'अमिताभ बच्चन से मिलने आया हूं', 26/11 हमले के आतंकी अजमल कसाब ने किया था दावा, बिग बी ने कहा- 'घर आता तो गोली मार देता'
Amitabh Bachchan Reacted on Ajmal Kasab: 26 सिंतबर की तारीख को कोई भी इंडियन नहीं भूल सकता हैं. 26 सितंबर 2008 को आज से 18 साल पहले आंतकी अजमल कसाब ने मुंबई में हमला किया था. जिसमें कई लोगों की दुखद मृत्यु हुई थी. हाल ही में अजमल कसाब के खिलाफ केस लड़ने वाले वकील उज्ज्वल निकम ने खुलासा किया कि कसाब ने दावा किया था कि वह मुंबई में अमिताभ बच्चन से मिलने आया था. हाल ही में केबीसी 18 (KBC 18) के सेट पर पहुंचे वकील उज्ज्ल ने ये बात अमिताभ बच्चन को बताई तो बिग बी ने कहा कि अगर वो उनके घर आता तो उसे गोली मार देते.
उज्जवल निकम ने बताया कसाब के बारे में
कौन बनेगा करोड़पति 18 के लेटेस्ट एपिसोड में वकील उज्जवल निकम पहुंचे थे. इस स्पेशल एपिसोड में राजकुमार राव (Rajkumar Rao) और वामिका गब्बी भी शामिल हुए थे. ये तीनों अपनी आने वाली फिल्म ‘प्रहार: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्जवल निकम' को प्रोमोट करने शो पहुंचे थे. बातचीत के दौरान उज्जवल निकम ने अमिताभ बच्चन को बताया कि आतंकवादी कसाब ने उनका जिक्र किया था. उज्ज्वल निकम ने बताया कि आतंकवादी अजमल कसाब ने जांच एजेंसियों को गुमराह करने के लिए कहा था कि वह अमिताभ बच्चन से मिलने मुंबई आया था.
'मुझे घूर रहा था कसाब'
केबीसी के इस खास एपिसोड में 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के बारे में बात हुई. इस दौरान अमिताभ बच्चन ने वकील उज्ज्वल से पूछा कि अजमल कसाब को इतने समय तक क्यों रखा गया. एक्टर ने कहा, 'उसे वहीं गाड़ देना चाहिए था. इतना वक्त क्यों लगा?' इसके बाद उज्जवल निकम ने कसाब से अपनी पहली बातचीत के बारे में बताया. उन्होंने कहा, 'अजमल कसाब जब कोर्ट में आया तो वो मुझे घूर के देख रहा था, मैं उसे देख रहा था.' उन्होंने आगे कहा कि उसने अपनी पहचान और गलत बताकर और छुपाकर अथॉरिटी को गुमराह किया. उसने दावा किया कि पुलिस ने उसे 26/11 हमले के मामले में नहीं बल्कि 6 नवंबर को जुहू चौपाटी से गिरफ्तार किया था.
'घर आता तो गोली मार देता'
उज्जवल निकम ने बताया कि कसाब ने दावा किया था कि वो मुंबई अमिताभ बच्चन से मिलने आया था. उन्होंने कहा, 'आपको ताज्जुब होगा जो आगे उसने कहा था कि मैं तो अमिताभ जी को देखने के लिए आया था. ये सच में हुआ है.' अमिताभ ये सुनकर हैरान रह गए और उन्होंने तुरंत इसका जवाब दिया. उन्होंने कहा, नहीं नहीं, सर अगर वो आया होता तो वो हमारे घर से जाने वाला नहीं था. वहीं हम गोली मार देते उसे.'
सुनवाई के दौरान कसाब ने बोले थे कई झूठ
उज्ज्वल निकम के मुताबिक, आतंकी अजमल कसाब के मामले में उन्हें कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा था. उन्होंने कहा कि कसाब ने सुनवाई के दौरान कई बार झूठे दावे किए थे. उसने कहा था कि वो एक नाबालिग है और उसे RAW ने उसे गिरफ्तार कर लिया. उन्होंने कहा इसके बाद कसाब कि उम्र साबित करने को लेकर चुनौती खड़ी हुई क्योंकि आगे की कार्रवाई से पहले उसकी उम्र साबित करना जरूरी था. शो में अमिताभ बच्चन ने उज्ज्वल से पूछा कि क्या कसाब को इसका पहले से ज्ञान था? इस पर निकम ने कहा, 'बिल्कुल. कोर्ट में मैंने बाकायदा अल-कायदा का मैनुअल दिखाया था कि जांच एजेंसी को किस तरह गुमराह करना है.'
प्रहार में वकील के किरदार में नजर आएंगे राजकुमार
बता दें कि राज कुमार राव की ‘प्रहार: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्ज्वल निकम’ वकील उज्ज्वल निकम की लाइफ और उनके मुकदमों पर आधारित फिल्म है. इसमें राजकुमार राव उज्ज्वल निकम का किरदार निभा रहे हैं. इस फिल्म की कहानी 26/11 मुंबई आतंकी हमले के अजमल कसाब ट्रायल और 1993 बॉम्बे ब्लास्ट केस के इर्द-गिर्द घूमती है. ये फिल्म सिनेमाघरों में 16 अक्टूबर 2026 को रिलीज होगी.
खंडवा हादसा: पानी से भरी खदान में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान डूबे दो भाई, 5 घंटे के रेस्क्यू के बाद मिले शव
मध्य प्रदेश में गणेश विसर्जन उत्सव के दौरान कई जगहों पर खुशियां मातम और तनाव में बदल गईं. प्रदेश के तीन अलग-अलग शहरों—खंडवा, अशोकनगर और रायसेन—से आई तस्वीरें उत्सव के माहौल पर भारी पड़ीं. कहीं प्रशासन द्वारा तय न की गई जगह पर लापरवाही के कारण दो मासूमों की जान चली गई, तो कहीं डांस और आपसी रंजिश को लेकर लाठी-डंडे चल गए. खंडवा जिले के नहालता गांव के पास एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया. गांव के पास स्थित एक खदान में बारिश का पानी भरा हुआ था, जहां पांच बच्चे गणेश प्रतिमा के विसर्जन के लिए उतरे. पानी की गहराई का सही अंदाजा न होने के कारण बच्चे डूबने लगे. ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए तीन बच्चों को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन दो सगे भाई गहराइयों में समा गए.
मृतक बच्चों की पहचान विश्वास (17 वर्ष) और लक्ष्य (16 वर्ष) के रूप में हुई है, जो 10वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ते थे और स्थानीय भाजपा मंडल उपाध्यक्ष मोंटू ठाकुर के बेटे थे. होमगार्ड और ग्रामीणों के लगभग 5 घंटे से अधिक चले लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद देर रात दोनों भाइयों के शव बरामद किए गए. अधिकारियों के अनुसार, यह स्थान प्रशासन द्वारा निर्धारित विसर्जन स्थल नहीं था. अशोकनगर जिले के चंदेरी में पसियापुरी कोहली समाज द्वारा गणेश विसर्जन का चल समारोह निकाला जा रहा था. जैसे ही जुलूस दिल्ली दरवाजे के पास पहुंचा, कुछ अन्य लोग उसमें शामिल होकर डांस करने लगे. समिति के सदस्यों द्वारा आपत्ति जताए जाने पर तीखी बहस शुरू हो गई, जिसने जल्द ही हिंसक रूप ले लिया. झड़प में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया. इसके विरोध में आक्रोशित लोगों ने मुख्य मार्ग जाम कर दिया और चंदेरी थाने का घेराव कर हमलावरों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की. पुलिस अधिकारियों के समझाने और दो नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के बाद मामला शांत हुआ.
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