कर्नाटक हाईकोर्ट ने बाइक टैक्सी पर लगा प्रतिबंध हटाया, राज्य को शर्तें लागू करने की अनुमति दी
बेंगलुरु, 23 जनवरी (आईएएनएस)। कर्नाटक हाईकोर्ट ने शुक्रवार को राज्य में बाइक टैक्सी सेवाओं पर लगा प्रतिबंध हटा दिया, जिससे संचालकों को सेवाएं फिर से शुरू करने की अनुमति मिल गई। अदालत ने राज्य सरकार को कानून के अनुसार आवश्यक शर्तें लागू करने की भी अनुमति दी।
मुख्य न्यायाधीश विभू बखरू और न्यायमूर्ति सीएम जोशी की खंडपीठ ने कैब एग्रीगेटर एएनआई टेक्नोलॉजीज (ओला), उबर, रैपिडो और अन्य द्वारा दायर अपीलों को स्वीकार कर लिया, जिसमें एक पहले सिंगल-जज ऑर्डर को चुनौती दी गई थी, जिसमें मोटर वाहन अधिनियम के तहत राज्य द्वारा विशिष्ट नियम बनाए जाने तक कर्नाटक में बाइक टैक्सी सेवाओं को रोकने का निर्देश दिया गया था।
प्रतिबंध लगाने वाले अप्रैल 2025 के सिंगल-जज ऑर्डर को रद्द करते हुए अदालत ने माना कि बाइक टैक्सी सेवाओं के लिए उपयोग की जाने वाली मोटरसाइकिलें मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत आती हैं, और परिणामस्वरूप, राज्य सरकार केवल इस आधार पर परमिट देने से इनकार नहीं कर सकती कि मोटरसाइकिलें परिवहन वाहन नहीं हैं।
पीठ ने टिप्पणी की कि बाइक टैक्सी संचालकों को मोटरसाइकिलों को बाइक टैक्सी के रूप में चलाने के लिए संविदा परिवहन परमिट के लिए आवेदन करने का अधिकार है। यद्यपि राज्य सरकार ऐसे आवेदनों पर विचार करते समय सभी पहलुओं की जांच करने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन केवल इसलिए परमिट अस्वीकार नहीं किया जा सकता क्योंकि संबंधित वाहन मोटरसाइकिल है।
पीठ ने कहा कि टैक्सी मालिकों को वाहन को परिवहन वाहन के रूप में पंजीकृत कराने के लिए आवेदन करने की स्वतंत्रता है। हम राज्य सरकार को निर्देश देते हैं कि वह वाहन के मालिक के परिवहन वाहन के रूप में पंजीकरण के लिए ऐसे आवेदनों पर विचार करे और संविदा परिवहन के रूप में संचालन की अनुमति प्रदान करे।
पीठ ने आगे कहा कि क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण मोटर वाहन अधिनियम की धारा 74(2) को ध्यान में रखते हुए कानून के अनुसार आवश्यक समझे जाने वाली शर्तें लगा सकते हैं।
पीठ ने यह भी कहा कि एग्रीगेटर नए आवेदन दाखिल करने के लिए स्वतंत्र हैं और ऐसे आवेदनों पर कानून और न्यायालय द्वारा की गई टिप्पणियों के अनुसार विचार किया जाना चाहिए।
--आईएएनएस
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10 साल की है रानी मुखर्जी की बेटी, अब तक छिपा रखा है चेहरा, सोशल मीडिया पर एक भी तस्वीर मौजूद नहीं?
Rani Mukerji: रानी मुखर्जी अपनी फिल्म 'मर्दानी 3' को लेकर चर्चा में हैं. हाल ही में फिल्म का ट्रेलर रिलीज हुआ था. इसी बीच एक्ट्रेस अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी सुर्खियों में आ गई हैं. खास बात ये है कि रानी मुखर्जी की बेटी आदिरा अब 10 साल की हो चुकी हैं लेकिन आज तक किसी ने उन्हें पब्लिकली नहीं देखा. सोशल मीडिया के इस दौर में जहां सेलेब्स अपने बच्चों की तस्वीरें शेयर करते हैं. वहीं रानी ने अपनी बेटी को पूरी तरह लाइमलाइट से दूर रखा है. कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर जरूर वायरल होती रहती हैं लेकिन एक्ट्रेस ने कभी कंफर्म नहीं किया कि वो तस्वीरें उनकी बेटी की हैं या नहीं.
इवेंट के दौरान हुई इमोशनल
हाल ही में मुंबई में एक इवेंट के दौरान रानी मुखर्जी इमोशनल हो गईं जब करण जौहर (Karan Johar) ने एक्ट्रेस की अपनी बेटी आदिरा का लिखा हुआ लेटर पढ़ा. लेटर में आदिरा ने अपनी मां की जमकर तारीफ की और उनके साथ बिताए पलों को बेहद मासूम अंदाज में लिखा. इस पल का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ. रानी ने बताया कि बेटी की बातें सुनकर वो खुद को रोक नहीं पाईं. इसी इवेंट में रानी ने अपनी बेटी को मीडिया से दूर रखने की वजह भी खुलकर बताई.
क्यों नहीं बेटी की सोशल मीडिया पर एक भी तस्वीर?
मीडिया से बातचीत में रानी (Rani Mukerji) ने कहा कि वो चाहती हैं कि आदिरा (Adira) मीडिया की चकाचौंध और सोशल मीडिया से दूर रखते हैं क्योंकि वे उसे एक 'नॉर्मल' या साधारण बचपन देना चाहते हैं. एक्ट्रेस और उनके पिता आदित्य चोपड़ा का मानना है कि उसे स्टार किड होने की वजह से कोई विशेष अटेंशन नहीं मिलनी चाहिए, बल्कि वो अपनी मेहनत से अपनी पहचान बनाए ना कि मशहूर माता-पिता की वजह से.
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