सर्दी के मौसम में ये आदतें आपके बालों के लिए नुकसानदायक, ये गलतियां बिलकुल न करें
नई दिल्ली, 19 जनवरी (आईएएनएस)। सर्दियों का मौसम में सही देखरेख न होने पर अक्सर लोग बाल झड़ने और पतले होने की शिकायत करते हैं। आयुर्वेद और विज्ञान दोनों ही इस बात पर सहमत हैं कि बालों के स्वास्थ्य के लिए उचित पोषण, नमी और रक्त संचार बेहद जरूरी है।
सर्दियों में लोग ऊनी टोपी और मफलर पहनते हैं ताकि ठंड से बच सकें, लेकिन यह बालों के लिए एक गुप्त खतरा भी बन जाती है। लंबे समय तक ऊनी टोपी पहनने से बालों में रगड़ पैदा होती है, उलझन बढ़ती है और टूटने की संभावना भी बढ़ जाती है। इसका असर इतना होता है कि बालों की लंबाई धीमी हो जाती है और वे कमजोर महसूस होने लगते हैं।
सर्दियों में धूप का कम होना भी बालों की वृद्धि को प्रभावित करता है। विज्ञान के अनुसार, सूर्य की किरणों से मिलने वाला विटामिन-डी बालों के रोमों को सक्रिय करता है। सर्दियों में अक्सर धूप कम निकलती है और लोग घरों में बंद रहते हैं।
इसके चलते विटामिन डी की कमी हो जाती है और बालों की जड़ों तक पोषण नहीं पहुंच पाता। नतीजा ये होता है कि बाल धीरे-धीरे बढ़ते हैं और झड़ने की समस्या बढ़ जाती है। आयुर्वेद में भी यह माना गया है कि सूर्य की हल्की धूप बालों की ऊर्जा और मजबूती के लिए जरूरी है। इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सर्दियों में थोड़ी देर भी सही, रोजाना धूप में बैठना बालों के लिए लाभकारी होता है।
शुष्क हवा भी इस मौसम में बालों की वृद्धि में बाधा डालती है। सर्दियों में हवा में नमी बहुत कम होती है, जो बालों की प्राकृतिक नमी को छीन लेती है। इससे बालों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं और टूटने की संभावना बढ़ जाती है। सिर की त्वचा भी शुष्क हो जाती है, जिससे पोषण की कमी होती है और बाल जल्दी नहीं बढ़ते। एक शोध में बताया गया है कि कम नमी वाली हवा बालों के स्ट्रक्चर को कमजोर करती है और उन्हें पतला बना देती है।
सर्दियों में गर्म पानी से नहाना भी बालों के लिए खतरा बन जाता है। ठंड से बचने के लिए लोग लंबे समय तक गर्म पानी से नहाते हैं, लेकिन यह बालों के प्राकृतिक तेलों को हटाकर उनके क्यूटिकल्स को नुकसान पहुंचाता है। इसके कारण बाल कमजोर हो जाते हैं, जल्दी टूटते हैं और पतले होते चले जाते हैं। साथ ही ड्रायर और स्ट्रेटनर जैसे गर्म उपकरणों का अधिक इस्तेमाल बालों की बढ़त को धीमा कर देता है और उनकी मजबूती घटाता है।
रक्त संचार में कमी भी सर्दियों में बालों की वृद्धि को प्रभावित करती है। ठंडी हवा की वजह से सिर की त्वचा की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं और जड़ों तक पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं पहुंच पाते। आयुर्वेद में इसे भी बालों की कमजोरी का कारण माना गया है। इस वजह से बाल बीच से टूटने लगते हैं, झड़ते हैं, और लंबे समय तक स्वस्थ नहीं रहते।
--आईएएनएस
पीके/वीसी
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AAP का दावा, सर्वे में आम आदमी पार्टी बनी गुजरात की दूसरी बड़ी पार्टी, कांग्रेस को छोड़ा पीछे
गुजरात की सियासत से बड़ी खबर सामने आई है. आम आदमी पार्टी का दावा है कि एक अहम सर्वे में उनकी पार्टी प्रदेश की दूसरी बड़ी पार्टी बन गई है. आम आदमी पार्टी गुजरात में विकल्प के रूप में उभर रही है. WeePreside और CIF की ओर से किए गए 'Pulse of Gujarat 2026' सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि गुजरात की राजनीति अब भाजपा के बाद कांग्रेस नहीं बल्कि आम आदमी पार्टी ने ले ली है. कांग्रेस की पकड़ प्रदेश में लगातार कमजोर होती जा रही है.
क्या है सर्वे
सर्वे के मुताबिक गुजरात में आम आदमी पार्टी का वोट शेयर 24.8 प्रतिशत तक पहुंच गया है. जबकि वहीं कांग्रेस का वोट शेयर गिरकर 17.3 प्रतिशत रह गया है. वहीं बीजेपी अब भी 49.5 फीसदी के साथ पहले नंबर पर है. हालांकि 8 फीसदी वोट ऐसे हैं जो अनडिसाइड हैं ऐसे में इनमें चार फीसदी भी बीजेपी के खाते में गए तो वह अपने पुराने स्थान पर ही काबिज रहेगी.
सर्वे के मुताबिक 2022 के विधानसभा चुनाव से तुलना करें तो बदलाव साफ दिखाई देता है. 2022 में कांग्रेस को करीब 27 प्रतिशत वोट मिले थे, जो 2017 के 40 प्रतिशत के मुकाबले पहले ही काफी बड़ी गिरावट थी. अब तीन साल बाद स्थिति यह है कि कांग्रेस का वोट शेयर करीब 10 प्रतिशत और गिर गया है. आम आदमी पार्टी 2022 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ते हुए करीब 13 प्रतिशत वोट शेयर तक पहुंची थी.
आप ने तीन साल में बनाई बढ़त
सर्वे के आधार पर तीन साल में आम आदमी पार्टी का वोट शेयर करीब दोगुना हो चुका है. आम आदमी पार्टी का मानना है कि कांग्रेस का पारंपरिक वोट अब बड़ी संख्या में उनकी ओर शिफ्ट हो रहा है.
क्या कहते हैं क्षेत्रीय आंकड़े
आम आदमी पार्टी के मुताबिक सौराष्ट्र हो या फिर कच्छ इन इलाकों में आम आदमी पार्टी ने अपनी पकड़ बनाना शुरू की है. वहीं उत्तर और मध्य गुजरात में बीजेपी अब भी आगे है, लेकिन शहरी और मेट्रो इलाकों में आम आदमी पार्टी को कांग्रेस से कहीं ज़्यादा समर्थन मिल रहा है.
अहमदाबाद में AAP का सम्मेलन
अहमदाबाद में हुए आप के सम्मेलन में राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 2027 में गुजरात में सत्ता बदलने वाली है और आम आदमी पार्टी सत्ता परिवर्तन करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि अगर और लोगों को जेल में डाला गया तो उससे डरने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि यह लड़ाई अन्याय के खिलाफ़ है और जनता इसका जवाब देगी. WeePreside और CIF का यह सर्वे बताता है कि बीजेपी अभी आगे ज़रूर है, लेकिन उसका मुकाबला अब कमजोर होती कांग्रेस से नहीं, बल्कि तेजी से मजबूत होती AAP से है.
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