दावोस में जेलेंस्की से मिलकर ट्रंप ने कहा- जल्द खत्म हो युद्ध, अब पुतिन से मिलने की बारी
स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच अहम मुलाकात हुई. बैठक के बाद ट्रंप ने इसे अच्छी और सकारात्मक बातचीत बताया. हालांकि उन्होंने साफ तौर पर जेलेंस्की से जंग खत्म करने की बात कही. उन्होंने कहा कि वक्त आ गया है कि ये युद्ध खत्म हो जाना चाहिए क्योंकि ऐसा नहीं होता है तो ये गलत होगा.
करीब एक घंटे चली इस मुलाकात में रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने पर जोर दिया गया, हालांकि दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में हुई चर्चा के विस्तृत ब्योरे सार्वजनिक नहीं किए गए. बता दें कि इसके बाद अब ट्रंप की मुलाकात रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से होना है.
युद्ध खत्म होना जरूरी है-ट्रंप
मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध का अंत होना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में लगातार लोगों की जान जा रही है और यह स्थिति अब और नहीं चल सकती. ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका इस युद्ध को समाप्त कराने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है और उन्हें उम्मीद है कि इसका समाधान निकलेगा.
बंद कमरे की बातचीत पर चुप्पी
हालांकि ट्रंप ने यह स्पष्ट किया कि जेलेंस्की के साथ हुई निजी बैठक में हाल ही में गठित 'बोर्ड ऑफ पीस' को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई. वहीं यूक्रेनी राष्ट्रपति के संचार सलाहकार ने भी कहा कि बैठक रचनात्मक रही और दोनों नेताओं के बीच संवाद सकारात्मक माहौल में हुआ.
पुतिन के लिए ट्रंप का साफ संदेश
दावोस से रवाना होने से पहले ट्रंप ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए उनका संदेश बिल्कुल साफ है-यह युद्ध अब खत्म होना चाहिए। उन्होंने संकेत दिए कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पुतिन से मुलाकात करेगा और शांति वार्ता को आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी.
समझौते के 'काफी करीब' होने का दावा
डब्ल्यूईएफ को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि वह रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने के लिए एक समझौते के काफी करीब हैं. हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि शुरुआत में उन्हें लगा था कि यह मसला कुछ ही घंटों में सुलझ जाएगा, लेकिन वास्तविकता कहीं ज्यादा जटिल साबित हुई.
युद्ध को बताया 'खून-खराबा'
ट्रंप ने युद्ध को भयावह और खून-खराबा करार देते हुए कहा कि ड्रोन हमलों और सैन्य कार्रवाइयों में हर हफ्ते हजारों लोगों की जान जा रही है. उन्होंने जोर देकर कहा कि इतनी बड़ी मानवीय त्रासदी को रोका जाना चाहिए. ट्रंप के अनुसार, यूक्रेन और रूस के नेताओं के बीच गहरी नफरत समझौते को मुश्किल बना देती है, लेकिन फिर भी संतुलन बनाकर समाधान निकालना जरूरी है.
अब पुतिन से मुलाकात की तैयारी
ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक, अब अगला कदम रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात का है. ट्रंप ने कहा कि उनका लक्ष्य साफ है-युद्धविराम और शांति समझौता. उनका मानना है कि अगर यह युद्ध रुका, तो लाखों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं.
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केंद्र सरकार ने ग्रामीण इलाकों में 10,000 किलोमीटर से अधिक की सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी
नई दिल्ली, 22 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV के तहत केंद्र सरकार ने ग्रामीण इलाकों में 10,000 किलोमीटर से अधिक की सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी। यह जानकारी ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से गुरुवार को दी गई।
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने बताया कि इससे अलग-थलग पड़े लगभग 3,270 बस्तियों को कनेक्टिविटी और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच प्राप्त होगी।
मंत्रालय ने बयान में कहा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV के तहत जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 10,000 किलोमीटर से अधिक की सड़क परियोजनाओं की मंजूरी दी गई है, जो विकसित भारत के लिए ग्रामीण विकास विभाग की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।
बयान में आगे कहा गया कि दूरस्थ पहाड़ियों से लेकर ग्रामीण समुदायों के मध्य तक फैली ये सड़कें मात्र अवसंरचना में सुधार का प्रतीक नहीं हैं; बल्कि ये प्रगति के लिए महत्वपूर्ण मार्ग हैं, जो अनेक अवसर खोलती हैं और समावेशी विकास को बढ़ावा देती हैं। इन सड़कों के निर्माण से लगभग 3,270 पहले से अलग-थलग पड़े क्षेत्रों को कनेक्टिविटी और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच मिलेगी। ऐसा अनुमान है कि स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और बेहतर आजीविका तक पहुंच प्रदान करके ये सड़कें ग्रामीण जीवन को गहराई से बदल देंगी और एक विकसित भारत की नींव को मजबूत करेंगी।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना–IV के तहत वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार मैदानी क्षेत्रों में 500 से अधिक, पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 250 से अधिक, विशेष श्रेणी के क्षेत्रों (जनजातीय अनुसूची V, आकांक्षी जिले/ब्लॉक, मरुस्थलीय क्षेत्र) में 25,000 असंबद्ध बस्तियों और वाम उग्रवाद से प्रभावित जिलों में 100 से अधिक आबादी वाली बस्तियों को कनेक्टिविटी प्रदान की जानी है।
इस योजना का उद्देश्य उन बस्तियों को 62,500 किलोमीटर लंबी, हर मौसम में उपयोग योग्य सड़कें उपलब्ध कराना है जो अभी तक आपस में जुड़ी नहीं हैं। इन सड़कों के साथ-साथ आवश्यक पुलों का निर्माण भी किया जाएगा।
--आईएएनएस
एबीएस/
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