Responsive Scrollable Menu

Greenland Dispute | घर में आग लगने के डर से क्या घर जला दें? ग्रीनलैंड को लेकर भिड़े अमेरिका-फ्रांस! उड़ाया Donald Trump का मजाक

अमेरिका और फ्रांस के बीच कूटनीतिक जंग अब खुले उपहास और आर्थिक धमकियों के स्तर पर पहुंच गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को नियंत्रण में लेने की महत्वाकांक्षा पर फ्रांस ने तीखा तंज कसते हुए वाशिंगटन की दलीलों को हास्यास्पद करार दिया है।

अमेरिका की दलील: "शांति के लिए कब्जा जरूरी"

विवाद तब गहराया जब अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने ट्रंप के ग्रीनलैंड मोह का बचाव किया। उन्होंने तर्क दिया कि भविष्य में आर्कटिक क्षेत्र में रूस से खतरा पैदा हो सकता है। बेसेन्ट ने कहा, "यूरोपीय देश कमजोरी दिखाते हैं, जबकि अमेरिका ताकत। अगर भविष्य में रूस ग्रीनलैंड पर हमला करता है, तो हमें युद्ध में घसीटा जाएगा। इसलिए बेहतर है कि इसे अभी अमेरिका का हिस्सा बना लिया जाए ताकि संघर्ष की नौबत ही न आए।"
 

इसे भी पढ़ें: Donald Trump को Norway का सीधा जवाब, 'नोबेल बांटना सरकार का काम नहीं, स्वतंत्र समिति ही तय करेगी हकदार'

 
 

घर में आग लगने के डर से क्या घर जला दें?

रविवार को एक इंटरव्यू में, बेसेंट ने ट्रंप के ग्रीनलैंड के मकसद का बचाव करते हुए कहा कि 79 साल के राष्ट्रपति आर्कटिक क्षेत्र में रूस से भविष्य के खतरों पर ध्यान दे रहे हैं। "आगे चलकर, आर्कटिक के लिए यह लड़ाई असली है... हम अपनी नाटो गारंटी बनाए रखेंगे। और अगर रूस या किसी दूसरे इलाके से ग्रीनलैंड पर हमला होता है, तो हम इसमें घसीटे जाएंगे।"

उन्होंने आगे कहा, "तो अभी बेहतर है, ताकत के ज़रिए शांति, इसे यूनाइटेड स्टेट्स का हिस्सा बना लें, और कोई टकराव नहीं होगा क्योंकि यूनाइटेड स्टेट्स अभी दुनिया का सबसे ताकतवर देश है। हम दुनिया के सबसे मज़बूत देश हैं। यूरोपीय कमज़ोरी दिखाते हैं। अमेरिका ताकत दिखाता है।"
 

इसे भी पढ़ें: कर्नाटक में मचा हड़कंप: पुलिस ऑफिस में 'रंगीनमिजाजी' का वीडियो वायरल, DGP लेवल के अधिकारी रामचंद्र राव सस्पेंड


इस पर फ्रांस की तरफ से तुरंत जवाब आया, जिसने कई मज़ाकिया ट्वीट किए। "अगर कभी आग लगती है, तो फायरफाइटर दखल देंगे - तो अभी ही घर जला देना बेहतर है। अगर कभी शार्क हमला कर सकती है, तो दखल देना होगा - तो अभी ही लाइफगार्ड को खा लेना बेहतर है। अगर कभी कोई दुर्घटना होती है, तो नुकसान होगा - तो अभी ही कार को टक्कर मार देना बेहतर है," फ्रेंच रिस्पॉन्स, जो फ्रेंच विदेश मंत्रालय का आधिकारिक रिस्पॉन्स अकाउंट है, ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म पर लिखा।

इस बीच, फ्रांस के वित्त मंत्री रोलैंड लेस्क्योर ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि ग्रीनलैंड पर कंट्रोल करने की कोई भी कोशिश EU और वाशिंगटन के बीच व्यापार और आर्थिक संबंधों को खतरे में डाल देगी, फाइनेंशियल टाइम्स ने रिपोर्ट किया। "ग्रीनलैंड एक संप्रभु देश का संप्रभु हिस्सा है जो EU का हिस्सा है। इसके साथ छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए," उन्होंने कहा, और बताया कि ऐसा ही संदेश उनके अमेरिकी समकक्ष बेसेंट को भी दिया गया था।

हालांकि, लेस्क्योर ने इस बात पर ज़ोर दिया कि दोनों पक्षों के बीच चल रहे तनाव के बावजूद, यूरोप को अपनी साझा प्राथमिकताओं पर अमेरिका के साथ मिलकर काम करने की ज़रूरत है, जैसे कि दुर्लभ पृथ्वी खनिजों के लिए चीन पर निर्भरता कम करने के लिए G7 में फ्रांस के नेतृत्व वाली पहल।

27 देशों वाले EU के अमेरिका के साथ अब तक के सबसे बड़े द्विपक्षीय व्यापार संबंध हैं, जिसमें वाशिंगटन इस ब्लॉक का सबसे बड़ा निर्यात बाज़ार है। ग्रीनलैंड को लेकर तनाव के बीच, ट्रंप ने हाल ही में 1 फरवरी, 2026 से डेनमार्क और फ्रांस सहित कई यूरोपीय देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है। 79 वर्षीय ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि अगर ग्रीनलैंड पर किसी समझौते पर सहमति नहीं बनी, तो 1 जून से टैरिफ बढ़कर 25 प्रतिशत हो जाएगा। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अमेरिका सदियों से यूरोपीय देशों को "सब्सिडी" दे रहा है, और अब डेनमार्क को वापस देने का समय आ गया है, क्योंकि "दुनिया की शांति दांव पर है"।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया कि "कोई धमकी या दबाव" EU को "न तो यूक्रेन में, न ग्रीनलैंड में, और न ही दुनिया में कहीं और" प्रभावित करेगा। आठ यूरोपीय देशों के एक संयुक्त बयान में आगे कहा गया कि वे "डेनमार्क साम्राज्य और ग्रीनलैंड के लोगों के साथ पूरी एकजुटता से खड़े हैं"।

इसके अलावा, टैरिफ के बाद EU अपने सबसे शक्तिशाली व्यापार जवाबी कार्रवाई उपकरण – तथाकथित 'ट्रेड बज़ूका' – के इस्तेमाल पर विचार कर रहा है। इसकी घोषणा मैक्रों ने आपातकालीन बातचीत के बाद की। 'ट्रेड बज़ूका' एंटी-कोर्सियन इंस्ट्रूमेंट (ACI) को संदर्भित करता है, जो एक ऐसा तंत्र है जिसका उद्देश्य गैर-ब्लॉक देशों के आर्थिक दबाव के खिलाफ अपने हितों की रक्षा करने के लिए EU की क्षमता को बढ़ाना है।
 

आर्थिक युद्ध की आहट: 'ट्रेड बजूका' बनाम 'टैरिफ'

ग्रीनलैंड को लेकर छिड़ी इस जंग ने अब व्यापारिक रिश्तों में कड़वाहट घोल दी है:

ट्रंप की धमकी: ट्रंप ने डेनमार्क और फ्रांस समेत कई यूरोपीय देशों पर 10% टैरिफ लगाने की घोषणा की है, जो 1 फरवरी 2026 से लागू होगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ग्रीनलैंड पर समझौता नहीं हुआ, तो 1 जून से इसे बढ़ाकर 25% कर दिया जाएगा।

फ्रांस की चेतावनी: फ्रांस के वित्त मंत्री रोलैंड लेस्क्योर ने साफ कहा है कि ग्रीनलैंड एक संप्रभु देश (डेनमार्क) का हिस्सा है और इसके साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

यूरोपीय संघ का 'बजूका': इमैनुएल मैक्रों ने आपातकालीन वार्ता के बाद 'एंटी-कोअर्सन इंस्ट्रूमेंट' (ACI) यानी 'ट्रेड बजूका' चलाने के संकेत दिए हैं। यह एक ऐसा हथियार है जिससे यूरोपीय संघ आर्थिक दबाव बनाने वाले देशों (जैसे अमेरिका) के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करता है। 

Continue reading on the app

अजमेर में ग्रेड-थर्ड टीचर एग्जाम जारी, चेकिंग कर दी एन्ट्री:RPSC के असिस्टेंट प्रोफेसर एग्जाम की मॉडल आंसर-की पर कल से दर्ज कराएं आपत्ति

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से ग्रेड थर्ड टीचर एग्जाम चौथे दिन मंगलवार को भी जारी है। पहली पारी में चेकिंग कर एक घंटे पहले नौ बजे तक सेंटर पर एंट्री दी गई। इस दौरान शूज व मौजे खुलवाकर भी चेक किया। सेंटर पर कैंडिडेट्स को जानकारी देने के लिए माइक भी लगाए और अनाउंस किया। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त रहे। पहली पारी के लिए 3 सेंटर पर 669 कैंडिडेट्स रजिस्टर्ड है। दूसरी पारी की परीक्षा 04 सेंटर पर होगी। 1008 कैंडिडेट्स शामिल होंगे। सीसीटीवी कैमरे लगाए कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर की ओर से अधिकृत फर्म ने सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। फर्म ही हैंडहेल्ड मेटल डिटेक्टर (एचएचएमडी) से तलाशी और बायोमेट्रिक व्यवस्था संभाली। निगरानी के लिए सतर्कता दल गठित किए गए हैं, जिसमें प्रत्येक दल में एक आरएएस अधिकारी, एक आरपीएस अधिकारी और एक शिक्षा विभाग का अधिकारी शामिल है। सावित्री स्कूल, जेल तिराहा, कलेक्ट्रेट के बाहर, रोडवेज बस स्टेंड और सेशन कोर्ट के बाहर ट्रैफिक का अतिरिक्त जाप्ता लगाया गया है। इसके अलावा रोडवेज बसों की एक्स्ट्रा व्यवस्था की गई है। ......... असिस्टेंट प्रोफेसर एग्जाम के 8 सब्जेक्ट की मॉडल आंसर-की जारी अजमेर.राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा सहायक आचार्य (कॉलेज शिक्षा विभाग) परीक्षा-2025 के अंतर्गत फिलासफी, टेक्सटाइल डाइंग एंड पेंटिंग, ज्योग्राफी, एबीएसटी, सोशियोलॉजी, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, ड्राइंग एंड पेंटिंग, तथा स्टेटिस्टिक्स विषय की मॉडल उतरकुंजियाँ आयोग की वेबसाइट पर जारी कर दी गई हैं। इस संबंध में विस्तृत सूचना आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। आयोग के मुख्य परीक्षा नियंत्रक आशुतोष गुप्ता ने बताया कि उक्त विषयों की परीक्षा का आयोजन 16 से 19 दिसंबर 2025 तक किया गया था। यदि किसी भी अभ्यर्थी को इन मॉडल उतरकुंजियाँ पर कोई आपत्ति हो तो निर्धारित शुल्क के साथ 21 से 23 जनवरी 2026 को रात्रि 12:00 बजे तक अपनी आपत्ति ऑनलाईन दर्ज करवा सकता है। इसके लिए प्रति आपत्ति शुल्क 100 रुपए है। मॉडल प्रश्न-पत्र आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध आपत्तियां आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध मॉडल प्रश्न-पत्र के क्रम अनुसार ही प्रविष्ट करनी होगी( इन परीक्षाओं के मॉडल प्रश्नपत्र आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। आपत्ति प्रामाणिक (स्टैंडर्ड, ऑथेंटिक) पुस्तकों के प्रमाण सहित ऑनलाइन ही प्रविष्ट करनी होगी। वांछित प्रमाण संलग्न नहीं होने की स्थिति में आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा। कोई अन्य व्यक्ति आपत्ति दर्ज नहीं करा सकता। यह रहेगा शुल्क और प्रोसेस आयोग की ओर से हर प्रश्न के लिए आपत्ति शुल्क 100 रुपए (सेवा शुल्क अतिरिक्त) निर्धारित किया गया है। अभ्यर्थी एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर उक्त परीक्षा के लिए उपलब्ध लिंक (क्वेश्चन ऑब्जेक्शन) पर क्लिक कर प्रश्नों पर आपत्तियां दर्ज करानी होगी। प्रति प्रश्न आपत्ति शुल्क 100 रुपए (सेवा शुल्क अतिरिक्त) के हिसाब से कुल आपत्ति शुल्क ई-मित्र कियोस्क अथवा अभ्यर्थी स्वयं भी रिक्रूटमेंट पोर्टल पर उपलब्ध पेमेंट गेटवे पर भुगतान कर आपत्तियां दर्ज कर सकता है। आयोग द्वारा शुल्क वापस लौटाने का प्रावधान नहीं है। शुल्क के अभाव में आपत्तियां स्वीकार नहीं की जाएगी। आपत्तियां केवल ऑनलाइन ही प्रस्तुत करें। अन्य किसी माध्यम से भेजी गई आपत्तियां स्वीकार नहीं की जाएगी। आपत्तियां केवल एक बार ही ली जाएगी। ऑनलाइन आपत्तियों का लिंक दिनांक 10 से 12 जनवरी को रात्रि 12 बजे तक ही उपलब्ध है, उसके बाद लिंक निष्क्रिय हो जाएगा। यहां करें कॉन्टैक्ट ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करने में किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई होने पर अभ्यर्थी recruitmenthelpdesk@rajasthan.gov.in पर ईमेल से अथवा फोन नम्बर 9352323625 व 7340557555 पर संपर्क कर सकते हैं।

Continue reading on the app

  Sports

WPL 2026 Playoff Scenario: RCB सीधे खेल सकती है फाइनल, इन टीमों के बीच एलिमिनेटर में पहुंचने की लड़ाई

WPL 2026: महिलाओं के भारतीय टी20 लीग की लड़ाई अब अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ चली है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि एलिमिनेटर और फाइनल के लिए किस टीम का दावा कितना मजबूत है. आइए समझते हैं पूरा समीकरण. Tue, 20 Jan 2026 11:37:48 +0530

  Videos
See all

BJP New President Nitin Nabin Live: नितिन नबीन बने BJP के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष | Amit Shah | PM Modi #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-20T06:36:52+00:00

BJP President Nitin Nabin Speech Live : दिल्ली बीजेपी मुख्यालय से नितिन नबीन लाइव | PM Modi | BJP #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-20T06:39:46+00:00

Nitin Nabin के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर बोले Anurag Thakur, सुनिए #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-20T06:38:07+00:00

BMC New Mayor Live updates: उद्धव तय करेंगे BMC का नया मेयर? | BJP| Shinde |NCP |BMC Election Result #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-20T06:37:25+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers