विलेन को रिझाने के लिए जब नाची अप्सरा, बना 1975 की ब्लॉकबस्टर का हॉट मोमेंट, बदली आइटम सॉन्ग की परिभाषा
1975 की सुपरहिट फिल्म ‘शोले’ का आइकॉनिक आइटम सॉन्ग ‘महबूबा महबूबा’ आज भी दर्शकों के दिलों पर राज करता है. आर.डी. बर्मन की आवाज और म्यूजिक ने इस गीत को कालजयी बना दिया, वहीं हेलेन की अदाओं ने इसे आइटम सॉन्ग की नई पहचान दी. यह गाना उस दौर में आया, जब बॉलीवुड में आइटम नंबर का कॉन्सेप्ट शुरुआती दौर में था, लेकिन ‘महबूबा महबूबा’ ने ट्रेंड ही बदल दिया. गीत में हेलेन का रहस्यमयी डांस, दमदार बीट्स और आरडी बर्मन की अलग पहचान वाली गायकी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. दिलचस्प बात यह है कि यह गाना कहानी का हिस्सा होते हुए भी एक अलग पहचान बना बैठा. आज भी पार्टी प्लेलिस्ट से लेकर रेट्रो म्यूजिक शो तक, ‘महबूबा महबूबा’ की धुन सुनते ही माहौल बन जाता है. यह गाना न सिर्फ शोले की सफलता का अहम हिस्सा रहा, बल्कि 70s के आइटम सॉन्ग कल्चर की पहचान भी बन गया.
4.33 मिनट का सिर्फ गाना नहीं, बिछड़े प्रेमियों की चीख है ये धुन, किशोर कुमार ने 61 साल पहले गाया था यह कालजयी गीत
नई दिल्ली. 'मेरे महबूब कयामत होगी' भारतीय सिनेमा के सबसे सदाबहार गीतों में से एक है. यह गाना साल 1964 में आई फिल्म 'मिस्टर एक्स इन बॉम्बे' का है. इसे दिग्गज सिंगर किशोर कुमार ने अपनी मखमली और दर्दभरी आवाज से सजाया था. दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म में किशोर कुमार ने न सिर्फ गाना गाया, बल्कि लीड हीरो के तौर पर अभिनय भी किया था. इस कालजयी धुन को दिग्गज संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने तैयार किया था. गाने के गहरे और जज्बाती बोल आनंद बख्शी ने लिखे थे. यह गाना एक ऐसे प्रेमी की भावनाओं को दर्शाता है, जो बेवफाई और बिछड़न के दर्द में डूबा हुआ है. दशकों बीत जाने के बाद भी इस गाने का जादू कम नहीं हुआ है. आज भी जब हार्टब्रेक के गानों की बात होती है, तो यह गाना सबसे पहले जुबां पर आता है.
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