ठेठ देसी अंदाज में होंगी रेसलर दीपक की विवाह रस्में:7 दिन पहले बान होंगे, देसी घी का चूरमा परोसेंगे; मंगेतर UPSC की तैयारी कर रहीं
ओलिंपियन रेसलर दीपक पूनिया 3 फरवरी को विवाह बंधन में बंधने जा रहे हैं। उन्होंने ठेठ देसी अंदाज में शादी की रस्में निभाने का फैसला लिया है। सारी रस्में झज्जर के गांव छारा में होंगी। 7 दिन पहले बान बैठाएंगे। बिना दहेज शादी होगी। मेहमानों को भी देसी घी का चूरमा, दूध जलेबी जैसे व्यंजन परोसे जाएंगे। सारा खाना देसी घी में ही तैयार होगा। दीपक आर्मी में सूबेदार हैं। उनका रिश्ता पिता के पुराने दोस्त की बेटी शिवानी से तय हुआ। दोनों की रिंग सेरेमनी 28 सितंबर 2025 को हुई थी। रिंग सेरेमनी प्रोग्राम में सिर्फ दोनों परिवार और करीबी ही शामिल हुए। शिवानी UPSC की तैयारी कर रही हैं। उनका IAS अफसर बनने का सपना है। शिवानी और दीपक के पिता अच्छे दोस्त हैं। दोनों परिवारों ने दोस्ती को आगे बढ़ाते हुए दोनों बच्चों का रिश्ता तय किया। शादी समारोह में आने वाले मेहमानों में लंबी लिस्ट पहलवानों की ही है। इसलिए सारा खाना देसी घी में तैयार होगा। शुद्धता पर खास ध्यान होगा। अब जानिए…शादी में क्या 3 खास आकर्षण रहेंगे अखाड़े में ही हुई दोनों के पिता की हुई दोस्ती सुभाष पूनिया ने बताया कि अनूप सिंह प्रॉपर्टी का काम करते हैं। जब दीपक अखाड़े में प्रैक्टिस करने जाता था, वहीं अनूप सिंह से मुलाकात हुई। पहली बार 2020 में मिले। फिर दोस्ती हो गई। सुभाष बताते हैं-जब बेटे के लिए रिश्ते आने लगे तो मैंने अनूप से कहा कि अपना बेटा है, आपकी बेटी है, क्यों न दोस्ती को रिश्तेदारी में बदल लें। अनूप ने तुरंत हां कर दी। शिवानी एमए-बीएड, आगे भी तैयारी कर रहीं सूबेदार दीपक पूनिया की होने वाली पत्नी शिवानी ने रोहतक के जाट कॉलेज से इंग्लिश ऑनर्स से एमए किया है। इसके अलावा उन्होंने बीएड की। अब एमएड की तैयारी है। साथ ही UPSC की भी तैयारी है। सुभाष कहते हैं शिवानी हमारी बहू ही नहीं बेटी जैसी है, वो जितना चाहे पढ़े। शिवानी बोलीं- दोनों परिवारों की रजामंदी से हुआ रिश्ता रिंग सेरेमनी के बाद एक इंटरव्यू में शिवानी ने बताया कि उनका खेलों से कोई नाता नहीं रहा है। वह शुरू से ही पढ़ाई में ध्यान रखती आई हूं। अब उनका लक्ष्य IAS अफसर बनने का है। इसके लिए सेल्फ स्टडी कर रही हैं। मेरे पापा दीपक के पिता के साथ 5-6 साल से साथ में काम कर रहे हैं। दोनों परिवारों ने आपसी रजामंदी से यह रिश्ता हुआ। दीपक पूनिया का केतली पहलवान से ओलिंपियन तक का सफर जानिए… शादी के लिए PWL को छोड़ा पिता सुभाष पूनिया ने बताया कि दीपक को प्रो रेसलिंग लीग (PWL) में महाराष्ट्र की टीम में शामिल किया गया। दीपक पूनिया को ग्रेड ए के पहलवानों में शामिल किया गया। और बेस प्राइस 12 लाख रुपए रखा गया था। हालांकि दीपक पूनिया ने शादी के कारण इस लीग को नहीं खेला।
हिसार के पर्वतारोही का वर्ल्ड रिकॉर्ड:यूरोप की सबसे ऊंची चोटी पर बिना ऑक्सीजन 24 घंटे बिताए, 8 साल की मेहनत
हरियाणा के पर्वतारोही ने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस पर बिना ऑक्सीजन के 24 घंटे बिता दिए। हिसार के गांव मलापुर के रोहताश खिलेरी ने 18,510 फीट की ऊंचाई पर बिना किसी ऑक्सीजन सपोर्ट के लगातार 24 घंटे बिताने के बाद खुद वीडियो शूट किया। रोहताश ने दावा किया कि यह वर्ल्ड रिकॉर्ड है और वह ऐसा कारनामा करने वाले दुनिया के पहले इंसान हैं। वह 8 साल से पर्वतारोहण कर रहे हैं। 20 जनवरी को रोहताश जब माउंट एल्ब्रुस पर्वत पर थे, तब वहां का तापमान -40°C से -50°C तक था। 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही थी। बता दें कि रोहताश के पिता सुभाष चंद्र किसान हैं जबकि माता बंसी देवी गृहिणी हैं। 8 साल का कड़ा संघर्ष और 2 उंगलियों की कुर्बानी रोहताश ने सोशल मीडिया पर अपने एक्सप्रेशन शेयर करते हुए बताया कि यह जीत आसान नहीं थी। उनका यह सफर 2018 में शुरू हुआ था। 2020 में एक गाइड की जान बचाने के लिए उन्हें मिशन बीच में छोड़ना पड़ा और 2023 में खराब मौसम ने रास्ता रोका। इस ऐतिहासिक मिशन के दौरान रोहताश को फ्रॉस्ट बाइट का सामना करना पड़ा, जिसमें उन्होंने अपनी 2 उंगलियां गंवा दीं, लेकिन उनके हौसले नहीं डिगे। इससे पहले बाबू चिरी शेर्पा ने 1999 में माउंट एवरेस्ट के शिखर पर बिना ऑक्सीजन के 21 घंटे बिताए थे, जो कि एक विश्व रिकॉर्ड बना। मौत को मात देकर फहराया तिरंगा पर्वतारोही ने बताया कि शिखर पर स्थिति बेहद भयावह थी। तापमान -40°C से -50°C तक था। कोई भी साथी इतनी ठंड में साथ रुकने को तैयार नहीं था, रोहताश वहां अकेले डटे रहे। रोहताश ने अपनी इस कामयाबी को तिरंगे की शान और देशवासियों को समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि एवरेस्ट की ट्रेनिंग ने उन्हें इस जानलेवा ठंड में जीवित रहने और इतिहास रचने की ताकत दी। इंडिया बुक में रिकॉर्ड दर्ज कर चुके पर्वतारोही रोहताश खिलेरी का इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज हुआ है। रोहताश को डाक के माध्यम से सर्टिफिकेट मिले। रोहताश ने वर्ष 2021 में 21 मार्च को अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर 24 घंटे रुककर तिरंगा लहराया था, जोकि 5,895 मीटर ऊंची है। इसके आधार पर खिलेरी का इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज हुआ है। इसलिए खास है रोहताश की उपलब्धि... एल्ब्रुस पर सबसे ज्यादा चढ़ाई का रिकॉर्ड भी हरियाणवी के नाम 2 बार माउंट एवरेस्ट फतेह करने वाली संतोष यादव भी हरियाणवी हरियाणा की संतोष यादव ने 2 बार माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई की है। संतोष यादव ने साल 1992 में पहली बार माउंट एवरेस्ट को फतह किया। इसके बाद उन्होंने साल 1993 में वह दोबारा एवरेस्ट को फतह करने गईं और सफल रहीं। संतोष यादव ने दुनिया की पहली महिला होने का रिकॉर्ड कायम किया, जिन्होंने 8848 मीटर शिखर माउंट एवरेस्ट को 2 बार फतह किया हो। संतोष कांगशंग की तरफ से माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक चढ़ने वाली दुनिया की पहली महिला भी हैं।
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