New Zealand को बड़ा झटका, चोट के कारण IND vs NZ T20 से बाहर हुए Rachin Ravindra
न्यूजीलैंड को भारत के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम के प्रमुख खिलाड़ी रचिन रवींद्र कंधे की चोट के कारण इस पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। रवींद्र को पिछले सप्ताह एक प्रचार कार्यक्रम के दौरान चोट लगी थी। उनकी चोट को ठीक होने में करीब छह सप्ताह लगने की उम्मीद है।
न्यूजीलैंड के मुख्य कोच रॉब वाल्टर ने रवींद्र के बाहर होने पर निराशा जताई है। उन्होंने कहा कि टीम के लिए रवींद्र की भूमिका आने वाले घरेलू सीजन में काफी अहम है। इसलिए उनके साथ जल्दबाजी नहीं की जाएगी। टीम को उम्मीद है कि वह चार नवंबर से शुरू होने वाली भारत के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज तक पूरी तरह फिट हो जाएंगे।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज की शुरुआत 22 अक्टूबर से क्राइस्टचर्च में होगी। इसके बाद दोनों टीमें पांच एकदिवसीय मैच और दो टेस्ट मैच भी खेलेंगी। यानी न्यूजीलैंड के लिए भारत का यह दौरा लंबे क्रिकेट कार्यक्रम की शुरुआत करने वाला है।
रवींद्र की जगह मध्य क्रम के बल्लेबाज बेवन जैकब्स को टीम में शामिल किया गया है। जैकब्स अब तक न्यूजीलैंड के लिए 11 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुके हैं। बांग्लादेश के खिलाफ अपने पिछले टी20 मुकाबले में उन्होंने नाबाद 62 रन बनाए थे। ऐसे में टीम प्रबंधन को उम्मीद होगी कि वह रवींद्र की गैरमौजूदगी में बल्लेबाजी क्रम को मजबूती दे सकें।
तेज गेंदबाजी विभाग में भी न्यूजीलैंड ने कई विकल्प रखे हैं। एडम मिल्न लंबे समय के बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के लिए तैयार हैं। उन्होंने एक साल से ज्यादा समय से इस प्रारूप में न्यूजीलैंड के लिए मुकाबला नहीं खेला है। उनके साथ लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, काइल जैमीसन, जैकब डफी, जैक फाउल्क्स और नाथन स्मिथ तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभालेंगे।
गौरतलब है कि बेन सियर्स को चोट के कारण टीम में जगह नहीं मिली है। वह टखने की चोट से उबर रहे हैं। न्यूजीलैंड के पास तेज गेंदबाजों का बड़ा समूह होने के कारण टीम प्रबंधन अलग-अलग खिलाड़ियों को मौका देकर उनके काम के बोझ को संभालने की तैयारी में है।
रॉब वाल्टर ने कहा है कि टीम की पहली प्राथमिकता मुकाबले जीतना और मैदान पर सबसे मजबूत संयोजन उतारना है, लेकिन आने वाले महीनों में क्रिकेट की व्यस्तता को भी ध्यान में रखना होगा। भारत के खिलाफ घरेलू सीरीज के बाद न्यूजीलैंड को ऑस्ट्रेलिया का दौरा करना है, जहां टीम चार टेस्ट मैच खेलेगी। इसके बाद अगले साल की शुरुआत में श्रीलंका के खिलाफ घरेलू मुकाबले होने हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार, न्यूजीलैंड इस पूरी टी20 सीरीज में अपने सभी 16 खिलाड़ियों का इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है। इसका मकसद खिलाड़ियों को लगातार मुकाबलों के दबाव से बचाना और लंबे सत्र के लिए उन्हें फिट रखना है।
बल्लेबाजी क्रम में फिन एलन और टिम सीफर्ट एक बार फिर पारी की शुरुआत करते नजर आ सकते हैं। दोनों खिलाड़ी टी20 विश्व कप के बाद पहली बार शीर्ष क्रम में साथ दिखाई देंगे। दोनों के पास न्यूजीलैंड क्रिकेट के साथ सीमित करार हैं और वे इस साल के अंत में बिग बैश लीग में भी खेलेंगे। इन दोनों की वापसी के कारण टिम रॉबिन्सन को टीम में जगह नहीं मिली है।
रॉब वाल्टर ने भारत के न्यूजीलैंड दौरे पर आने को लेकर भी उत्साह जताया है। उन्होंने भारत को मजबूत टीम बताते हुए कहा कि घरेलू परिस्थितियों में मौजूदा टी20 विश्व चैंपियन के खिलाफ खेलना न्यूजीलैंड के लिए बड़ी चुनौती होगी। उन्हें उम्मीद है कि मुकाबलों में बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचेंगे और सीरीज यादगार बनेगी।
बता दें कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में खेला जाएगा। इसके बाद पांच एकदिवसीय और दो टेस्ट मैच होंगे। न्यूजीलैंड की टी20 टीम की कमान मिशेल सैंटनर संभालेंगे और टीम में फिन एलन, माइकल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉनवे, जैकब डफी, लॉकी फर्ग्यूसन, जैक फाउल्क्स, मैट हेनरी, बेवन जैकब्स, काइल जैमीसन, एडम मिल्न, डेरिल मिशेल, ग्लेन फिलिप्स, टिम सीफर्ट और नाथन स्मिथ शामिल हैं।
दिल्ली के क्रिकेटर Vansh Bedi ने Match Fixing आरोपों को नकारा, CSK विवाद पर दी सफाई
दिल्ली के युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज वंश बेदी ने भारतीय क्रिकेट से जुड़े कथित मैच फिक्सिंग विवाद में अपना नाम सामने आने के बाद सफाई दी है। वंश बेदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि उनका नाम पूर्व रणजी ट्रॉफी क्रिकेटर रचित भाटिया के कथित स्टिंग अभियान में बताए गए चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाड़ी से जोड़ना पूरी तरह गलत है। उन्होंने इस तरह के दावों को झूठा और मानहानि करने वाला बताया है।
वंश बेदी ने अपने बयान में साफ कहा है कि वह उस खिलाड़ी नहीं हैं, जिसका कथित तौर पर रचित भाटिया ने जिक्र किया था। उन्होंने यह भी कहा कि कथित मैच फिक्सिंग या उससे जुड़ी किसी भी गतिविधि में उनकी कोई भूमिका नहीं है। बेदी के मुताबिक, उनके नाम को इन आरोपों से जोड़ने वालों के खिलाफ उनकी कानूनी टीम उचित सिविल और आपराधिक कार्रवाई कर रही है।
गौरतलब है कि यह विवाद रचित भाटिया से जुड़े एक कथित सिक्रेट अभियान के बाद चर्चा में आया है। इस दौरान भाटिया ने कथित तौर पर दावा किया था कि उन्हें वर्ष 2025 के आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स की संभावित अंतिम एकादश से जुड़ी अंदरूनी जानकारी मिलती थी। उनके अनुसार, यह जानकारी लंदन में मौजूद सट्टेबाजों तक स्नैपचैट के जरिए पहुंचाई जाती थी।
भाटिया ने कथित तौर पर यह भी दावा किया था कि उन्होंने पांच मुकाबलों में प्रत्येक से करीब 60 लाख रुपये कमाए थे। इस तरह उन्होंने कुल करीब तीन करोड़ रुपये की कमाई का दावा किया था। उनके कथित बयान में जानकारी देने वाले व्यक्ति को चेन्नई सुपर किंग्स से जुड़े एक दोस्त के तौर पर बताया गया था। हालांकि, सार्वजनिक रूप से सामने आई जानकारी में उस व्यक्ति का नाम वंश बेदी के रूप में घोषित नहीं किया गया था।
इसके बावजूद सोशल मीडिया पर बेदी का नाम चर्चा में आ गया। इसकी एक वजह यह रही कि वह वर्ष 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ जुड़े हुए थे। बाद में उन्होंने दिल्ली प्रीमियर लीग में सेंट्रल दिल्ली किंग्स का प्रतिनिधित्व किया। आईपीएल के दौरान टखने में चोट के कारण वह आगे के सत्र से बाहर भी हो गए थे। इन अलग-अलग घटनाओं को जोड़कर सोशल मीडिया पर उनके नाम को लेकर अटकलें लगाई जाने लगीं।
मौजूद जानकारी के अनुसार, कथित गुप्त अभियान में सेंट्रल दिल्ली किंग्स से जुड़े एक मामले का भी जिक्र हुआ था। इसमें दिल्ली प्रीमियर लीग के एक मुकाबले से पहले संभावित टीम संयोजन की जानकारी दिए जाने की बात कही गई थी। इसी चर्चा में वंश बेदी के नाम का संदर्भ आया था। हालांकि, इससे यह साबित नहीं होता है कि टीम से जुड़ी जानकारी उन्होंने ही उपलब्ध कराई थी।
दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ ने भी पूरे मामले को लेकर बीसीसीआई से मार्गदर्शन मांगा है। संघ की ओर से यह कहा गया है कि जांच पूरी होने से पहले किसी नतीजे पर पहुंचना उचित नहीं होगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी खिलाड़ी की गलती जांच में साबित होती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, मामले में एक अहम बात यह भी सामने आई है कि दिल्ली प्रीमियर लीग के पिछले सीजन के दौरान वंश बेदी ने कथित तौर पर खुद भ्रष्ट गतिविधि से जुड़े एक प्रस्ताव की जानकारी भ्रष्टाचार निरोधक अधिकारियों को दी थी। ऐसे में अब उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों और उनके द्वारा किए गए इस खंडन को लेकर जांच के तथ्यों का महत्व और बढ़ गया है।
बता दें कि फिलहाल बीसीसीआई की ओर से ऐसा कोई सार्वजनिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है, जिसमें वंश बेदी को कथित गतिविधियों में शामिल बताया गया हो। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों और किसी आधिकारिक जांच में सामने आए निष्कर्ष के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।
फिलहाल वंश बेदी की सफाई के बाद मामला इस सवाल पर टिक गया है कि उनके नाम को कथित विवाद से जोड़ने का ठोस आधार क्या है। जांच एजेंसियों या क्रिकेट अधिकारियों की ओर से आगे जो तथ्य सामने आते हैं, वही यह स्पष्ट कर पाएंगे कि कथित आरोपों में उनकी कोई भूमिका है या नहीं है।
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