मासिक धर्म और गर्भाशय से जुड़ी बीमारियों के लिए दवा है मेथी के लड्डू, संतुलित रहेंगे हार्मोन
नई दिल्ली, 19 जनवरी (आईएएनएस)। सर्दियों में शरीर को ऊर्जावान बनाए रखने के लिए आहार में कई तरह की चीजें शामिल की जाती हैं, जैसे तिल की बर्फ और गर्म तासीर वाले लड्डू।
सर्दियों में तिल और गुड़ के लड्डू, आटे और गोंद के लड्डू, मेथी के लड्डू और अलसी के लड्डू बनाए जाते हैं। हर तरह के लड्डू के अपने गुण हैं, लेकिन आज हम मेथी के लड्डू के बारे में बात करेंगे, जो गर्भवती महिलाओं से लेकर बच्चों तक के लिए लाभकारी होते हैं।
मेथी के लड्डू सर्दियों में खाए जाने वाले पौष्टिक और ऊर्जावान आहार हैं, जिन्हें बनाने में घी, मेथी, गुड़, आटा और गोंद का इस्तेमाल किया जाता है। स्वाद में थोड़े कड़वे और कसैले ये लड्डू इम्युनिटी को बढ़ाने में मदद करते हैं, जोड़ों के दर्द में आराम देते हैं, और शरीर को अंदर से भी गर्म रखने का काम करते हैं। अगर लड्डूओं में सूखे मेवे और मिला दिए जाएं तो ये स्वाद में और बेहतरीन हो जाते हैं। मेथी के लड्डू को आयुर्वेद में एक शक्तिशाली औषधि माना गया है। ये वात रोग, जोड़ों के दर्द, कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज और महिलाओं के गर्भाशय स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी हैं।
नियमित और सही तरीके से सेवन करने पर हार्मोनल बैलेंस बना रहता है और शरीर को अंदर से ताकत मिलती है। मेथी के लड्डू कोलेस्ट्रॉल और शुगर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। मेथी के लड्डूओं में भरपूर फाइबर होता है, जो कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण को धीमा कर देता है जिससे रक्त में शुगर तेजी से स्पाइक नहीं करता।
इसके अलावा, मेथी के लड्डू खाने से गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों को बराबर पोषण मिलता है और हार्मोन भी संतुलित रहते हैं, जो नॉर्मल डिलीवरी की संभावना को बढ़ाते हैं।
सर्दियों में प्राकृतिक रूप से वात दोष बढ़ने लगता है और जोड़ों व मांसपेशियों में दर्द की परेशानी बढ़ने लगती है। मेथी के लड्डू वात दोष को नियंत्रित कर जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द से राहत देते हैं। यह लड्डू हड्डियों को मजबूती देने में भी सहायक हैं। मेथी के लड्डू हार्मोन को संतुलित करने में मदद करते हैं।
गर्भाशय और मासिक धर्म से जुड़ी परेशानियों में मेथी औषधि की तरह काम करती है। मेथी के लड्डूओं का सेवन दूध के साथ किया जा सकता है। सुबह की शुरुआत ही मेथी के लड्डू और दूध के साथ करनी चाहिए। अगर लड्डू नहीं खा पा रहे हैं, तो एक चम्मच मेथी को पानी में भिगोकर सुबह पानी का सेवन भी कर सकते हैं।
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
प्राकृतिक तरीके से करें बालों को डिटॉक्स, ये चार स्टेप्स बदल देंगे बालों की रंगत
नई दिल्ली, 19 जनवरी (आईएएनएस)। बाल झड़ने से लेकर असमय सफेद बाल होने की परेशानी की चर्चा हर कोई करता है, लेकिन हेयर डिटॉक्स के बारे में कम ही लोग जानते हैं।
जैसे पूरे शरीर की अंदरूनी तरीके से सफाई के लिए डिटॉक्स करना जरूरी होता है, वैसे ही बालों को डिटॉक्स करना भी बहुत जरूरी होता है। इससे डैंड्रफ और सिर की खुजली और बालों की खोई हुई चमक वापस मिल जाती है।
आयुर्वेदिक तरीके से हेयर डिटॉक्स सिर्फ बालों की ऊपरी देखभाल नहीं है, बल्कि इसके जरिए समस्या की जड़ को खत्म कर स्थायी समाधान देना है। अगर हद से ज्यादा स्कैल्प ऑयली है और सर्दियों में रूसी बढ़ जाती है और बाल झड़ने की समस्या होने लगती है, तो सिर्फ 4 हफ्तों में इन सभी परेशानियों पर काबू पाया जा सकता है। हेयर डिटॉक्स स्कैल्प की गंदगी और तेल को हटाता है और अंदरूनी सफाई करता है, जिससे बालों को नई ऊर्जा मिलती है। अब जानते हैं कि ये करना कैसे है।
पहले हफ्ते बालों का शुद्धिकरण करें। इसके लिए हफ्ते में दो बार नीम और नींबू के तेल से बालों की अच्छी तरीके से मालिश करें। तेल का गुनगुना होना जरूरी है और फिर केमिकल वाले शैम्पू की जगह रीठा-शिकाकाई के पाउडर को भिगोकर एक पेस्ट तैयार करें। पेस्ट को कुछ समय तक बालों पर लगा रहने दें और फिर धो दें। यह बालों की अंदर से सफाई करता है। यह प्राकृतिक क्लींजर के तौर पर काम करता है।
दूसरे हफ्ते बालों को पोषण दें। इसके लिए हफ्ते में एक बार एलोवेरा जेल और दही मिलाकर बालों पर लगाएं। इससे बालों का रूखापन कम होगा और बाल चमक उठेंगे। इसके साथ ही आहार में भी परिवर्तन लेकर आएं। आहार में तीखा, तला हुआ भोजन और अत्यधिक चीनी खाने से परहेज करें। जितना हो सके, हरी सब्जियों का सेवन करें।
तीसरे हफ्ते बालों की मजबूती पर काम करें। इसके लिए भृंगराज के तेल से बालों की मालिश करें। भृंगराज का तेल तेजी से बाल वापस लाने में मदद करता है और नए बाल उगाने में भी मददगार है। इसके अलावा, मेथी दाना को रात भर भिगोकर पेस्ट बनाकर नारियल तेल के साथ लगाने से भी बाल घने होते हैं।
चौथे हफ्ते रखरखाव पर ध्यान दें। इसके लिए गुड़हल के फूल का कंडीशनर तैयार कर सकते हैं। इसके लिए गुड़हल के फूलों को पानी में उबाल लें और उस पानी से बालों को धोएं। यह बालों के लिए कंडीशनर की तरह काम करेगा।
--आईएएनएस
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