Responsive Scrollable Menu

भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा : आरबीआई

नई दिल्ली, 22 जनवरी (आईएएनएस)। वैश्विक अर्थव्यवस्था में उतार-चढ़ाव के बीच भारत की जीडीपी मजबूत बनी हुई है और यह विश्व की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनी रहेगी। यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से दी गई।

आरबीआई ने कहा कि देश ने बाहरी जोखिम को कम करने के लिए पिछले कुछ समय में तेजी से निर्यात का विविधीकरण किया है।

केंद्रीय बैंक ने मासिक बुलेटिन में कहा, वर्तमान में देश यूरोपीय संघ, खाड़ी सहयोग परिषद के देशों और संयुक्त राज्य अमेरिका सहित लगभग 50 देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 14 देशों या समूहों के साथ व्यापार वार्ता कर रहा है।

आरबीआई ने बुलेटिन में कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के पहले अग्रिम अनुमान दिखाते हैं कि चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल में देश की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है।

दिसंबर के लिए हाई-फ्रीक्वेंसी इंडीकेटर्स विकास की गति में निरंतर तेजी का संकेत देते हैं, साथ ही मांग की स्थिति भी सकारात्मक बनी हुई है।

आरबीआई की रिपोर्ट में कहा गया है, “दिसंबर में महंगाई दर में मामूली वृद्धि हुई, लेकिन यह निर्धारित सीमा से नीचे रही। पिछले एक वर्ष में वाणिज्यिक क्षेत्र में वित्तीय संसाधनों का प्रवाह बढ़ा है, जिसमें गैर-बैंक और बैंक दोनों स्रोतों का योगदान रहा है।”

दिसंबर में भारत ने न्यूजीलैंड और ओमान के साथ व्यापार वार्ता संपन्न की। वर्ष 2025 में कई महत्वपूर्ण आर्थिक सुधार भी हुए, जिनमें कर संरचनाओं का युक्तिकरण, श्रम बाजार सुधारों के लिए श्रम संहिता का कार्यान्वयन और वित्तीय क्षेत्र का उदारीकरण शामिल है। इन सभी से विकास की संभावनाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

भारतीय रिजर्व बैंक की भारत में बैंकिंग की प्रवृत्ति और प्रगति पर रिपोर्ट 2024-25 में बताया गया कि मजबूत पूंजी भंडार, बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता और अच्छे मुनाफे के चलते भारत का बैकिंग सिस्टम मजबूत बना हुआ है।

आरबीआई ने कहा, आगे चलकर, नवाचार और स्थिरता, उपभोक्ता संरक्षण और विनियमन एवं पर्यवेक्षण के प्रति विवेकपूर्ण दृष्टिकोण के बीच संतुलन बनाने पर केंद्रित नीति उत्पादकता बढ़ाने और दीर्घकालिक आर्थिक विकास को समर्थन देने में सहायक सिद्ध होगी।

--आईएएनएस

एबीएस/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

पाकिस्तान: बलूच छात्र संगठन ने सरकारी कर्मचारियों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा की

क्वेटा, 22 जनवरी (आईएएनएस)। बलूच स्टूडेंट्स एक्शन कमेटी (बीएसएसी) ने बलूचिस्तान ग्रैंड एलायंस के नेतृत्व में सरकारी कर्मचारियों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पाकिस्तानी पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। संगठन ने शिक्षकों, प्रोफेसरों और अन्य पेशेवरों की गिरफ्तारी को “बेहद चिंताजनक” बताया है।

यह प्रतिक्रिया उस घटना के बाद आई है, जब मंगलवार को बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में रेड ज़ोन में प्रस्तावित धरना रोकने के दौरान पुलिस ने दर्जनों सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया। कर्मचारी डिस्पैरिटी रिडक्शन अलाउंस लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।

बीएसएसी ने अपने बयान में कहा, “सबसे निंदनीय कृत्य यह है कि सार्वजनिक धन से वेतन पाने वाले पुलिस अधिकारी एक प्रोफेसर को सड़क पर घसीटते हुए ले गए। यह शिक्षकों के सम्मान के खिलाफ एक शर्मनाक और अपमानजनक कार्य है। हम इस अनैतिक व्यवहार की न केवल निंदा करते हैं, बल्कि इसे शिक्षकों के अपमान की पराकाष्ठा मानते हैं।”

छात्र संगठन ने कहा कि बलूचिस्तान में अब अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण आवाज़ उठाना भी अपराध बन चुका है और लोगों को उन कृत्यों के लिए कठोर सज़ा झेलनी पड़ रही है, जो उन्होंने किए ही नहीं।

बीएसएसी ने कहा, “एक ओर सरकार बेहतर शासन, शैक्षणिक सुधार और पारदर्शी भर्ती की बात करती है, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों और कर्मचारियों के प्रति उसका अपमानजनक रवैया उसके ही दावों का खंडन करता है।”

हिंसा की निंदा करते हुए बीएसएसी ने पाकिस्तानी उच्च अधिकारियों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों को कड़ी सज़ा देने की मांग की है।

द बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान क्वेटा और आसपास के इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित कर दी गईं, जिससे व्यापक व्यवधान पैदा हुआ।

बलूचिस्तान भर से सरकारी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर क्वेटा पहुंचे थे। हालांकि, सोमवार देर रात जिला प्रशासन ने कंटेनर लगाकर प्रमुख प्रवेश मार्गों को बंद कर दिया और रेड ज़ोन को पूरी तरह सील कर दिया।

रास्ते बंद होने के बाद कर्मचारी क्वेटा प्रेस क्लब के बाहर एकत्र हुए, लेकिन पुलिस ने उन्हें प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी और मौके से दर्जनों लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारियों के विरोध में बलूचिस्तान ग्रैंड एलायंस ने “जेल भरो” आंदोलन की घोषणा की है। उल्लेखनीय है कि बलूचिस्तान में सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के प्रदर्शन लगातार जारी हैं और कई मानवाधिकार संगठनों ने पाकिस्तानी अधिकारियों की कथित कठोर कार्रवाई पर चिंता जताई है।

--आईएएनएस

डीएससी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

सिक्योरिटी गार्ड पिता का बेटा बना स्टार क्रिकेटर, करोड़ों में नेटवर्थ, घुड़सवारी और तलवार घुमाना है शौक

Ravindra Jadeja net worth: रवींद्र जडेजा के क्रिकेट का सफर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है. पिता की सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी और मां की नर्स की ड्यूटी के बीच पले-बढ़े जडेजा ने अभावों को कभी अपने सपनों के आड़े नहीं आने दिया. आज उनकी करोड़ों की नेटवर्थ उनके उसी कड़े संघर्ष का फल है. जडेजा को प्यार से 'सर जडेजा' कहा जाता है. आज भारतीय क्रिकेट के सबसे अनमोल रत्नों में से एक हैं. लेकिन जामनगर के इस 'रॉयल नवघण' की सफलता की कहानी जितनी सुनहरी आज दिखती है, उसकी शुरुआत उतनी ही संघर्षपूर्ण और गरीबी से भरी थी। यह कहानी एक ऐसे लड़के की है जिसने सिक्योरिटी गार्ड की कोठरी से निकलकर करोड़ों के महल तक का सफर अपनी मेहनत और फौलादी इरादों से तय किया है. Thu, 22 Jan 2026 17:53:40 +0530

  Videos
See all

West Bengal Election 2026:Singur से PM Modi ने Mamata Banerjee को चुनौती दी?|Chakkar Chunav Ka EP 10 #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-22T12:41:26+00:00

ChakraView | Sumit Awasthi | Baba Bageshwar कर दी चार बच्चों की बात तो मच गया घमासान? #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-22T12:40:53+00:00

BMC BJP Mayor Latest News: बीएमसी में आरक्षण की लॉटरी जारी, अब बीजेपी का मेयर बनना तय ! | N18V #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-22T12:45:06+00:00

PM Modi ने सिंगूर पर साधा निशाना! #singur #mamatabanerjee #narendramodi #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-22T12:40:02+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers