अपनी 10 साल की बेटी आदिरा से डरती हैं Rani Mukerji, बोलीं- उसे थप्पड़ मारा तो मुझे उल्टा मारेगी
Rani Mukerji on Daughter Adira Chopra: बॉलीवुड एक्ट्रेस रानी मुखर्जी भले ही अपनी बेटी आदिरा का चेहरा सार्वजनिक रूप से न दिखाती हों, लेकिन उसके बारे में बात करने से कभी नहीं कतरातीं. जी हां, हाल ही में एक इंटरव्यू में रानी ने अपनी 10 साल की बेटी आदिरा के साथ अपने खास रिश्ते पर खुलकर बात की और बताया कि वह उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी ताकत और चीयरलीडर है. चलिए हम आपको सब कुछ डिटेल में बताते हैं.
पिता की कमी बेटी ने की पूरी
‘जूम’ से बातचीत में रानी मुखर्जी ने कहा, “मेरे पिता के गुजर जाने के बाद मुझे अपने अभिनय को लेकर उनके फीडबैक की बहुत कमी खलती है. यह मेरे लिए बेहद मुश्किल था. लेकिन भगवान ने चीजों को संतुलित किया और मुझे मेरी बेटी दी. वह मेरे बहुत करीब है और मुझे लेकर उसे बहुत गर्व है. उसने मेरे पिता की जगह ले ली है. वह मेरी सबसे बड़ी चीयरलीडर है.”
आदिरा क्यों नहीं देखती रानी की फिल्में?
रानी ने बताया कि उनकी बेटी उनकी सभी फिल्में नहीं देखती. उन्होंने कहा, “आदिरा मुझसे बहुत ज्यादा जुड़ी हुई है. वह मुझे रोते हुए नहीं देख सकती, इसलिए स्क्रीन पर मुझे देखना उसके लिए मुश्किल हो जाता है. जब मैं स्क्रीन पर खुश रहती हूं या डांस करती हूं, तब उसे अच्छा लगता है.” रानी के मुताबिक, आदिरा को ‘हिचकी’, ‘थोड़ा प्यार थोड़ा मैजिक’ और ‘बंटी और बबली’ पसंद हैं. हालांकि ‘कुछ कुछ होता है’ देखना उसके लिए मुश्किल है क्योंकि फिल्म के शुरुआती सीन में ही रानी का किरदार मर जाता है.
मेकअप में मां को नहीं पहचान पाती आदिरा
रानी मुखर्जी ने यह भी बताया कि उनकी बेटी उन्हें मेकअप में पसंद नहीं करती. एक्ट्रेस ने कहा, “जब मैं मेकअप करती हूं तो वह कहती है, ‘मम्मा, आप मेरी मां जैसी नहीं लग रही हैं.’ जैसे ही मैं मेकअप हटाती हूं, वह मेरे पास आकर कहती है कि अब आप मेरी मम्मा लग रही हो.”
बेटी से डरती हैं रानी मुखर्जी
बातचीत के दौरान रानी ने हंसते हुए कहा कि वह अपनी बेटी से डरती भी हैं. उन्होंने कहा, “वह मुझे डांटती है. वह जेन अल्फा की बच्ची है. कभी-कभी मुझ पर भड़क जाती है और मुझे उसकी बात सुननी पड़ती है. हर पीढ़ी बदलती है. मुझे मेरी मां से थप्पड़ पड़ते थे, लेकिन मैं ऐसा अपनी बेटी के साथ नहीं कर सकती. क्योंकि वह मुझे उल्टा मार देगी.” रानी ने बताया कि जब उन्हें नेशनल अवॉर्ड मिला था, तब आदिरा खुशी से पूरे घर में उछल-कूद कर रही थी. रानी ने कहा, “यह बहुत प्यारा था, लेकिन क्योंकि वह जेन अल्फा बच्ची है, इसलिए मैं उससे थोड़ा डरती भी हूं.”
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सर्दी के मौसम में ये आदतें आपके बालों के लिए नुकसानदायक, ये गलतियां बिलकुल न करें
नई दिल्ली, 19 जनवरी (आईएएनएस)। सर्दियों का मौसम में सही देखरेख न होने पर अक्सर लोग बाल झड़ने और पतले होने की शिकायत करते हैं। आयुर्वेद और विज्ञान दोनों ही इस बात पर सहमत हैं कि बालों के स्वास्थ्य के लिए उचित पोषण, नमी और रक्त संचार बेहद जरूरी है।
सर्दियों में लोग ऊनी टोपी और मफलर पहनते हैं ताकि ठंड से बच सकें, लेकिन यह बालों के लिए एक गुप्त खतरा भी बन जाती है। लंबे समय तक ऊनी टोपी पहनने से बालों में रगड़ पैदा होती है, उलझन बढ़ती है और टूटने की संभावना भी बढ़ जाती है। इसका असर इतना होता है कि बालों की लंबाई धीमी हो जाती है और वे कमजोर महसूस होने लगते हैं।
सर्दियों में धूप का कम होना भी बालों की वृद्धि को प्रभावित करता है। विज्ञान के अनुसार, सूर्य की किरणों से मिलने वाला विटामिन-डी बालों के रोमों को सक्रिय करता है। सर्दियों में अक्सर धूप कम निकलती है और लोग घरों में बंद रहते हैं।
इसके चलते विटामिन डी की कमी हो जाती है और बालों की जड़ों तक पोषण नहीं पहुंच पाता। नतीजा ये होता है कि बाल धीरे-धीरे बढ़ते हैं और झड़ने की समस्या बढ़ जाती है। आयुर्वेद में भी यह माना गया है कि सूर्य की हल्की धूप बालों की ऊर्जा और मजबूती के लिए जरूरी है। इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सर्दियों में थोड़ी देर भी सही, रोजाना धूप में बैठना बालों के लिए लाभकारी होता है।
शुष्क हवा भी इस मौसम में बालों की वृद्धि में बाधा डालती है। सर्दियों में हवा में नमी बहुत कम होती है, जो बालों की प्राकृतिक नमी को छीन लेती है। इससे बालों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं और टूटने की संभावना बढ़ जाती है। सिर की त्वचा भी शुष्क हो जाती है, जिससे पोषण की कमी होती है और बाल जल्दी नहीं बढ़ते। एक शोध में बताया गया है कि कम नमी वाली हवा बालों के स्ट्रक्चर को कमजोर करती है और उन्हें पतला बना देती है।
सर्दियों में गर्म पानी से नहाना भी बालों के लिए खतरा बन जाता है। ठंड से बचने के लिए लोग लंबे समय तक गर्म पानी से नहाते हैं, लेकिन यह बालों के प्राकृतिक तेलों को हटाकर उनके क्यूटिकल्स को नुकसान पहुंचाता है। इसके कारण बाल कमजोर हो जाते हैं, जल्दी टूटते हैं और पतले होते चले जाते हैं। साथ ही ड्रायर और स्ट्रेटनर जैसे गर्म उपकरणों का अधिक इस्तेमाल बालों की बढ़त को धीमा कर देता है और उनकी मजबूती घटाता है।
रक्त संचार में कमी भी सर्दियों में बालों की वृद्धि को प्रभावित करती है। ठंडी हवा की वजह से सिर की त्वचा की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं और जड़ों तक पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं पहुंच पाते। आयुर्वेद में इसे भी बालों की कमजोरी का कारण माना गया है। इस वजह से बाल बीच से टूटने लगते हैं, झड़ते हैं, और लंबे समय तक स्वस्थ नहीं रहते।
--आईएएनएस
पीके/वीसी
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