UP में बनेगा देश का सबसे बड़ा AI डेटा हब, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
उत्तर प्रदेश लगातार विकास पथ पर आगे बढ़ रहा है. सीएम योगी ने कई ऐसी योजनाओं का संचालन किया है जो हर वर्ग को लाभान्वित करें. इसी कड़ी में रोजगार को लेकर भी कई तरह के निवेश किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में अब विश्व आर्थिक मंच (WEF) की दावोस बैठक में उत्तर प्रदेश को निवेश के मोर्चे पर बड़ी सफलता हाथ लगी है. उत्तर प्रदेश सरकार और एएम ग्रीन ग्रुप के बीच एक ऐतिहासिक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर हुए हैं. इस समझौते के तहत ग्रेटर नोएडा में एक गीगावॉट क्षमता का अत्याधुनिक कंप्यूट डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा, जो वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वर्कलोड्स को सेवाएं प्रदान करेगा. इसे प्रदेश को डेटा सेंटर और एआई हब बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है.
25 अरब डॉलर का मेगा निवेश
इस महत्वाकांक्षी परियोजना में लगभग 25 अरब अमेरिकी डॉलर, यानी करीब 2.25 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है. यह निवेश न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे भारत में अब तक के सबसे बड़े डेटा सेंटर निवेशों में शामिल होगा. यह परियोजना भारत सरकार के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन के अनुरूप मानी जा रही है, जिसमें डिजिटल इकोनॉमी और अत्याधुनिक तकनीक को विकास का आधार बनाया गया है.
चरणबद्ध तरीके से होगा विकास
एएम ग्रीन ग्रुप का यह एआई इंफ्रास्ट्रक्चर हब चरणों में विकसित किया जाएगा. परियोजना की पहली चरण की क्षमता 2028 तक शुरू होने की उम्मीद है, जबकि 2030 तक पूरे एक गीगावॉट क्षमता के साथ इसे पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके बाद यह केंद्र वैश्विक स्तर पर एआई कंप्यूटिंग की बड़ी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होगा.
एआई और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग को मिलेगा बढ़ावा
इस मेगा डेटा सेंटर में करीब 5 लाख अत्याधुनिक हाई-परफॉर्मेंस चिपसेट्स लगाए जाएंगे. ये चिपसेट्स हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC), मशीन लर्निंग और एडवांस्ड एआई एप्लिकेशंस को गति देंगे. यह सुविधा न केवल अंतरराष्ट्रीय हाइपरस्केल कंपनियों और रिसर्च लैब्स को सपोर्ट करेगी, बल्कि भारत की सॉवरेन एआई पहल को भी मजबूत बनाएगी. साथ ही, भारतीय डेवलपर्स को भी चिपसेट्स तक पहुंच मिलेगी, जिससे देश में एआई आधारित सॉल्यूशंस का इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो सकेगा.
ग्रीन एनर्जी और सतत विकास पर जोर
इस डेटा सेंटर को पूरी तरह 24x7 कार्बन-फ्री ग्रीन एनर्जी पर संचालित किया जाएगा. इसके लिए पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा और पंप्ड स्टोरेज जैसी स्वच्छ तकनीकों का इस्तेमाल होगा. इससे योगी सरकार की हरित ऊर्जा और सतत विकास नीति को नई मजबूती मिलेगी.
यूपी क्यों बना निवेशकों की पहली पसंद
प्रदेश सरकार की डेटा सेंटर पॉलिसी, मजबूत औद्योगिक कॉरिडोर, बेहतरीन सड़क और डिजिटल कनेक्टिविटी तथा निवेशक-अनुकूल माहौल ने एएम ग्रीन ग्रुप को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित किया. यह परियोजना न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को वैश्विक डिजिटल और एआई मैप पर एक मजबूत पहचान भी दिलाएगी.
बाजार की पाठशाला: एनएससी, एफडी या लंपसम- 1 लाख रुपए के निवेश से 5 साल में कहां मिलेगा ज्यादा रिटर्न? समझें पूरा गणित
मुंबई, 20 जनवरी (आईएएनएस)। यदि आपके पास एक लाख रुपए का बजट हो और 5 साल का समय हो, तो सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि यह पैसा आखिर कहां लगाएं ताकि उस पर अच्छा-खासा रिटर्न मिले और जोखिम भी कम रहे। कोई निवेशक पूरी सुरक्षा चाहता है, तो कोई ज्यादा मुनाफे के लिए थोड़ा जोखिम उठाने को भी तैयार रहता है। ऐसे में आमतौर पर तीन विकल्प सबसे ज्यादा चर्चा में रहते हैं—नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (एनएससी), फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी), और म्यूचुअल फंड में लंपसम निवेश। चलिए कैलकुलेशन के साथ समझते हैं कि 1 लाख रुपए के निवेश से 5 साल में कहां सबसे ज्यादा रिटर्न मिल सकता है।
बाजार के जानकारों के मुताबिक, सरकारी बचत योजनाओं में नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (एनएससी) को काफी सुरक्षित माना जाता है। यह स्कीम उन लोगों के लिए होती है जो किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहते हैं। एनएससी का टेन्योर 5 साल का होता है और फिलहाल इस पर करीब 7.7 प्रतिशत सालाना कंपाउंड ब्याज मिलता है। इसमें किए गए निवेश पर आयकर की धारा 80सी के तहत टैक्स छूट भी मिलती है। अगर आप 1 लाख रुपए एनएससी में निवेश करते हैं तो 5 साल बाद यह रकम करीब 1.44 लाख रुपए के आसपास हो सकती है। यानी रिटर्न तय है और पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है।
फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) भारतीय निवेशकों की सबसे पुरानी और भरोसेमंद पसंद रही है। पोस्ट ऑफिस एफडी में 5 साल के लिए करीब 7.5 प्रतिशत ब्याज मिलता है, जबकि बैंकों में यह दर आमतौर पर 6 से 6.5 प्रतिशत के बीच रहती है। एफडी में जोखिम बेहद कम होता है, लेकिन इसमें मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल होता है। अगर आप 1 लाख रुपए पोस्ट ऑफिस एफडी में 5 साल के लिए लगाते हैं तो मैच्योरिटी पर आपको करीब 1.45 लाख रुपए मिल सकते हैं। हालांकि, महंगाई को ध्यान में रखें तो एफडी का रियल रिटर्न थोड़ा कमजोर पड़ सकता है।
अगर आप थोड़ा जोखिम उठाने को तैयार हैं तो म्यूचुअल फंड में लंपसम निवेश एक बेहतर विकल्प हो सकता है। इसमें आप पूरी रकम एक साथ म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश करते हैं। 5 साल के निवेश पर इक्विटी म्यूचुअल फंड से औसतन करीब 12 प्रतिशत सालाना रिटर्न मिलने की उम्मीद की जाती है। हालांकि, यह पूरी तरह बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है। अगर 1 लाख रुपए को 12 प्रतिशत के अनुमानित रिटर्न के साथ 5 साल के लिए निवेश किया जाए तो यह रकम बढ़कर करीब 1.76 लाख रुपए हो सकती है। रिटर्न गारंटीड नहीं है, लेकिन मुनाफे की संभावना सबसे ज्यादा यहीं होती है।
जानकारों का कहना है कि अगर आपको पूरी सुरक्षा चाहिए तो एनएससी एक अच्छा विकल्प है। अगर आप सेफ्टी के साथ थोड़ी लिक्विडिटी चाहते हैं तो एफडी बेहतर मानी जा सकती है। वहीं, अगर आपका लक्ष्य ज्यादा रिटर्न है और आप बाजार के उतार-चढ़ाव को झेल सकते हैं तो म्यूचुअल फंड में लंपसम निवेश सबसे ज्यादा फायदा दे सकता है।
निवेश से पहले यह जरूर समझ लें कि सिर्फ रिटर्न देखना काफी नहीं होता। जोखिम, टैक्स और अपनी जरूरतों को ध्यान में रखकर ही फैसला लें। ट्रेंड देखकर निवेश करने की बजाय अपने फाइनेंशियल गोल के हिसाब से सही विकल्प चुनना ही समझदारी है।
--आईएएनएस
डीबीपी/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation

















