Andhra Pradesh में गठबंधन राज में SC और BC वर्ग असुरक्षित, YSRCP ने साधा निशाना
YSRCP नेताओं ने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश की गठबंधन सरकार के तहत दलितों, गरीबों और समाज के कमजोर वर्गों के साथ भेदभाव और उनका दमन बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार की जन-विरोधी नीतियों के खिलाफ लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया। YSRCP नेता पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में महाकवि गुर्रम जशुवा और क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह की जयंती समारोह में बोल रहे थे। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इन दोनों महान हस्तियों को श्रद्धांजलि दी और सामाजिक न्याय, समानता और स्वतंत्रता में उनके योगदान को याद किया। YSRCP नेताओं ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार ने शिक्षा, कल्याण, राजनीतिक प्रतिनिधित्व, सामाजिक सम्मान और कमजोर व हाशिए पर रहने वाले समुदायों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी थी। उन्होंने मौजूदा सरकार की स्थिति की तुलना पिछली सरकार से करते हुए कहा कि दलितों, SC, BC और अल्पसंख्यकों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है और कानून-व्यवस्था बिगड़ गई है, जिसका असर खासकर महिलाओं और वंचित वर्गों पर पड़ रहा है।
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उन्होंने याद किया कि जशुवा ने छुआछूत, जाति-भेदभाव और सामाजिक अन्याय के खिलाफ़ साहित्य को एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया, जबकि भगत सिंह ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ़ संघर्ष में 23 साल की उम्र में अपनी जान दे दी। नेताओं ने कहा कि उनके आदर्श राजनीतिक और सामाजिक आंदोलनों को प्रेरित करते रहेंगे। नेताओं ने कहा कि YS राजशेखर रेड्डी और YS जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली YSRCP सरकारों ने कल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा और राजनीतिक सशक्तिकरण के ज़रिए वंचित समुदायों की स्थिति सुधारने का काम किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी सामाजिक समानता और कमज़ोर वर्गों के अधिकारों के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी। MLC लेल्ला अप्पी रेड्डी, पूर्व MP नंदीगम सुरेश, कोम्मूरी कनका राव, गुंडा सुरेंद्र, मनोहर रेड्डी, जल्ला सुदर्शन रेड्डी, पुट्टा शिवा शंकर, नालमारू चंद्रशेखर रेड्डी और पार्टी के अलग-अलग विंग्स के नेताओं ने इसमें हिस्सा लिया।
राज्यपाल, केंद्रीय मंत्री करेंगे दिव्यांग बच्चों के अभियान का श्रीगणेश, तरुण विजय की पहल
मोदी का सेवा संकल्प केवल शाब्दिक क्रिया नहीं बल्कि भावनात्मक धरातलीय सक्रियता है- यह कहते हुए पूर्व सांसद तरुण विजय ने दो दिवसीय दिव्यांग बच्चों के सहायता, उनका चिह्नीकरण (मैपिंग) और प्रधानाचार्य हेतु दिव्यांग मुद्दों की समझ का अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। 29 सितंबर को इसका उद्घाटन प्रदेश के राज्यपाल जनरल गुरमीत सिंह करेंगे तथा प्रदेश शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत और स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल सम्मिलित होकर सहयोग देंगे। 30 सितंबर को केंद्रीय सामाजिक सशक्तिकरण राज्य मंत्री रामदास आठवले दिल्ली से आयेंगे, जिनके साथ प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री खजान दास रहेंगे
तरुण विजय ने बाह की बीना दिव्यांग बच्चों- विशेषकर पठनीय अक्षमता (स्पेसिफिक लर्निंग डिसेबिलिटी) और ऑटिज़्म बहुत व्यापक एवं अचिह्नित रहते हैं आईडी कारण सरकार को उनके लिए विशेष योजनाएं बनानी में पर्याप्त आंकड़े नहीं होते। सामान्य विद्यालयों में केंद्रीय दिव्यांग अधिनियम लागू नहीं किया जाता। इन सब पर दो दिन विमर्श होगा तथा सरकार और समाज मिलकर इस ओर काम करेंगे। अपने किस्म का यह प्रदेश जा पहला दिव्यांग केंद्रित कार्यक्रम है जिसमें प्रधान मंत्री मोदी जी गहरी श्रद्धा और संवेदना है।
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