बाजार की पाठशाला: एनएससी, एफडी या लंपसम- 1 लाख रुपए के निवेश से 5 साल में कहां मिलेगा ज्यादा रिटर्न? समझें पूरा गणित
मुंबई, 20 जनवरी (आईएएनएस)। यदि आपके पास एक लाख रुपए का बजट हो और 5 साल का समय हो, तो सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि यह पैसा आखिर कहां लगाएं ताकि उस पर अच्छा-खासा रिटर्न मिले और जोखिम भी कम रहे। कोई निवेशक पूरी सुरक्षा चाहता है, तो कोई ज्यादा मुनाफे के लिए थोड़ा जोखिम उठाने को भी तैयार रहता है। ऐसे में आमतौर पर तीन विकल्प सबसे ज्यादा चर्चा में रहते हैं—नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (एनएससी), फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी), और म्यूचुअल फंड में लंपसम निवेश। चलिए कैलकुलेशन के साथ समझते हैं कि 1 लाख रुपए के निवेश से 5 साल में कहां सबसे ज्यादा रिटर्न मिल सकता है।
बाजार के जानकारों के मुताबिक, सरकारी बचत योजनाओं में नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (एनएससी) को काफी सुरक्षित माना जाता है। यह स्कीम उन लोगों के लिए होती है जो किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहते हैं। एनएससी का टेन्योर 5 साल का होता है और फिलहाल इस पर करीब 7.7 प्रतिशत सालाना कंपाउंड ब्याज मिलता है। इसमें किए गए निवेश पर आयकर की धारा 80सी के तहत टैक्स छूट भी मिलती है। अगर आप 1 लाख रुपए एनएससी में निवेश करते हैं तो 5 साल बाद यह रकम करीब 1.44 लाख रुपए के आसपास हो सकती है। यानी रिटर्न तय है और पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है।
फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) भारतीय निवेशकों की सबसे पुरानी और भरोसेमंद पसंद रही है। पोस्ट ऑफिस एफडी में 5 साल के लिए करीब 7.5 प्रतिशत ब्याज मिलता है, जबकि बैंकों में यह दर आमतौर पर 6 से 6.5 प्रतिशत के बीच रहती है। एफडी में जोखिम बेहद कम होता है, लेकिन इसमें मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल होता है। अगर आप 1 लाख रुपए पोस्ट ऑफिस एफडी में 5 साल के लिए लगाते हैं तो मैच्योरिटी पर आपको करीब 1.45 लाख रुपए मिल सकते हैं। हालांकि, महंगाई को ध्यान में रखें तो एफडी का रियल रिटर्न थोड़ा कमजोर पड़ सकता है।
अगर आप थोड़ा जोखिम उठाने को तैयार हैं तो म्यूचुअल फंड में लंपसम निवेश एक बेहतर विकल्प हो सकता है। इसमें आप पूरी रकम एक साथ म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश करते हैं। 5 साल के निवेश पर इक्विटी म्यूचुअल फंड से औसतन करीब 12 प्रतिशत सालाना रिटर्न मिलने की उम्मीद की जाती है। हालांकि, यह पूरी तरह बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है। अगर 1 लाख रुपए को 12 प्रतिशत के अनुमानित रिटर्न के साथ 5 साल के लिए निवेश किया जाए तो यह रकम बढ़कर करीब 1.76 लाख रुपए हो सकती है। रिटर्न गारंटीड नहीं है, लेकिन मुनाफे की संभावना सबसे ज्यादा यहीं होती है।
जानकारों का कहना है कि अगर आपको पूरी सुरक्षा चाहिए तो एनएससी एक अच्छा विकल्प है। अगर आप सेफ्टी के साथ थोड़ी लिक्विडिटी चाहते हैं तो एफडी बेहतर मानी जा सकती है। वहीं, अगर आपका लक्ष्य ज्यादा रिटर्न है और आप बाजार के उतार-चढ़ाव को झेल सकते हैं तो म्यूचुअल फंड में लंपसम निवेश सबसे ज्यादा फायदा दे सकता है।
निवेश से पहले यह जरूर समझ लें कि सिर्फ रिटर्न देखना काफी नहीं होता। जोखिम, टैक्स और अपनी जरूरतों को ध्यान में रखकर ही फैसला लें। ट्रेंड देखकर निवेश करने की बजाय अपने फाइनेंशियल गोल के हिसाब से सही विकल्प चुनना ही समझदारी है।
--आईएएनएस
डीबीपी/डीकेपी
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ग्रीनलैंड के अलावा इन दो देशों पर भी है ट्रंप की नजर, ट्रूथ पर दिखाया नया नक्शा
ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार अपना रुख साफ कर चुके हैं. वहीं यूरोप लगातार इसका विरोध भी कर रहा है. लेकिन इन सबके बीच क्या आप जानते हैं कि ट्रंप की नजर सिर्फ ग्रीनलैंड पर ही नहीं है बल्कि उनकी सीधे नजरें दो अन्य देशों पर भी हैं. ट्रंप के मुताबिक ये दो देश पहले भी अमेरिका का ही हिस्सा रह चुके हैं. खास बात यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसको लेकर ट्रूथ पर एक नक्शा भी दिखाया है. इस नक्शे ने यूरोप की चिंता बढ़ा दी है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने अमेरिका और यूरोप के रिश्तों में नई खटास पैदा कर दी है. ट्रंप ने अपने आधिकारिक ट्रुथ सोशल अकाउंट पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें ग्रीनलैंड, कनाडा और वेनेजुएला को अमेरिकी क्षेत्र के रूप में दिखाया गया है. बिना किसी कैप्शन के साझा की गई इस तस्वीर को यूरोपीय देशों ने बेहद आपत्तिजनक माना है और इसे ट्रंप की विस्तारवादी सोच का संकेत बताया जा रहा है.
एआई तस्वीर और विवादित मैप
तस्वीर में कनाडा और ग्रीनलैंड को अमेरिकी झंडे के लाल, सफेद और नीले रंगों में रंगा गया है. यह फोटो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार की गई बताई जा रही है और अगस्त 2025 की एक पुरानी तस्वीर का संशोधित रूप प्रतीत होती है, जिसमें ट्रंप यूरोपीय नेताओं के साथ यूक्रेन युद्ध पर चर्चा कर रहे थे. नए संस्करण में ट्रंप यूरोपीय नेताओं को अमेरिका का एक 'नया मैप' दिखाते नजर आ रहे हैं.
ग्रीनलैंड पर ट्रंप की जिद
ट्रंप लंबे समय से ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की बात कहते रहे हैं. उनका तर्क है कि आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है और इसे संतुलित करने के लिए ग्रीनलैंड का अमेरिकी नियंत्रण में होना जरूरी है. हाल ही में फ्लोरिडा में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, 'हमें ग्रीनलैंड लेना ही होगा. डेनमार्क अच्छे लोग हैं, लेकिन वे अपनी रक्षा नहीं कर सकते.'
दूसरी एआई तस्वीर से और बढ़ा विवाद
पहली तस्वीर के बाद ट्रंप ने एक और एआई जनरेटेड फोटो शेयर की, जिसमें वे जेडी वेंस और मार्को रुबियो के साथ ग्रीनलैंड में अमेरिकी झंडा लगाते दिखाई दे रहे हैं. इस पोस्ट ने यूरोपीय सहयोगियों की चिंता और बढ़ा दी है, खासकर डेनमार्क और फ्रांस में इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देखी जा रही है.
यूरोप की नाराजगी और मैक्रों की चैट
फ्रांस समेत कई यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड पर अमेरिकी दावे का खुलकर विरोध किया है. विवाद उस समय और बढ़ गया जब ट्रंप ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ हुई एक निजी चैट सार्वजनिक कर दी. चैट में मैक्रों ट्रंप से ग्रीनलैंड को लेकर अपनी जिद छोड़ने की अपील करते नजर आते हैं. हालांकि, फ्रांसीसी राष्ट्रपति कार्यालय ने इस पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन सूत्रों ने चैट को सही बताया है.
अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बेचैनी
ट्रंप की इन पोस्ट्स को सिर्फ सोशल मीडिया गतिविधि नहीं, बल्कि अमेरिका की संभावित भू-राजनीतिक रणनीति के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की हरकतें अमेरिका और उसके पारंपरिक यूरोपीय सहयोगियों के बीच भरोसे को कमजोर कर सकती हैं और आने वाले समय में वैश्विक राजनीति में नए तनाव पैदा कर सकती हैं.
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