किसी घटना से दुखी होने के बावजूद इंसान को अपने दिल में नफरत नहीं भरनी चाहिए.
2020 की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट
वहीं जून 2020 में इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, सुशांत की प्रोविजनल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर तीन डॉक्टरों ने हस्ताक्षर किए थे, जबकि फाइनल रिपोर्ट पर पांच डॉक्टरों के साइन थे. उस रिपोर्ट में मौत की वजह फांसी के कारण दम घुटना बताई गई थी और शरीर पर संघर्ष के निशान या बाहरी चोटें नहीं मिलने की बात कही गई थी. रिपोर्ट में नाखून साफ होने का भी जिक्र था. इसके बाद जुलाई 2020 में सामने आई विसरा रिपोर्ट के बारे में भी इंडिया टुडे ने रिपोर्ट किया था कि उसमें किसी तरह के जहर के निशान नहीं मिले और जांच में फाउल प्ले की संभावना खारिज किए जाने की बात सामने आई थी.
हालांकि, सितंबर 2020 में AIIMS के डॉक्टरों द्वारा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की समीक्षा को लेकर भी कई सवाल और चर्चाएं सामने आई थीं. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, AIIMS पैनल ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कुछ प्रक्रियागत कमियों की ओर इशारा किया था. बाद में AIIMS पैनल से जुड़े एक डॉक्टर ने कहा था कि उन्हें सुशांत की हत्या का कोई प्रमाण नहीं मिला और उपलब्ध निष्कर्ष फांसी की ओर इशारा करते थे.
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