Aaj Ka Mausam: उत्तर भारत में मौसम की आंख-मिचौली जारी, पश्चिमी विक्षोभ के चलते अगले कुछ दिनों तक तापमान में उतार-चढ़ाव की संभावना
Aaj Ka Mausam: उत्तर भारत में इन दिनों मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है. मंगलवार यानी 20 जनवरी की सुबह दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में ठंड और कोहरे का असर साफ देखने को मिला. राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में सुबह हल्का से मध्यम कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी प्रभावित हुई. तो आइए जानते हैं देशभर में आज और आने वाले में कैसा रहेगा मौसम का हाल.
उत्तर भारत का मौसम
उत्तरी भारत की बात करें तो उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में सुबह और रात के समय ठंड का प्रकोप जारी है. बीते 24 घंटों में हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के ऊंचाई वाले इलाकों में न्यूनतम तापमान में 1 से 4 डिग्री सेल्सियस के बीच गिरावट दर्ज की गई. वहीं पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार के ज्यादातर इलाकों में न्यूनतम तापमान 5 से 9 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है.
बहु मौसम संबंधी चेतावनी
— India Meteorological Department (@Indiametdept) January 19, 2026
मुख्यबिंदु:
लगातार तीन पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव के कारण, अगले 7 दिनों के दौरान पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में वर्षा की संभावना है, साथ ही कश्मीर घाटी में 22-23 और 23 जनवरी को हिमाचल प्रदेश में भारी वर्षा/बर्फबारी की संभावना है।
उत्तर-पश्चिम भारत के… pic.twitter.com/qWURVi1NMC
मौसम में बदलाव का कारण
IMD की मानें तो मौसम में इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ हैं. इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में निचले स्तर पर सक्रिय है. इसके अलावा 21 जनवरी की रात से एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला है. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, तीन लगातार पश्चिमी विक्षोभों के कारण पश्चिमी हिमालयी इलाकों में अगले सात दिनों तक बारिश और बर्फबारी का सिलसिला बना रह सकता है.
IMD Weather Alert !
— India Meteorological Department (@Indiametdept) January 19, 2026
Under the influence of three Western Disturbances in quick succession, a wet spell is likely over the Western Himalayan region during the next 7 days.
⚠️ Isolated heavy rainfall/snowfall possible
???? Kashmir Valley: 22 & 23 January
???? Himachal Pradesh: 23… pic.twitter.com/H1VKOIAg3r
दिल्ली में आज कैसा रहेगा मौसम?
आज मंगलवार के मौसम की बात करें तो दिल्ली में दिनभर आंशिक बादल छाए रह सकते हैं. सुबह हल्का से मध्यम कोहरा रहेगा. न्यूनतम तापमान 7 से 9 डिग्री और अधिकतम तापमान 23 से 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. हवा की रफ्तार सुबह करीब 10 किमी प्रति घंटा रहेगी, जो दोपहर में बढ़कर 15 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.
यूपी-बिहार का मौसम
उत्तर प्रदेश में सुबह और रात के समय घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है. पश्चिमी यूपी में हल्की बारिश के संकेत हैं, जबकि पूर्वी यूपी में अगले 24 से 48 घंटों में तापमान 3 से 4 डिग्री तक बढ़ सकता है. बिहार में भी कोहरे का असर जारी है और कई जिलों में विजिबिलिटी बेहद कम दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने वाहन चालकों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
अन्य राज्यों का हाल
राजस्थान के जयपुर, कोटा, बीकानेर और टोंक में सुबह घना कोहरा देखने को मिला. 22 और 23 जनवरी को राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है. पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी ठंड और कोहरे का असर बना रहेगा. कुल मिलाकर, आने वाले दिनों में मौसम की यह आंख-मिचौली जारी रहने वाली है और ठंड से अभी पूरी राहत नहीं मिलने वाली.
यह भी पढ़ें- Kal Ka Mausam: दिल्ली-यूपी सहित इन राज्यों में फिर पड़ सकता है घना कोहरा, इन प्रदेशों में भारी बारिश की संभावना
अमेरिकी कांग्रेस सदस्यों की चेतावनी : एआई चिप निर्यात भविष्य की सैन्य और आर्थिक ताकत तय करेगा
वाशिंगटन, 20 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के सांसदों ने चेतावनी दी है कि एडवांस्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चिप्स के निर्यात से जुड़े फैसले भविष्य की सैन्य और आर्थिक ताकत तय कर सकते हैं। इसी कारण संसद में यह बहस तेज हो गई है कि इस तकनीक को सामान्य व्यापारिक सामान की तरह देखा जाए या रणनीतिक हथियारों की तरह कड़े नियंत्रण में रखा जाए।
पिछले हफ्ते हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी की सुनवाई में, दोनों पार्टियों के सदस्यों ने कहा कि एआई चिप्स अब युद्ध, खुफिया कार्यों और देशों के बीच रणनीतिक प्रतिस्पर्धा में बहुत अहम भूमिका निभा रही हैं। इसलिए इनके निर्यात पर संसद की वैसी ही निगरानी जरूरी है जैसी हथियारों की बिक्री पर होती है।
कमेटी के चेयरमैन कांग्रेसी ब्रायन मास्ट ने कहा कि एडवांस्ड एआई सिस्टम सिविलियन इस्तेमाल से बहुत आगे निकल गए हैं। उन्होंने कहा, जब कोई एक्सपोर्ट अमेरिका के मिलिट्री फायदे को बदलता है, तो कांग्रेस की भूमिका होती है।
मास्ट ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पहले से ही मिलिट्री कमांड और कंट्रोल, इंटेलिजेंस एनालिसिस, निगरानी, साइबर ऑपरेशंस और न्यूक्लियर मॉडर्नाइजेशन का आधार है। उन्होंने कहा, एआई का दबदबा यह तय कर सकता है कि कौन पहले देखता है, कौन पहले फैसला करता है, और कौन पहले हमला करता है।
पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मैट पॉटिंगर ने चेतावनी दी कि उन्नत चिप्स को साधारण व्यापारिक उत्पाद समझना एक बड़ी रणनीतिक भूल हो सकती है। उन्होंने दूरसंचार क्षेत्र का उदाहरण दिया, जहां कभी पश्चिमी कंपनियों का दबदबा था, लेकिन आयातित तकनीक के सहारे चीनी कंपनियां आगे निकल गईं। उनका कहना था कि उन्नत एआई चिप्स की बिक्री से खुली प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि विरोधी देशों की सैन्य ताकत मजबूत होगी।
पॉटिंगर ने चीन की “सैन्य–नागरिक एकीकरण” नीति का जिक्र करते हुए कहा कि वहां नागरिक और सैन्य उपयोग में फर्क करना लगभग असंभव है। उन्होंने कहा, ऐसा कुछ नहीं है कि एक हिस्से में सिविलियन इस्तेमाल हो और दूसरे में मिलिट्री इस्तेमाल।
पूर्व प्रशासनिक अधिकारी जॉन फाइनर ने कहा कि एडवांस्ड चिप्स और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग टूल्स पर एक्सपोर्ट कंट्रोल दुश्मनों की प्रगति को धीमा करने वाले कुछ प्रभावी उपायों में से एक रहे हैं, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि इसके लिए लगातार लागू करने की ज़रूरत है।
फाइनर ने कहा, एक्सपोर्ट कंट्रोल कोई एक बार का समाधान नहीं है। इसके लिए लगातार सतर्कता, बार-बार एडजस्टमेंट और, जरूरत पड़ने पर, सख्ती की जरूरत होती है।
अर्थशास्त्री ओरेन कैस ने कहा कि एडवांस्ड कंप्यूटिंग पावर तक पहुंच राष्ट्रीय ताकत का एक निर्णायक पैमाना बन गया है। उनके अनुसार एआई युग में यह आर्थिक विकास के साथ-साथ नई सैन्य क्षमताओं के लिए भी जरूरी है। कैस ने चेतावनी दी कि लिमिटेड चिप सप्लाई को विदेशी खरीदारों को देने से अमेरिकी इंडस्ट्री भी कमजोर हो सकती है।
कई सदस्यों ने तर्क दिया कि एडवांस्ड एआई चिप्स को अब आम एक्सपोर्ट की तरह नहीं माना जाना चाहिए। उनके अनुसार, एडवांस्ड चिप्स निश्चित रूप से सैन्य बढ़त को बदल देती हैं। कुल मिलाकर, जैसे-जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युद्ध, खुफिया तंत्र और अर्थव्यवस्था का केंद्र बनती जा रही है, अमेरिकी संसद यह विचार कर रही है कि उन्नत एआई चिप्स को सामान्य व्यापार नहीं, बल्कि हथियार नियंत्रण जैसे कड़े नियमों के दायरे में रखा जाना चाहिए।
--आईएएनएस
एएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation


















