Supreme Court का निर्देश: दिल्ली में पैदल यात्रियों के लिए हो अतिक्रमण-मुक्त जगह
नयी दिल्ली, तीन अगस्त उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि जहां भी सड़क हो, वहां पैदल यात्रियों के लिए उचित रूप से चिह्नित और अतिक्रमण-मुक्त स्थान सुनिश्चित किया जाए। न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के. एम. नटराज से कहा कि वह संबंधित अधिकारियों को निर्देश दें कि पैदल यात्रियों के लिए निर्धारित स्थान पर किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं हो और उसे मोटर वाहनों के मार्ग से स्पष्ट रूप से अलग रखा जाए। पीठ ने कहा, ‘‘बिना किसी बड़े निवेश या निर्माण कार्य के भी यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि पैदल यात्रियों के लिए स्थान का स्पष्ट सीमांकन हो।
जहां भी सड़क है, वहां पैदल यात्रियों के लिए अलग जगह होनी चाहिए। इसे रस्सी या किसी अन्य साधन से चिह्नित किया जाए और यह सुनिश्चित हो कि वहां कोई अतिक्रमण नहीं हो।’’ पीठ ने उन्हें अधिकारियों को निर्देश देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया और इस बात पर जोर दिया कि पैदल यात्रियों को यह भरोसा होना चाहिए कि यह स्थान उनके लिए ही है और वे बिना किसी चलते वाहन के खतरे के स्वतंत्र रूप से चल सकते हैं। शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए दो सप्ताह बाद की तारीख तय की है।
शीर्ष अदालत ने 19 जून को एक अहम फैसले में कहा था कि सीमांकित फुटपाथ पर चलने का अधिकार एक मौलिक अधिकार है। अदालत ने कहा था कि सीमांकित मार्गों पर मोटर वाहनों के स्थान पर पैदल यात्रियों के अधिकार को प्राथमिकता दी जाएगी और यह अनुच्छेद 19 (1) (घ) के तहत गारंटीकृत आवागमन के अधिकार एवं अनुच्छेद 21 (जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार) सहित अन्य मौलिक अधिकारों का हिस्सा है।
असम Assam बाढ़: प्रभावित परिवारों को 75,000 रुपये की अंतरिम राहत की पहली किस्त जारी
गुवाहाटी, तीन अगस्त असम सरकार ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए सोमवार को लगभग 75,000 रुपये प्रति परिवार की अंतरिम राहत की पहली किस्त जारी की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ऊपरी असम में आई भीषण बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है।
रविवार को तीन और लोगों की मौत की पुष्टि हुई। इस बीच, बाढ़ प्रभावित लोगों की संख्या घटकर लगभग 1.35 लाख रह गई है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा सर्वाधिक प्रभावित जिलों के दौरे पर हैं, उन्होंने डिब्रूगढ़ से अंतरिम राहत की पहली किस्त जारी की।
अधिकारियों के अनुसार, शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों में जिन परिवारों के मकान गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें पहली किस्त के तहत 15,000 रुपये प्रति परिवार दिए जाएंगे। इसके अलावा अन्य सहायता भी प्रदान की जाएगी, जिससे कुल राहत राशि 75,000 रुपये प्रति परिवार होगी। मुख्यमंत्री सोमवार को शिवसागर जिले के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा करेंगे और बाढ़ प्रभावित लोगों से भी मुलाकात करेंगे।
रविवार को बाढ़ से तीन और लोगों की जान चली गई। ये तीनों शिवसागर जिले से हैं, जो मौजूदा बाढ़ की लहर में सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल है। राज्य के चराइदेव, धेमाजी, गोलाघाट, जोरहाट और शिवसागर जिलों में कुल 1,36,200 लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं।
शनिवार को इन पांच जिलों में लगभग 1.80 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित थे। इनमें शिवसागर सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां 55,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए। चराइदेव में लगभग 40,000 और जोरहाट में करीब 22,000 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
प्रशासन की ओर से पांचों जिलों में कुल 54 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां वर्तमान में 13,771 लोगों को आश्रय और सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। प्रभावित जिलों में 15,422 हेक्टेयर कृषि भूमि अब भी जलमग्न है। अधिकारियों ने बताया कि गोलाघाट जिले के नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
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