दिल्ली के क्रिकेटर Vansh Bedi ने Match Fixing आरोपों को नकारा, CSK विवाद पर दी सफाई
दिल्ली के युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज वंश बेदी ने भारतीय क्रिकेट से जुड़े कथित मैच फिक्सिंग विवाद में अपना नाम सामने आने के बाद सफाई दी है। वंश बेदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि उनका नाम पूर्व रणजी ट्रॉफी क्रिकेटर रचित भाटिया के कथित स्टिंग अभियान में बताए गए चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाड़ी से जोड़ना पूरी तरह गलत है। उन्होंने इस तरह के दावों को झूठा और मानहानि करने वाला बताया है।
वंश बेदी ने अपने बयान में साफ कहा है कि वह उस खिलाड़ी नहीं हैं, जिसका कथित तौर पर रचित भाटिया ने जिक्र किया था। उन्होंने यह भी कहा कि कथित मैच फिक्सिंग या उससे जुड़ी किसी भी गतिविधि में उनकी कोई भूमिका नहीं है। बेदी के मुताबिक, उनके नाम को इन आरोपों से जोड़ने वालों के खिलाफ उनकी कानूनी टीम उचित सिविल और आपराधिक कार्रवाई कर रही है।
गौरतलब है कि यह विवाद रचित भाटिया से जुड़े एक कथित सिक्रेट अभियान के बाद चर्चा में आया है। इस दौरान भाटिया ने कथित तौर पर दावा किया था कि उन्हें वर्ष 2025 के आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स की संभावित अंतिम एकादश से जुड़ी अंदरूनी जानकारी मिलती थी। उनके अनुसार, यह जानकारी लंदन में मौजूद सट्टेबाजों तक स्नैपचैट के जरिए पहुंचाई जाती थी।
भाटिया ने कथित तौर पर यह भी दावा किया था कि उन्होंने पांच मुकाबलों में प्रत्येक से करीब 60 लाख रुपये कमाए थे। इस तरह उन्होंने कुल करीब तीन करोड़ रुपये की कमाई का दावा किया था। उनके कथित बयान में जानकारी देने वाले व्यक्ति को चेन्नई सुपर किंग्स से जुड़े एक दोस्त के तौर पर बताया गया था। हालांकि, सार्वजनिक रूप से सामने आई जानकारी में उस व्यक्ति का नाम वंश बेदी के रूप में घोषित नहीं किया गया था।
इसके बावजूद सोशल मीडिया पर बेदी का नाम चर्चा में आ गया। इसकी एक वजह यह रही कि वह वर्ष 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ जुड़े हुए थे। बाद में उन्होंने दिल्ली प्रीमियर लीग में सेंट्रल दिल्ली किंग्स का प्रतिनिधित्व किया। आईपीएल के दौरान टखने में चोट के कारण वह आगे के सत्र से बाहर भी हो गए थे। इन अलग-अलग घटनाओं को जोड़कर सोशल मीडिया पर उनके नाम को लेकर अटकलें लगाई जाने लगीं।
मौजूद जानकारी के अनुसार, कथित गुप्त अभियान में सेंट्रल दिल्ली किंग्स से जुड़े एक मामले का भी जिक्र हुआ था। इसमें दिल्ली प्रीमियर लीग के एक मुकाबले से पहले संभावित टीम संयोजन की जानकारी दिए जाने की बात कही गई थी। इसी चर्चा में वंश बेदी के नाम का संदर्भ आया था। हालांकि, इससे यह साबित नहीं होता है कि टीम से जुड़ी जानकारी उन्होंने ही उपलब्ध कराई थी।
दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ ने भी पूरे मामले को लेकर बीसीसीआई से मार्गदर्शन मांगा है। संघ की ओर से यह कहा गया है कि जांच पूरी होने से पहले किसी नतीजे पर पहुंचना उचित नहीं होगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी खिलाड़ी की गलती जांच में साबित होती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, मामले में एक अहम बात यह भी सामने आई है कि दिल्ली प्रीमियर लीग के पिछले सीजन के दौरान वंश बेदी ने कथित तौर पर खुद भ्रष्ट गतिविधि से जुड़े एक प्रस्ताव की जानकारी भ्रष्टाचार निरोधक अधिकारियों को दी थी। ऐसे में अब उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों और उनके द्वारा किए गए इस खंडन को लेकर जांच के तथ्यों का महत्व और बढ़ गया है।
बता दें कि फिलहाल बीसीसीआई की ओर से ऐसा कोई सार्वजनिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है, जिसमें वंश बेदी को कथित गतिविधियों में शामिल बताया गया हो। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों और किसी आधिकारिक जांच में सामने आए निष्कर्ष के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।
फिलहाल वंश बेदी की सफाई के बाद मामला इस सवाल पर टिक गया है कि उनके नाम को कथित विवाद से जोड़ने का ठोस आधार क्या है। जांच एजेंसियों या क्रिकेट अधिकारियों की ओर से आगे जो तथ्य सामने आते हैं, वही यह स्पष्ट कर पाएंगे कि कथित आरोपों में उनकी कोई भूमिका है या नहीं है।
India और Japan के बीच रोमांचक Cricket मैच के बाद Sachin Tendulkar ने की जापानी टीम की तारीफ
बारिश के कारण जब भारत और जापान के बीच मुकाबला सिर्फ पांच-पांच ओवर का रह गया, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि मैच आखिरी गेंद तक इतना रोमांचक बना रहेगा। लेकिन जापान ने अपने प्रदर्शन से मुकाबले को एकतरफा होने से रोक दिया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पांच ओवर में चार विकेट खोकर 32 रन बनाए। जवाब में जापान की टीम तीन विकेट पर 30 रन तक पहुंच गई और आखिरी गेंद तक उसके पास मुकाबला जीतने का मौका बना रहा है।
इस नजदीकी मुकाबले ने जहां जापान में क्रिकेट के बढ़ते सफर की झलक दिखाई, वहीं महान भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का ध्यान मैदान के बाहर किए गए एक छोटे लेकिन खास प्रयास ने खींचा। उन्होंने जापान में दर्शकों को क्रिकेट समझाने के लिए अपनाए गए तरीके की तारीफ की है।
सचिन तेंदुलकर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि क्रिकेट को नए देशों और नए दर्शकों तक पहुंचते देखना अपने आप में खास अनुभव है। उन्होंने खास तौर पर इस बात का जिक्र किया कि मैच देखने पहुंचे लोगों को प्रवेश द्वार पर जापानी भाषा में क्रिकेट समझाने वाली जानकारी वाली किताबें दी गई थीं।
तेंदुलकर के मुताबिक, भारत और जापान को एक साथ खेलते देखना ही शानदार था, लेकिन दर्शकों को क्रिकेट समझने में मदद करने के लिए इस तरह की जानकारी देना उन्हें सबसे ज्यादा अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि हर क्रिकेट प्रेमी ने कभी न कभी पहली बार कोई क्रिकेट मैच देखा है और जापान में बड़ी संख्या में लोगों को अपना पहला क्रिकेट अनुभव मिलते देखना अच्छी बात है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, दर्शकों को दी गई इन किताबों में क्रिकेट के कई बुनियादी नियमों को आसान तरीके से समझाया गया था। इसमें मैदान की बनावट, खिलाड़ियों की अलग-अलग जगहें, रन बनाने का तरीका, बल्लेबाज के आउट होने के सामान्य तरीके और अंपायर के संकेतों के बारे में जानकारी दी गई थी।
इतना ही नहीं, किताब में स्कोरबोर्ड को समझाने की कोशिश भी की गई थी। इसमें रन, विकेट और ओवर जैसी जानकारियों को इस तरह समझाया गया था कि पहली बार क्रिकेट देखने वाला व्यक्ति भी मैच की स्थिति को आसानी से समझ सके। इसका मकसद यह था कि दर्शकों को खेल समझने के लिए केवल मैदान पर होने वाली गतिविधियों पर निर्भर न रहना पड़े।
गौरतलब है कि जापान में क्रिकेट अभी भारत जैसे देशों की तुलना में नया खेल है। ऐसे में नए दर्शकों को खेल के नियमों से परिचित कराना वहां क्रिकेट को बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा सकता है। भारत जैसे क्रिकेट खेलने वाले देश के खिलाफ मुकाबला जापानी दर्शकों के लिए इस खेल को करीब से समझने का अच्छा मौका भी बना है।
मैदान पर भी जापान ने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है। भारत जैसी अनुभवी टीम के सामने उसने आसानी से हथियार नहीं डाले। पहले भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाया और फिर लक्ष्य का पीछा करते हुए आखिरी गेंद तक मुकाबले में बना रहा है।
सचिन तेंदुलकर ने जापान की टीम के प्रदर्शन की भी सराहना की है। उन्होंने कहा कि जापान की टीम ने चुनौती स्वीकार करते हुए अच्छी लड़ाई लड़ी है। भारत ने आखिरकार दो रन से मुकाबला अपने नाम किया है, लेकिन जापान के लिए यह मैच अनुभव और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहा है।
बता दें कि क्रिकेट को दुनिया के नए हिस्सों तक पहुंचाने के लिए केवल खिलाड़ियों का मैदान पर उतरना ही काफी नहीं है। नए दर्शकों को खेल के नियम समझाना और उन्हें मुकाबले से जोड़ना भी उतना ही जरूरी है। जापान में दर्शकों के लिए तैयार की गई ये किताबें इसी दिशा में एक छोटा लेकिन असरदार प्रयास दिखाई देती हैं।
सचिन तेंदुलकर की प्रतिक्रिया ने इस पहल को और चर्चा में ला दिया है। भारत की जीत के साथ मुकाबला खत्म जरूर हुआ है, लेकिन जापान के लिए क्रिकेट से जुड़ने वाले नए दर्शकों और खिलाड़ियों की यह शुरुआत आगे के सफर में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi









