संतों के अपमान के लिए माफी मांगे भाजपा सरकार: Ashok Gehlot
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से पुलिस के कथित दुर्व्यवहार की निंदा करते हुए मंगलवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार को संतों के इस अपमान के लिए माफी मांगनी चाहिए।
गहलोत ने कहा, “प्रयागराज जैसी पावन धरा पर, माघ मेले के दौरान पूज्य शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के साथ पुलिस के दुर्व्यवहार और उनका अन्न-जल त्यागकर धरने पर बैठना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण व निंदनीय है।”
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने ‘एक्स’ पर लिखा, “धर्म के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा सरकार के राज में अगर सर्वोच्च संतों का यह हाल है, तो यह घोर पाप है। सत्ता के अहंकार में प्रशासन द्वारा माफी मांगने के बजाय संत को ही नोटिस थमाना ‘विनाशकाले विपरीत बुद्धि’ का प्रमाण है।” गहलोत ने कहा कि भाजपा सरकार को संतों के इस अपमान के लिए तत्काल माफी मांगनी चाहिए।
राजस्थान पुलिस का बड़ा एक्शन! कंबोडिया से चल रहे 1100 करोड़ के साइबर घोटाले का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार
राजस्थान पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे एक बड़े साइबर धोखाधड़ी रैकेट को ध्वस्त करने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह गिरोह कंबोडिया से संचालित किया जा रहा था, जिसने निवेश और ट्रेडिंग के नाम पर देशभर के निर्दोष लोगों को अपना शिकार बनाया। पुलिस ने इस मामले में अब तक 6 भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की जांच जारी है।
कैसे काम करता था यह रैकेट?
पुलिस के अनुसार, भारत में मौजूद गिरोह के सदस्य स्थानीय स्तर पर सिम कार्ड खरीदते थे। इन सिम कार्ड्स को कंबोडिया भेजा जाता था, जहाँ बैठे चार मलेशियाई नागरिक इनका उपयोग फर्जी निवेश और ट्रेडिंग योजनाओं को चलाने के लिए करते थे। ये जालसाज लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर उनके साथ साइबर ठगी करते थे।
अधिकारियों ने बताया कि इस रैकेट में चार मलेशियाई नागरिक भी शामिल हैं, जिनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है। पुलिस ने कहा कि भारत में मौजूद गिरोह के सदस्यों ने इन मलेशियाई नागरिकों के लिए सिम कार्ड खरीदे थे, जिनका इस्तेमाल वे कंबोडिया से धोखाधड़ी वाली निवेश व ट्रेडिंग योजनाओं को चलाने के लिए करते थे।
जोधपुर पुलिस आयुक्त ओम प्रकाश के अनुसार, अब तक की जांच में पता चला कि लगभग 5,300 सिम कार्ड का इस्तेमाल 1,100 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम देने में किया गया था, जिसके शिकार 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, अब तक गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान प्रकाश भील, मोहम्मद शरीफ, हरीश मलाकर, रामावतार, हेमंत पंवार और संदीप भट्ट के रूप में हुई है जबकि राहुल झा समेत गिरोह के तीन सदस्यों की तलाश की जा रही है।
आयुक्त ने बताया कि इस रैकेट में शामिल चार मलेशियाई नागरिकों की पहचान ली जियान हुई, यू मिंग चिन, लो दी खेन और लियोन केन नेथ के रूप में हुई है। उन्होंने कहा, “हमने इनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया है और अन्य राज्यों की पुलिस के समन्वय से सभी 5,300 सिम कार्ड को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गिरफ्तार और वांछित आरोपी
पुलिस ने अब तक इस गिरोह के छह भारतीय सदस्यों को दबोच लिया है:
प्रकाश भील
मोहम्मद शरीफ
हरीश मलाकर
रामावतार
हेमंत पंवार
संदीप भट्ट
वांछित: राहुल झा समेत गिरोह के तीन अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और लुकआउट नोटिस
इस रैकेट में शामिल चार मलेशियाई नागरिकों की पहचान ली जियान हुई, यू मिंग चिन, लो दी खेन और लियोन केन नेथ के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर दिया है ताकि इन्हें देश छोड़ने से रोका जा सके या पकड़ा जा सके।
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