अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच चल रहे तनाव और मिडिल ईस्ट में फैली अशांति के बीच दुनिया उस वक्त हैरान रह गई थी जब अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने संयुक्त अरब अमीरात यानी कि यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान दिल्ली पहुंच गए थे। इस खबर के सामने आते ही अमेरिका के वाशिंगटन से लेकर पाकिस्तान के इस्लामाबाद तक में जोरदार हड़कंप मच गया। ये दौरा ऐसे समय में हुआ जब खाड़ी देशों खासकर यूएई और सऊदी अरब के बीच तनाव बढ़ रहा है। साथ ही ईरान को लेकर क्षेत्रीय समीकरण भी बदल रहे हैं। लेकिन अब राष्ट्रपति अल नाहयान के दिल्ली दौरे के तीन दिन बाद यूएई से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ईरान के खिलाफ यूएस की बड़ी तैयारी कर ली है। ट्रंप ने यूएई में डेल्टा फोर्स को रवाना कर दिया है।
अगले 48 घंटे में खामनेई के किडनैपिंग से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ सकती है। जॉर्डन, क़तर में डेल्टा फोर्स की तैनाती कर दी गई है। यानी चारों तरफ से ईरान को घेरने की तैयारी ट्रंप कर रहे हैं।ट्रंप ने ईरान की घेराबंदी कर ली है। 25,000 जवानों को तैनात किया गया है। पूरे मिडिल ईस्ट में जहां-जहां यूएस मिलिट्री बेस है सबको एक्टिव कर दिया गया है और इस वक्त 25,000 जवानों की तैनाती के साथ ही ईरान की घेराबंदी ट्रंप ने कर दी है। कहा जा रहा था कि क्या ईरान पर अमेरिका का हमला टल चुका है। लेकिन ये तैयारी देखकर ऐसा लग नहीं रहा है। मादरो को ट्रंप की सेना ने किडनैप करके वहां से एक तरह से पूरा तख्ता पलट किया। वैसा ही कुछ ईरान में होगा क्या?
ईरान में हाल में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में 3,117 लोगों की मौत हुई है। सरकारी टेलीविजन ने यह जानकारी दी। यह पहली बार है जब ईरान ने आधिकारिक तौर पर मृतकों की संख्या बताई है। सरकारी टेलीविजन के मुताबिक देश में 28 दिसंबर को शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में 3,117 लोगों की मौत हुई है जबकि मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार हिंसा में 4,560 लोग मारे गए हैं। बुधवार रात को ‘मार्टियर्स फाउंडेशन’ द्वारा जारी एक बयान में मृतकों की संख्या बताई गई थी। इसमें बताया गया कि मृतकों में से 2,427 नागरिक और सुरक्षा बल के जवान थे। बाकी मृतकों के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई। अमेरिका स्थित एक मानवाधिकार एजेंसी ने बुधवार को मृतकों की संख्या 4,560 बताई। समाचार एजेंसी ‘एसोसिएटेड प्रेस’ स्वतंत्र रूप से मृतकों की संख्या का आकलन करने में असमर्थ रही है।
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