दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को किया बरी, बोले- 'सत्यमेव जयते'
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आज यानी 22 जनवरी को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को एक बड़ी कानूनी राहत दी है. अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पारस दलाल की अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा समन की कथित अवहेलना से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में सुनवाई करते हुए उन्हें पूरी तरह बरी कर दिया.
केजरीवाल ने क्या कहा?
अदालती फैसले के तुरंत बाद अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की. उन्होंने एक संक्षिप्त संदेश में 'सत्यमेव जयते' लिखा. केजरीवाल ने शुरू से ही इन मामलों में अपना रुख स्पष्ट रखा था कि वे कानून और संविधान का सम्मान करते हैं और अदालती प्रक्रिया में उनका पूर्ण विश्वास है.
ये भी पढ़ें- Gujarat News: वडोदरा में बूथ वालेंटियर्स सम्मेलन, अरविंद केजरीवाल बोले—2027 में गुजरात में बदलाव तय
सारे आरोप हुए खारिज
ये दोनों मामले ईडी द्वारा जारी किए गए समन का पालन न करने के आरोपों से संबंधित थे. लंबी कानूनी प्रक्रिया और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि ये आरोप न्यायिक कसौटी पर टिकने योग्य नहीं हैं. इस निर्णय को न्यायिक प्रक्रिया की जीत और कानून के शासन की मजबूती के तौर पर देखा जा रहा है.
न्यायपालिक पर पूरा भरोसा
इस फैसले के बाद आम आदमी पार्टी ने इसे पारदर्शिता और जवाबदेही की जीत बताया है. पार्टी का कहना है कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है. यह निर्णय न केवल कानूनी राहत है, बल्कि सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी के सिद्धांतों को भी मजबूती प्रदान करता है.
ये भी पढ़ें- आप सरकार ने पंजाब में हर परिवार के लिए 10 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की शुरुआत की
दावोस में जेलेंस्की से मिलकर ट्रंप ने कहा- जल्द खत्म हो युद्ध, अब पुतिन से मिलने की बारी
स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच अहम मुलाकात हुई. बैठक के बाद ट्रंप ने इसे अच्छी और सकारात्मक बातचीत बताया. हालांकि उन्होंने साफ तौर पर जेलेंस्की से जंग खत्म करने की बात कही. उन्होंने कहा कि वक्त आ गया है कि ये युद्ध खत्म हो जाना चाहिए क्योंकि ऐसा नहीं होता है तो ये गलत होगा.
करीब एक घंटे चली इस मुलाकात में रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने पर जोर दिया गया, हालांकि दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में हुई चर्चा के विस्तृत ब्योरे सार्वजनिक नहीं किए गए. बता दें कि इसके बाद अब ट्रंप की मुलाकात रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से होना है.
युद्ध खत्म होना जरूरी है-ट्रंप
मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध का अंत होना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में लगातार लोगों की जान जा रही है और यह स्थिति अब और नहीं चल सकती. ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका इस युद्ध को समाप्त कराने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है और उन्हें उम्मीद है कि इसका समाधान निकलेगा.
बंद कमरे की बातचीत पर चुप्पी
हालांकि ट्रंप ने यह स्पष्ट किया कि जेलेंस्की के साथ हुई निजी बैठक में हाल ही में गठित 'बोर्ड ऑफ पीस' को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई. वहीं यूक्रेनी राष्ट्रपति के संचार सलाहकार ने भी कहा कि बैठक रचनात्मक रही और दोनों नेताओं के बीच संवाद सकारात्मक माहौल में हुआ.
पुतिन के लिए ट्रंप का साफ संदेश
दावोस से रवाना होने से पहले ट्रंप ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए उनका संदेश बिल्कुल साफ है-यह युद्ध अब खत्म होना चाहिए। उन्होंने संकेत दिए कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पुतिन से मुलाकात करेगा और शांति वार्ता को आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी.
समझौते के 'काफी करीब' होने का दावा
डब्ल्यूईएफ को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि वह रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने के लिए एक समझौते के काफी करीब हैं. हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि शुरुआत में उन्हें लगा था कि यह मसला कुछ ही घंटों में सुलझ जाएगा, लेकिन वास्तविकता कहीं ज्यादा जटिल साबित हुई.
युद्ध को बताया 'खून-खराबा'
ट्रंप ने युद्ध को भयावह और खून-खराबा करार देते हुए कहा कि ड्रोन हमलों और सैन्य कार्रवाइयों में हर हफ्ते हजारों लोगों की जान जा रही है. उन्होंने जोर देकर कहा कि इतनी बड़ी मानवीय त्रासदी को रोका जाना चाहिए. ट्रंप के अनुसार, यूक्रेन और रूस के नेताओं के बीच गहरी नफरत समझौते को मुश्किल बना देती है, लेकिन फिर भी संतुलन बनाकर समाधान निकालना जरूरी है.
अब पुतिन से मुलाकात की तैयारी
ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक, अब अगला कदम रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात का है. ट्रंप ने कहा कि उनका लक्ष्य साफ है-युद्धविराम और शांति समझौता. उनका मानना है कि अगर यह युद्ध रुका, तो लाखों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं.
यह भी पढ़ें - चीन ने 'गाजा बोर्ड ऑफ पीस' को किया खारिज, अमेरिका के इनविटेशन पर दिया ये जवाब, जानें भारत का क्या है रुख
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation

















