Responsive Scrollable Menu

वोटर लिस्ट पर बड़ा अपडेट, यूपी समेत 5 राज्यों में SSR करा सकता है चुनाव आयोग

आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच निर्वाचन आयोग अगले महीने यानी अक्टूबर में चुनावी राज्यों के लिए मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) का आदेश जारी कर सकता है. इस पुनरीक्षण प्रक्रिया में मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर शामिल हैं. इन राज्यों में होने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए 1 जनवरी 2027 को अर्हता तिथि माना जा सकता है. जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 21 के तहत होने वाली यह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करती है कि मतदान से पहले मतदाता सूची पूरी तरह से अपडेट और त्रुटिरहित हो.

एसआईआर और एसएसआर के बीच अंतर

मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग मुख्य रूप से दो प्रकार की प्रक्रियाओं का उपयोग करता है.. विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची की बेहद व्यापक और गहराई से जांच की जाती है. इसमें प्रत्येक मतदाता की पात्रता और विवरणों का घर-घर जाकर विस्तृत सत्यापन होता है, ताकि अयोग्य या फर्जी नामों को सूची से बाहर किया जा सके. इसके विपरीत, विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) का मुख्य उद्देश्य मौजूदा मतदाता सूची को अद्यतन करना होता है. इसके माध्यम से नए युवा मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं, जरूरी सुधार किए जाते हैं और पते में परिवर्तन जैसी सामान्य प्रविष्टियों को संशोधित किया जाता है.

ये भी पढ़ें: Breaking News Today Live Updates: देशभर में आज एक साथ गाया जाएगा वंदे मातरम्, 1 करोड़ से ज्यादा लोग लेंगे हिस्सा

देशव्यापी पुनरीक्षण न होने के कारण

फिलहाल पूरे देश में एक साथ एसएसआर कराने की संभावना बेहद कम नजर आ रही है. इसका एक प्रमुख कारण देश के 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जारी एसआईआर का तीसरा चरण है. इसके अलावा देश भर में चल रही जनगणना प्रक्रिया भी एक बड़ी वजह है. जनगणना का पहला चरण इस साल अप्रैल से सितंबर के बीच निर्धारित था, जबकि दूसरा चरण बर्फीले और दुर्गम क्षेत्रों में जारी है. इन व्यापक प्रशासनिक प्रक्रियाओं और संसाधनों की व्यस्तता को देखते हुए देशव्यापी पुनरीक्षण के बजाय केवल चुनावी राज्यों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है.

निर्वाचन आयोग में आंतरिक विचार-विमर्श

हाल की रिपोर्टों में यह बात सामने आई है कि आयोग के भीतर देशव्यापी पुनरीक्षण न कराने और एसआईआर के दौरान नाम हटाए जाने की प्रक्रिया को लेकर चर्चाएं हुई थीं. आयोग के सदस्यों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा प्रक्रियात्मक बिंदुओं पर अपनी राय रखे जाने की खबरें आई थीं. हालांकि, निर्वाचन आयोग ने इन खबरों पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि किसी भी लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्था में निर्णय लेने से पहले अलग-अलग राय आना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है. आयोग के अधिकारियों के अनुसार मतदाता सूचियों से जुड़े सभी अंतिम आदेश सर्वसम्मति से ही लिए गए हैं.

ये भी पढ़ें: UNGA में इजरायल पर घमासान, PM नेतन्याहू का संबोधन शुरू होने से पहले ही कई देशों ने किया वॉकआउट, मेयर ममदानी ने भी साधा निशाना

 

Continue reading on the app

ऐसे समझें अपनी हीमोग्लोबिन रिपोर्ट- ये सिर्फ एक नंबर नहीं, सेहत का बड़ा संकेत है

नई दिल्ली, 25 सितंबर (आईएएनएस)। हीमोग्लोबिन यानी एचबी रिपोर्ट में दर्ज एक संख्या भले ही छोटी लगे, लेकिन यह हमारे स्वास्थ्य के बारे में महत्वपूर्ण संकेत देती है। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाने वाला प्रोटीन है, जो शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। जब शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य से कम हो जाता है, तो इसे एनीमिया कहा जाता है।

एनीमिया में थकान, कमजोरी, चक्कर आना, सांस फूलना, सिरदर्द और काम करने में जल्दी थक जाने जैसी परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए अपनी एचबी रिपोर्ट को समझना और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि एनीमिया का स्तर हर उम्र और वर्ग में एक जैसा नहीं होता। बच्चों, महिलाओं, गर्भवती महिलाओं और पुरुषों के लिए हीमोग्लोबिन की सीमा अलग-अलग हो सकती है। 6 से 59 महीने के बच्चों में एचबी का स्तर 10 से 10.9 ग्राम/डेसीलीटर होने पर हल्का एनीमिया, 7 से 9.9 ग्राम/डेसीलीटर होने पर मध्यम और 7 ग्राम/डेसीलीटर से कम होने पर गंभीर एनीमिया माना जाता है। वहीं 5 से 11 वर्ष के बच्चों में 11 से 11.4 ग्राम/डेसीलीटर हल्का, 8 से 10.9 ग्राम/डेसीलीटर मध्यम और 8 ग्राम/डेसीलीटर से कम गंभीर एनीमिया का संकेत होता है।

इसी तरह 12 से 14 वर्ष के बच्चों में 11 से 11.9 ग्राम/डेसीलीटर एचबी हल्के एनीमिया, 8 से 10.9 ग्राम/डेसीलीटर मध्यम और 8 ग्राम/डेसीलीटर से कम गंभीर एनीमिया की श्रेणी में आता है। 15 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं में 11 से 11.9 ग्राम/डेसीलीटर हल्का, 8 से 10.9 ग्राम/डेसीलीटर मध्यम और 8 ग्राम/डेसीलीटर से कम गंभीर एनीमिया का संकेत माना जाता है।

गर्भवती महिलाओं के लिए एचबी की सीमा अलग होती है। 10 से 10.9 ग्राम/डेसीलीटर हल्का, 7 से 9.9 ग्राम/डेसीलीटर मध्यम और 7 ग्राम/डेसीलीटर से कम गंभीर एनीमिया की श्रेणी में आता है। वहीं 15 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पुरुषों में 11 से 12.9 ग्राम/डेसीलीटर हल्का, 8 से 10.9 ग्राम/डेसीलीटर मध्यम और 8 ग्राम/डेसीलीटर से कम गंभीर एनीमिया का संकेत हो सकता है।

हालांकि, केवल एचबी की संख्या देखकर खुद से दवा शुरू करना सही नहीं है। एनीमिया के पीछे आयरन की कमी, विटामिन की कमी, रक्तस्राव, संक्रमण या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए एचबी रिपोर्ट में स्तर कम आने पर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। साथ ही संतुलित आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, फलियां, आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आवश्यक सप्लीमेंट शामिल किए जा सकते हैं।

--आईएएनएस

पीआईएम/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

कमलजीत और सुरुचि ने रचा इतिहास, एशियन गेम्स में देश को दिलाया गोल्ड मेडल

एशियन गेम्स 2026 में भारत को दूसरा गोल्ड मेडल मिल गया है। शूटिंग में कमलजीत और सुरुचि ने सटीक निशाना लगाकर देश को एक और मेडल दिलाया है, जिसका रंग सुनहरा है। दोनों ने मिक्स्ड डबल्स 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में गोल्ड जीता है। Fri, 25 Sep 2026 09:28:18 +0530

  Videos
See all

PM Modi ने Varanasi से Vadnagar जा रहे Seva Yatris से की बात l Seva Yatra #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-25T04:36:07+00:00

PM Modi LIVE: PM Modi ने सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा यात्रियों से बातचीत की | Varanasi | Breaking #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-25T04:42:21+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers