अनंत चतुर्दशी पर इंदौर में पुलिस का सर्च ऑपरेशन, चाकू, गांजा और शराब के साथ 55 संदिग्धों पर की कार्रवाई
इंदौर में अनंत चतुर्दशी चल समारोह के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्राइम ब्रांच ने बड़ा चेकिंग अभियान चलाया। दरअसल 137 अधिकारी-कर्मचारियों की 7 टीमों ने जुलूस मार्ग और आसपास के इलाकों में करीब 1000 लोगों की जांच की। वहीं इस दौरान 55 संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए शराब, गांजा, चिलम, ई-सिगरेट और धारदार चाकू समेत कई सामान जब्त किए गए। पुलिस ने भीड़ में बाइक रेसिंग और मोबाइल स्केचिंग जैसी गतिविधियों पर भी कार्रवाई की।
वहीं पुलिस के अनुसार इस अभियान में करीब 1000 लोगों की चेकिंग की गई। जांच के दौरान 55 संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की गई। इनमें इंदौर के अलावा धार, देवास, भिंड, उत्तर प्रदेश और अन्य जिलों के लोग भी शामिल बताए गए हैं। कई मामलों में संबंधित थाना पुलिस ने आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
इंदौर क्राइम ब्रांच की चेकिंग में मिला ये सामान
वहीं क्राइम ब्रांच के अभियान में कई तरह की आपत्तिजनक और प्रतिबंधित सामग्री बरामद हुई। पुलिस के मुताबिक कुछ लोगों के पास से शराब, गांजा और चिलम मिली, जबकि कुछ मामलों में ई-सिगरेट भी जब्त की गई। इसके अलावा धारदार चाकू रखने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने भीड़ के बीच नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी नजर रखी। अधिकारियों के अनुसार कुछ युवक भीड़भाड़ वाले इलाके में मोटरसाइकिल से रेस लगा रहे थे जिनके खिलाफ कार्रवाई की गई। वहीं मोबाइल स्केचिंग से जुड़े मामलों में भी पुलिस ने संदिग्ध लोगों को पकड़ा।
पुलिस का कहना है कि त्योहार के दौरान ऐसी गतिविधियां लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं इसलिए मौके पर ही कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान टीमों ने लगातार निगरानी रखी जिससे जुलूस के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिली। क्राइम ब्रांच ने बताया कि कार्रवाई किए गए लोगों की उम्र 18 से 38 वर्ष के बीच है। जिन मामलों में गंभीर उल्लंघन पाया गया उन्हें संबंधित थानों को सौंपकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कराई गई।
7 टीमों ने पूरे जुलूस पर रखी नजर
दरअसल अनंत चतुर्दशी के जुलूस में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इसे देखते हुए इस बार भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए। क्राइम ब्रांच की 137 सदस्यीय टीम को अलग-अलग हिस्सों में तैनात किया गया, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। पुलिस के मुताबिक जुलूस मार्ग के अलावा आसपास की गलियों, चौराहों और भीड़ वाले स्थानों पर भी लगातार पेट्रोलिंग की गई। टीमों ने संदिग्ध वाहनों की जांच की और लोगों की तलाशी लेकर यह सुनिश्चित किया कि कोई प्रतिबंधित सामान लेकर जुलूस में शामिल न हो।
'अंपायर बनाया और भारत के चुनाव में मैच-फिक्सिंग की जिम्मेदारी सौंपी', CEC ज्ञानेश कुमार पर राहुल गांधी ने लगाए आरोप
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर "चुनाव में मैच-फिक्सिंग" का आरोप लगाया. राहुल गांधी ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा, CEC ने केरल के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन से BJP की ओर से चुनाव लड़ने के लिए संपर्क किया था. राहुल गांधी ने एक्स पर कहा, "पहले, ज्ञानेश कुमार- जो उस समय एक कार्यरत IAS अधिकारी थे- का इस्तेमाल BJP के लिए लोगों को भर्ती करने में किया गया.
मंत्री पद की पेशकश भी की
यह टिप्पणी कांग्रेस की केरल इकाई की ओर से X पर पोस्ट करने के बाद आई, जिसमें केरल के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन का कहना है कि ज्ञानेश कुमार ने उनसे संपर्क किया और BJP के टिकट पर चुनाव लड़ने को कहा, इसके साथ ही मंत्री पद की पेशकश भी की. ऐसी पेशकश करने वाले ज्ञानेश कुमार कौन थे? वे किसके कहने पर बोल रहे थे? और चुनाव आयुक्त 2016 में BJP के लिए राजनीतिक भर्ती में कथित तौर पर क्यों शामिल थे?"
First, Gyanesh Kumar - then a serving IAS officer - was used to recruit for the BJP.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 26, 2026
Then Modi and Shah made him the umpire and put him in charge of match-fixing India's elections. https://t.co/hvdhEfoVgg
थॉमसन ने किया ये दावा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, थॉमसन ने दावा किया कि 2016 में कुमार ने उनसे संपर्क किया और उन्हें भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने का सुझाव दिया. जिजी थॉमसन ने बताया कि CEC के साथ यह कथित बातचीत 2016 में दिल्ली जाने वाली एक फ्लाइट में हुई थी, जो उनके रिटायरमेंट के आस-पास का समय था. थॉमसन ने मीडिया को बताया, "उन्होंने (कुमार) मुझसे पूछा कि रिटायरमेंट के बाद मेरी क्या योजनाएं हैं. तो मैंने कहा, नहीं, मेरी कोई खास योजना नहीं है. मैं बच्चों का भविष्य बेहतर बनाने के लिए कोई प्रोग्राम शुरू करने के बारे में सोच रहा हूं . मैंने यही कहा. तो उन्होंने कहा, सबसे अच्छी बात यह है कि आप 2019 में चुनाव लड़ें, भाजपा उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ें. फिर सांसद बनें, फिर मंत्री बनें." उन्होंने यह ऑफर ठुकरा दिया था. थॉमसन ने बताया कि उस समय ज्ञानेश कुमार सरकारी सेवा में थे और उन्होंने कहा, "सेवा में राजनीतिक दखल की भी एक सीमा होती है."
दो चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति जताई
मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि SIR प्रक्रिया से जुड़े फैसलों पर तीन में से दो चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति जताई थी. रिपोर्ट में कहा गया था कि आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने अपनी जानकारी के बिना जारी किए गए फैसलों और आदेशों पर कई बार आपत्ति जताई थी. चुनाव आयोग (ECI) ने शनिवार को हालात स्पष्ट किया कि मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) के शेड्यूल से जुड़े सभी फैसले "आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी" से लिए गए थे. EC ने आगे कहा कि कैबिनेट सेक्रेटरी को भेजा गया पत्र डेप्युटेशन पर काम कर रहे एक अधिकारी के कामकाज से संबंधित था, न कि चुनाव आयोग के किसी नीतिगत मामले से.
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