दावोस में विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक के दौरान बोर्ड ऑफ पीस चार्टर की घोषणा करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि मध्य पूर्व में अब शांति है। उन्होंने आठ संघर्षों के समाधान के अपने दावे को दोहराते हुए संकेत दिया कि एक और समझौता जल्द ही हो सकता है। उनका इशारा रूस-यूक्रेन युद्ध की ओर था, जिसे उन्होंने शुरू में सरल समझा था, लेकिन जो अब तक का सबसे कठिन संघर्ष साबित हुआ है। ट्रम्प ने कहा कि पिछले महीने लगभग 29,000 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर सैनिक थे। उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत आगे बढ़ रही है, जो स्टीव विटकॉफ द्वारा पहले दिए गए बयान से मिलती-जुलती है। ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच पर अपने एक घंटे से अधिक के भाषण में कहा कि वह ग्रीनलैंड को अधिकार, स्वामित्व और मालिकाना हक सहित हासिल करना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने सैन्य उपयोग के मुद्दे पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि वह ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए बल का प्रयोग नहीं करेंगे। ट्रंप ने अपने भाषण के दौरान बार-बार अपने यूरोपीय सहयोगियों का मजाक उड़ाया और नाटो को संकेत दिया कि उसे अमेरिका के विस्तारवाद को नहीं रोकना चाहिए। ट्रंप ने कहा कि लोगों को लगा कि मैं बल का प्रयोग करूंगा, लेकिन मुझे बल का प्रयोग करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने आगे कहा मैं बल का प्रयोग नहीं करना चाहता। मैं बल का प्रयोग नहीं करूंगा।
शांति बोर्ड के एजेंडे में गाजा पर भी ध्यान केंद्रित करना शामिल है
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस बात की पुष्टि की कि शांति बोर्ड की शुरुआत गाजा पर ध्यान केंद्रित करने से होगी, लेकिन बाद में इसका दायरा वैश्विक स्तर पर बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि गाजा में सफलता मिलने के साथ ही हम अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार कर सकते हैं। हम गाजा में बहुत सफल होंगे। उन्होंने आगे कहा कि हम कई अन्य कार्य कर सकते हैं। एक बार यह बोर्ड पूरी तरह से गठित हो जाए, तो हम लगभग वह सब कुछ कर सकते हैं जो हम करना चाहते हैं। समझौते का समर्थन करने वाले देश बहरीन के शेख ईसा और मोरक्को के विदेश मंत्री नासिर बोरिता से शुरू करते हुए, दो-दो करके अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से चार्टर पर हस्ताक्षर करने के लिए संपर्क करते हैं। कुछ ही समय बाद, विश्व आर्थिक मंच के एक अधिकारी घोषणा करते हैं कि चार्टर आधिकारिक रूप से प्रभावी हो गया है और शांति बोर्ड एक औपचारिक अंतरराष्ट्रीय संगठन के रूप में स्थापित हो गया है। इसके बाद, हस्ताक्षर प्रक्रिया पूरी करने के लिए दो-दो करके अन्य नेता आगे आते हैं।
कान में फुसफुसाते नजर आए शहबाज
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की। इस दौरान, शहबाज शरीफ को ट्रंप के कान में कुछ फुसफुसाते हुए देखा गया। समाचार एजेंसी एएनआई ने ट्रंप और शहबाज की मुलाकात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। शहबाज शरीफ और डोनाल्ड ट्रंप एक-दूसरे से हाथ मिलाते नजर आते हैं। इसके बाद पाकिस्तानी पीएम ने ट्रंप के कान में कुछ कहा, जिसे पहले तो अमेरिकी राष्ट्रपति ने गंभीरता के साथ सुना और फिर हौंसला बढ़ाते हुए नजर आए। इसके बाद सामने बैठे व्यक्ति की ओर इशारा करने के बाद दोनों मुस्कुराने लगे।
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भारत के पूर्व कप्तान और स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा को क्रिकेट में उनके ‘‘अतुलनीय योगदान’’ और ‘‘अनुकरणीय नेतृत्व’’ के लिए शनिवार को यहां अजींक्या डीवाई पाटिल विश्वविद्यालय (एडीवाईपीयू) के दीक्षांत समारोह में मानद डॉक्टरेट (डी.लिट.) की उपाधि से सम्मानित किया जाएगा।
विश्वविद्यालय ने बुधवार को घोषणा की कि उसके ऐतिहासिक 10वें दीक्षांत समारोह में रोहित प्रमुख आकर्षण होंगे।
विश्वविद्यालय ने कहा, ‘‘प्रशंसक उन्हें क्रिकेट के हिटमैन के रूप में जानते हैं, लेकिन दीक्षांत समारोह रोहित शर्मा के लिए एक अलग तरह का मील का पत्थर है।
रोहित को इस समारोह में खेल जगत में उनके अद्वितीय योगदान और विश्व मंच पर उनके अनुकरणीय नेतृत्व के लिए मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया जाएगा।’’
टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके 38 वर्षीय रोहित अब भारत की तरफ से केवल वनडे क्रिकेट में ही खेलते हैं।
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