U19 World Cup 2026 में धमाल मचाने वाले अभिज्ञान कुंडू का कौन है आइडल, जानिए नाम
U19 World Cup 2026: भारत के लिए आईसीसी मेंस अंडर-19 वनडे वर्ल्ड कप 2026 में अभिज्ञान कुंडू शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने अब तक खेले गए दो मैचों में बल्ले के साथ टीम इंडिया के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है और सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने हुए हैं. उन्होंने टीम के लिए तब योगदान दिया है, जब भारतीय टीम मुश्किल स्थिति में थी. अब उन्होंने अंडर-19 वर्ल्ड कप के दौरान एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने किसे अपना आइडल बताया है, आइए इस बारे में जानते हैं.
कुंडू ने किसे बताया अपना आइडल
अभिज्ञान कुंडू ने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी को अपना आइडल बताया है. कुंडू ने आईसीसी से बात करते हुए कहा, 'एमएस धोनी सर मेरे इंस्पिरेशन और आइडल हैं, जिस तरह से उन्होंने किसी भी सिचुएशन को शांत और कूल तरीके से हैंडल किया. वह बहुत इंस्पायरिंग है. मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है'.
Abhigyan Kundu said - "MS Dhoni sir is my Inspiration and Idol. The way he handled any situation with calm & Cool is very inspiring, I learnt a lot from him". (ICC). pic.twitter.com/A1Mx9MKTCQ
— Tanuj (@ImTanujSingh) January 21, 2026
कुंडू का वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन
कुंडू भी क्रिकेट के मैदान पर काफी शांत और कूल नजर आते हैं. वो प्रेशर समय में शानदार प्रदर्शन कर दिखाते हैं. इसके साथ ही वो अपने खेल से टीम को अच्छी स्थिति में भी पहुंचाते हैं. अभिज्ञान कुंडू ने अंडर-19 वर्ल्ड कप के 2 मैचों में अब तक 122 रन बनाए हैं. इस दौरान उनका औसत 122.00 का रहा है, जबकि उनका स्ट्राइक रेट 79.73 का रहा है. कुंडू ने इस दौरान 1 अर्धशतक भी लगाया है. उनके बल्ले से अब तक 9 चौके और 4 छक्के भी निकले हैं.
टीम इंडिया ने सुपर-8 में बनाई जगह
आपको बता दें कि, भारतीय क्रिकेट टीम ने अब तक अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में 2 मैच खेले हैं. इस दौरान उसे अपने दोनों मैचों में जीत मिली है. इन दो मैचों में जीत के साथ टीम इंडिया ने पहले से ही अपना स्थान सुपर-8 में सुरक्षित कर लिया है. अब टीम इंडिया आयुष म्हात्रे की कप्तानी में लगी स्टेज का अपना अंतिम मैच न्यूजीलैंड के साथ 24 जनवरी को बुलावायो में दोपहर 1 बजे से खेलती हुई नजर आएंगे.
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Atal Pension Yojana: केंद्रीय कैबिनेट का अटल पेंशन योजना को लेकर बड़ा फैसला, 2031 तक बढ़ी स्कीम की तारीख
Atal Pension Yojana: मोदी सरकार ने असंगठित और कम आय वर्ग के करोड़ों लोगों को राहत देते हुए अटल पेंशन योजना (APY) को 2030-31 तक जारी रखने का अहम फैसला लिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. यह निर्णय उन कामगारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जिनके पास रिटायरमेंट के बाद नियमित आय का कोई ठोस साधन नहीं होता. सरकार का यह कदम बुढ़ापे की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक निर्णायक पहल माना जा रहा है.
सरकारी सहयोग और फंडिंग जारी
कैबिनेट के फैसले के तहत अटल पेंशन योजना के लिए सरकारी सहयोग पहले की तरह जारी रहेगा. इसमें योजना के प्रचार-प्रसार, जागरूकता बढ़ाने, क्षमता निर्माण और प्रशासनिक विकास से जुड़ी गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता शामिल है. इसके अलावा, भविष्य में पेंशन भुगतान को सुचारु बनाए रखने के लिए गैप फंडिंग को भी मंजूरी दी गई है, ताकि योजना लंबे समय तक आर्थिक रूप से टिकाऊ बनी रहे और लाभार्थियों को किसी तरह की अनिश्चितता का सामना न करना पड़े.
गारंटीड मासिक पेंशन की सुविधा
अटल पेंशन योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को 60 वर्ष की आयु के बाद 1000 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक की गारंटीड मासिक पेंशन मिलती है. पेंशन की राशि व्यक्ति द्वारा किए गए मासिक योगदान पर निर्भर करती है. यह योजना खासतौर पर असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, दिहाड़ी मजदूरों, छोटे दुकानदारों, किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जिन्हें किसी अन्य औपचारिक पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल पाता.
वित्तीय समावेशन को बढ़ावा
सरकार का मानना है कि अटल पेंशन योजना न केवल बुढ़ापे में नियमित आय का सहारा देती है, बल्कि लोगों को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ने में भी अहम भूमिका निभाती है. इसी उद्देश्य से सरकार योजना की पहुंच बढ़ाने, सही जानकारी देने और अधिक से अधिक पात्र लोगों को इससे जोड़ने पर जोर दे रही है. कैबिनेट के अनुसार, योजना की सफलता के लिए सरकार का निरंतर समर्थन आवश्यक है.
पेंशनयुक्त समाज की दिशा में कदम
9 मई 2015 को शुरू की गई अटल पेंशन योजना का उद्देश्य देश में 'पेंशनयुक्त समाज' की नींव रखना है, जहां हर नागरिक रिटायरमेंट के बाद आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो सके. छोटे लेकिन नियमित योगदान के जरिए यह योजना लाखों लोगों को सुरक्षित भविष्य का भरोसा देती है.
बढ़ता जनविश्वास
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 19 जनवरी 2026 तक अटल पेंशन योजना से 8.66 करोड़ से अधिक लोग जुड़ चुके हैं. यह आंकड़ा योजना पर लोगों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है. कैबिनेट का ताजा फैसला साफ संकेत देता है कि सरकार सामाजिक सुरक्षा और बुढ़ापे की वित्तीय स्थिरता को लेकर अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत कर रही है.
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