JK विधानसभा में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग:कांग्रेस विधायकों ने पोस्टर दिखाए, हंगामा; महाराष्ट्र SIR के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक पोस्टर लेकर पहुंचे। इन पर लिखा था कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें। उधर, महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दायर की गई हैं। इनमें SIR की संवैधानिक वैधता, प्रक्रिया और लागू करने के तरीके पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि 2 चुनाव आयुक्तों की आपत्ति के बावजूद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने SIR से जुड़े 14 आदेश जारी किए। इन आदेशों को रद्द करने और दर्ज आपत्तियों को सार्वजनिक करने की मांग की गई है। पूरा मामला समझें… दरअसल, द इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में SIR को लेकर कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज की। इनमें 4 आपत्तियां एक ही दिन की थीं। हालांकि, चुनाव आयोग ने कहा कि ऐसी आपत्तियां सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं और SIR समेत सभी अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। इसके बाद राहुल गांधी और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की थीं। CJP ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। वहीं, राहुल ने कहा था- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश ने वोट चोरी की है। वे देशद्रोही हैं। मैंने उनकी नियुक्ति का विरोध किया था, लेकिन सरकार ने मेरी बात नहीं मानी। बॉम्बे हाईकोर्ट में SIR के खिलाफ 2 याचिकाएं- पहली याचिका: चार महाराष्ट्र निवासियों और रजिस्टर्ड वोटर्स ने वकील असीम सरोदे के जरिए दायर की है। इसमें SIR के 14 आदेश रद्द करने, हटाए गए वोटर्स के नाम बहाल करने और नाम हटाने की जांच के लिए स्वतंत्र न्यायिक समिति बनाने की मांग है। साथ ही, SIR से जुड़े फैसले, बूथों के नियम और ECI-NET की तकनीकी जानकारी सार्वजनिक करने तथा नई वोटर लिस्ट बनने तक विधानसभा चुनाव रोकने की मांग की गई है। दूसरी याचिका: मुंबई के दो निवासियों ने वकील हितेंद्र गांधी के जरिए दायर की है। इसमें ASDD वोटर्स के नाम हटाने की प्रक्रिया और SIR के दौरान दस्तावेज जमा कराने के नियमों पर सवाल उठाए गए हैं। याचिका में SIR और ASDD की पहचान से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने, अप्रैल 2026 के प्रतिनिधित्व पर कार्रवाई और महाराष्ट्र से जुड़े SIR निर्देश रद्द करने की मांग है। याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा है कि नोटिस, सुनवाई और कारण बताए बिना किसी वोटर का नाम न हटाया जाए। पहली याचिका पर 28 सितंबर को सुनवाई के लिए उल्लेख किए जाने की संभावना है।
पीएम मोदी बोले- समाज के लिए काम करें:वोटबैंक की राजनीति के लिए नहीं, वाराणसी से वडनगर जा रहे बाइकर्स से बात की
दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से वडनगर जा रहे सेवा यात्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। उन्होंने कहा कि हम गांधी जी के जीवन की ओर देखते हैं, तो वे अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ने और आजादी का आंदोलन चलाने के साथ-साथ एक बड़े सामाजिक सुधारक भी थे। समाज में व्याप्त बुराइयों के खिलाफ उन्होंने हमेशा काम किया। इसलिए हमें भी समाज में निरंतर सुधार और सकारात्मक परिवर्तन के लिए काम करते रहना चाहिए, केवल वोटबैंक की राजनीति के लिए नहीं। दरअसल, दो बाइक रैलियों को 17 सितंबर को पीएम मोदी के 76वें जन्मदिन पर रवाना किया गया था। एक रैली उनके जन्मस्थान वडनगर से वाराणसी और दूसरी वाराणसी से वडनगर के लिए निकली है। दोनों यात्राएं 7 अक्टूबर को पूरी होंगी। ये रैलियां मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन को चिह्नित करने के लिए निकाली जा रही हैं। पीएम बोले- सेवा यात्राओं ने मेरे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, 5 बड़ी बातें… खबर लगातार अपडेट हो रही है…
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