Bhumi Pednekar: PM मोदी वाले बयान पर घिरीं भूमि पेडनेकर, युवाओं को नसीहत देना पड़ा भारी; यूजर्स ने पूछे तीखे सवाल
Bhumi Pednekar: एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर इन दिनों अपने एक बयान को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने NEET-UG 2026 प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगाए गए अभद्र नारों पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। हालांकि, उनका यह बयान सोशल मीडिया पर कई लोगों को पसंद नहीं आया और उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।
भूमि ने वीडियो शेयर कर क्या कहा?
भूमि पेडनेकर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने प्रदर्शन के दौरान इस्तेमाल की गई भाषा पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी नाराजगी जाहिर करने और विरोध करने का पूरा अधिकार है, लेकिन किसी के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल सही नहीं है।
भूमि ने कहा,"जो वीडियो सामने आ रहे हैं, उनमें जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल हो रहा है और हमारे देश के युवा जिस तरह बात कर रहे हैं, वह हमारी संस्कृति नहीं है। हम उस व्यक्ति के बारे में बात कर रहे हैं जो देश के सबसे बड़े पद पर है।"
उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह लोग अपने परिवार के बड़े लोगों से सम्मान के साथ बात करते हैं, उसी तरह सार्वजनिक जीवन में भी भाषा की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।
सिनेमा और समाज पर भी रखी बात
भूमि ने कहा कि किसी भी मुद्दे पर बातचीत सम्मान और शांति के साथ होनी चाहिए। उन्होंने शिक्षा और महिलाओं के खिलाफ हिंसा जैसे गंभीर विषयों पर एकजुट होकर चर्चा करने की अपील की। एक्ट्रेस ने कहा कि अगर बातचीत से सम्मान और समझदारी खत्म हो जाएगी तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाना मुश्किल होगा।
सोशल मीडिया पर लोगों ने किया विरोध
भूमि के इस वीडियो के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी आलोचना शुरू कर दी। लोगों का कहना था कि उन्होंने सिर्फ प्रदर्शनकारियों की भाषा पर सवाल उठाए, लेकिन छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर कुछ नहीं कहा। एक यूजर ने लिखा कि भाषा की आलोचना करना जरूरी है, लेकिन प्रदर्शनकारियों के साथ हुई हिंसा पर भी बात होनी चाहिए।
वहीं, कुछ लोगों ने सवाल किया कि अगर नेताओं की ओर से भी गलत भाषा का इस्तेमाल किया जाता है तो क्या उस पर भी इसी तरह प्रतिक्रिया दी जाएगी।
यूजर्स ने लगाया ये आरोप
कई लोगों ने भूमि पर आरोप लगाया कि उन्होंने आंदोलन के एक हिस्से को तो मुद्दा बनाया, लेकिन उस वजह पर बात नहीं की जिसके कारण छात्र सड़कों पर उतरे थे।
एक यूजर ने लिखा कि युवाओं से बेहतर व्यवहार की उम्मीद करना सही है, लेकिन सत्ता में बैठे लोगों से जवाबदेही मांगना भी उतना ही जरूरी है। कुछ लोगों का कहना था कि सिर्फ प्रदर्शनकारियों के तरीके पर चर्चा करने से आंदोलन के असली मुद्दे पीछे छूट जाते हैं।
क्या है NEET-UG 2026 प्रदर्शन मामला?
NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद देशभर में छात्रों ने प्रदर्शन किया था। बड़ी संख्या में छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। 20 जुलाई को छात्रों के संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ था। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल किए गए थे।
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Vijayanagar हिरासत में मौत मामला: दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
विजयनगर (कर्नाटक), तीन अगस्त कर्नाटक के विजयनगर जिले में पुलिस थाने लाए गए 38 वर्षीय व्यक्ति की मौत के मामले में थाना प्रभारी और एक संतरी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। मृतक की पहचान मेहबूबनगर के खलीलुल्लाह के रूप में हुई है।
इस मामले की मजिस्ट्रेट जांच भी कराई जा रही है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस हिरासत में मारपीट के कारण उसकी मौत हुई। पुलिस के अनुसार, शनिवार रात करीब एक बजे खलीलुल्लाह की पत्नी पुलिस थाने पहुंची और शिकायत की कि उसके पति ने उसके साथ झगड़ा किया है और मारपीट की है।
पत्नी की शिकायत के आधार पर पुलिस खलीलुल्लाह को पूछताछ के लिए रात करीब डेढ़ बजे थाने लेकर आई। मृतक के परिजनों का आरोप है कि थाना प्रभारी और एक संतरी ने उसके साथ मारपीट की। बाद में पुलिस उसे अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जिला पुलिस अधीक्षक एस. जाह्नवी ने संवाददाताओं से कहा कि मृतक की पत्नी की शिकायत के आधार पर थाना प्रभारी राघवेंद्र और संतरी कांस्टेबल वेंकटेश के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) (हत्या के लिए दंड) और धारा 118(2) (खतरनाक हथियार या साधन से स्वेच्छा से चोट या गंभीर चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि जांच का जिम्मा उप पुलिस अधीक्षक को सौंपा गया है। पुलिस मुख्यालय के हिरासत में मौत से संबंधित स्थायी दिशा-निर्देशों के अनुसार मजिस्ट्रेट जांच भी कराई गई है।
पुलिस ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और चिकित्सकों का एक पैनल भी मामले की जांच कर रहा है। पुलिस अधीक्षक ने कहा, ‘‘डीएसपी मामले की जांच कर रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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