पाकिस्तान: बलूच छात्र संगठन ने सरकारी कर्मचारियों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा की
क्वेटा, 22 जनवरी (आईएएनएस)। बलूच स्टूडेंट्स एक्शन कमेटी (बीएसएसी) ने बलूचिस्तान ग्रैंड एलायंस के नेतृत्व में सरकारी कर्मचारियों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पाकिस्तानी पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। संगठन ने शिक्षकों, प्रोफेसरों और अन्य पेशेवरों की गिरफ्तारी को “बेहद चिंताजनक” बताया है।
यह प्रतिक्रिया उस घटना के बाद आई है, जब मंगलवार को बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में रेड ज़ोन में प्रस्तावित धरना रोकने के दौरान पुलिस ने दर्जनों सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया। कर्मचारी डिस्पैरिटी रिडक्शन अलाउंस लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
बीएसएसी ने अपने बयान में कहा, “सबसे निंदनीय कृत्य यह है कि सार्वजनिक धन से वेतन पाने वाले पुलिस अधिकारी एक प्रोफेसर को सड़क पर घसीटते हुए ले गए। यह शिक्षकों के सम्मान के खिलाफ एक शर्मनाक और अपमानजनक कार्य है। हम इस अनैतिक व्यवहार की न केवल निंदा करते हैं, बल्कि इसे शिक्षकों के अपमान की पराकाष्ठा मानते हैं।”
छात्र संगठन ने कहा कि बलूचिस्तान में अब अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण आवाज़ उठाना भी अपराध बन चुका है और लोगों को उन कृत्यों के लिए कठोर सज़ा झेलनी पड़ रही है, जो उन्होंने किए ही नहीं।
बीएसएसी ने कहा, “एक ओर सरकार बेहतर शासन, शैक्षणिक सुधार और पारदर्शी भर्ती की बात करती है, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों और कर्मचारियों के प्रति उसका अपमानजनक रवैया उसके ही दावों का खंडन करता है।”
हिंसा की निंदा करते हुए बीएसएसी ने पाकिस्तानी उच्च अधिकारियों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों को कड़ी सज़ा देने की मांग की है।
द बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान क्वेटा और आसपास के इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित कर दी गईं, जिससे व्यापक व्यवधान पैदा हुआ।
बलूचिस्तान भर से सरकारी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर क्वेटा पहुंचे थे। हालांकि, सोमवार देर रात जिला प्रशासन ने कंटेनर लगाकर प्रमुख प्रवेश मार्गों को बंद कर दिया और रेड ज़ोन को पूरी तरह सील कर दिया।
रास्ते बंद होने के बाद कर्मचारी क्वेटा प्रेस क्लब के बाहर एकत्र हुए, लेकिन पुलिस ने उन्हें प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी और मौके से दर्जनों लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारियों के विरोध में बलूचिस्तान ग्रैंड एलायंस ने “जेल भरो” आंदोलन की घोषणा की है। उल्लेखनीय है कि बलूचिस्तान में सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के प्रदर्शन लगातार जारी हैं और कई मानवाधिकार संगठनों ने पाकिस्तानी अधिकारियों की कथित कठोर कार्रवाई पर चिंता जताई है।
--आईएएनएस
डीएससी
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बांग्लादेश सरकार ने किया T20 वर्ल्डकप 2026 का बहिष्कार, अब ये टीम लेगी उनकी जगह?
T20 World Cup 2026: बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के बीच बीते कुछ दिनों से खींचतान चल रही थी. बीसीबी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए टी20 वर्ल्डकप 2026 में अपने मुकाबले भारत के बजाय श्रीलंका में करवाने की मांग की थी. लेकिन आईसीसी ने उनकी नहीं मानी, बांग्लादेश बोर्ड को आखिरी फैसला 21 जनवरी तक लेने को कहा गया. इसके चलते आज यानि 22 जनवरी को बांग्लादेश सरकार ने विश्वकप का बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया है.
बांग्लादेश नहीं खेलेगा T20 वर्ल्डकप 2026
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बांग्लादेश सरकार ने टी20 वर्ल्डकप 2026 का बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया है. बांग्लादेश के स्पोर्ट्स एड्वाइजर ने कहा है कि वह टी20 विश्वकप 2026 में खेलन चाहते हैं लेकिन सिर्फ इस शर्त पर कि उनके सभी मैच श्रीलंका में करवाए जाए. इससे पहले बीसीबी ने आयरलैंड से अपना ग्रुप स्विच करने का भी प्रस्ताव दिया था जो आईसीसी को नामंजूर था.
मीटिंग के बाद लिया फैसला
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के बीच कई दौर की बातचीत हुई. इसके बावजूद कोई नतीजा नहीं निकला, बीसीबी भारत में नहीं खेलने की जिद्द पर अड़ा था. उन्होंने अपने मुकाबले श्रीलंका में शिफ्ट करने की अर्जी दी, लेकिन आईसीसी ने उनकी मांग को खारिज कर दिया. बीते बुधवार यानि 21 जनवरी को आईसीसी की मीटिंग में सभी बोर्ड मेंबर्स के बीच वोटिंग हुई. जिसमें 14 वोट उनके खिलाफ दिए गए तो सिर्फ 2 ही उनके हित में थे.
???? BANGLADESH GOVERNMENT HAS ANNOUNCED THEIR TEAM TO BOYCOTTING T20 WORLD CUP 2026 ???? (Vikrant Gupta). pic.twitter.com/fymlP36Vdz
— Tanuj (@ImTanujSingh) January 22, 2026
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