केदारनाथ में 15.45 लाख लोगों ने फैलाया 250 टन कचरा:पिछले साल से 10.7 गुना ज्यादा; श्रद्धालुओं ने 12 टन कूड़ा ढोया
केदारनाथ धाम में 15.45 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने 156 दिन में 250 टन कचरा फैला दिया, जिसे साफ करने का काम जारी है। गौरीकुंड से लेकर केदारनाथ तक 16 किलोमीटर पैदल मार्ग में जगह-जगह प्लास्टिक की पन्नियां और खाने-पीने का सामान बिखरा नजर आ रहा है। यह कचरा 2025 की पूरी यात्रा अवधि में निकले 21.40 टन कचरे से 10.7 गुना से भी ज्यादा है। यह जानकारी केदारनाथ नगर पंचायत और सुलभ इंटरनेशनल ने दी है। हालात को देखते हुए 450 से ज्यादा कर्मचारियों को कूड़ा उठाने में लगाया गया है। इनमें सुलभ इंटरनेशनल, नगर पंचायत और जिला पंचायत के कर्मचारी शामिल हैं। यात्रा मार्ग पर 31 सुलभ शौचालय और 71 स्टील फ्रेम शौचालय संचालित किए जा रहे हैं। केदारनाथ तक 600 से ज्यादा डस्टबिन लगाए गए हैं। 2025 में 19.62 लाख भक्तों ने बाबा केदार के दर्शन किए थे। 'कूड़े को डिकंपोज करने की तैयारी' नगर पंचायत अधिकारी नीरज कुकरेती ने बताया कि मशीन से करीब 24 टन सूखे कचरे की सिल्लियां बनाई गई हैं, जिन्हें धाम से नीचे लाया जा रहा है। नगर पंचायत के मुताबिक, 2023 के मुकाबले करीब 54%, 2024 के मुकाबले 93% और 2025 के मुकाबले 1,069% ज्यादा कचरा निकल चुका है। इस साल अभी थोड़े कूड़े को डिकंपोज किया गया है। बाकी कूड़े को इकट्ठा किया गया है, जिसे डिकंपोज करने की तैयारी है। इससे होने वाली कमाई को नगर पंचायत की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर करने में खर्च किया जाएगा। बद्रीनाथ में कचरे से हुई थी 8.89 लाख रुपए की आय बद्रीनाथ धाम में 2025 यात्रा काल के दौरान नगर पंचायत ने 230 टन कचरे का निस्तारण कर 8.89 लाख रुपए की आय की थी। इसमें 133 टन सूखे कचरे के ब्लॉक बनाए गए, जबकि 97 टन गीले कचरे से कम्पोस्ट खाद तैयार की गई। पंचायत ने एमआरएफ सेंटर, कॉम्पेक्टर और ऑर्गेनिक वेस्ट कनवर्टर मशीन के जरिए कचरे का निस्तारण किया। कपाट बंद होने के बाद मंदिर परिसर, ब्रह्म कपाल, तप्त कुंड, मुख्य बाजार और झीलों के आसपास विशेष सफाई अभियान भी चलाया गया था। 19 अप्रैल से शुरू हुई थी चारधाम यात्रा चारधाम यात्रा की शुरूआत अक्षय तृतीया के दिन 19 अप्रैल को पहले गंगोत्री और फिर यमुनोत्री के कपाट खुलने से हुई थी। गंगोत्री में पहली पूजा पीएम मोदी के नाम की हुई थी, जिसमें सीएम पुष्कर सिंह धामी शामिल हुए थे। इसके 3 दिन बाद यानी 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुले थे। इसके एक दिन बाद यानी 23 अप्रैल को बद्रीनाथ के कपाट खुले थे। ----------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… केदारनाथ गर्भगृह की रील डाल रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स:मंदिर समिति अध्यक्ष बोले- VIDEO चिह्नित कर रहे, कार्रवाई करेंगे रुद्रप्रयाग स्थित केदारनाथ धाम के गर्भगृह की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं। अब इनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। बद्री-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि वीडियो को चिह्नित किया जा रहा है। (पढ़ें पूरी खबर)
चांदी ₹1,070 महंगी होकर ₹2.29 लाख किलो पर पहुंची:सोना आज ₹351 महंगा हुआ, साल के आखिर तक ₹1.80 लाख तक जा सकता है
सोने-चांदी के दाम में आज यानी 25 सितंबर को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन यानी IBJA के मुताबिक 10 ग्राम 24 कैरेट सोने के दाम 351 रुपए बढ़कर 1.51 लाख रुपए पर पहुंच गया है। एक किलो चांदी 1,070 रुपए महंगी होकर 2.29 लाख रुपए की हो गई है। कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया कहते हैं कि चीन और भारत सहित दुनियाभर के कई देशों के बैंक सोना खरीद रहे हैं। इसके अलावा फेस्टिवल सीजन भी शुरू हो गया है। इससे सोने की डिमांड बढ़ रही है। ऐसे में सोना इस साल के आखिर तक 1 लाख 80 हजार तक जा सकता है। वहीं चांदी भी 3 लाख रुपए किलो तक जा सकती है। इस साल सोना ₹18 हजार महंगा हुआ इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 19 हजार रुपए महंगा हो चुका है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.51 लाख रुपए पर है। वहीं चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.29 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। सोने में गोल्ड ETF के जरिए कम पैसों में कर सकते हैं निवेश गोल्ड ETF सोने के गिरते-चढ़ते भावों पर बेस्ड होते हैं। गोल्ड ETFs की खरीद-बिक्री शेयर की ही तरह BSE और NSE पर की जा सकती है। हालांकि, इसमें आपको सोना नहीं मिलता। आप जब इससे निकलना चाहें तब आपको उस समय के सोने के भाव के बराबर पैसा मिल जाएगा। इसमें 100 रुपए से भी कम में निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। इसमें कैसे कर सकते हैं निवेश? गोल्ड ETF खरीदने के लिए आपको अपने ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलना होता है। इसमें NSE पर उपलब्ध गोल्ड ETF के यूनिट आप खरीद सकते हैं और उसके बराबर की राशि आपके डीमैट अकाउंट से जुड़े बैंक अकाउंट से कट जाएगी। आपके डीमैट अकाउंट में ऑर्डर लगाने के दो दिन बाद गोल्ड ETF आपके अकाउंट में डिपॉजिट हो जाते हैं। ट्रेडिंग खाते के जरिए ही गोल्ड ETF को बेचा जाता है।
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