Sinus Symptoms: सर्दियों में साइनस और कान की समस्या क्यों बढ़ जाती है? जानें ब्लॉकेज, सिरदर्द और चक्कर का कारण
Sinus Symptoms: सर्दियों का मौसम आते ही बड़ी संख्या में लोग साइनस और कान से जुड़ी समस्याओं की शिकायत करने लगते हैं. नाक बंद रहना, चेहरे में भारीपन, सिरदर्द, कान में दर्द या चक्कर आना जैसी दिक्कतें इस मौसम में आम हो जाती हैं. डॉ. स्वप्निल ब्रजपुरिया के मुताबिक, ठंडी हवा, कम नमी और बार-बार तापमान में बदलाव साइनस और कान की समस्याओं को बढ़ाने का प्रमुख कारण होता है.
ठंडी हवा से साइनस ब्लॉकेज क्यों होता है?
साइनस हमारे चेहरे की हड्डियों में मौजूद हवा से भरी कैविटी होती हैं, जो नाक के जरिए सांस लेने की प्रक्रिया से जुड़ी होती हैं. सर्दियों के मौसम में ठंडी और सूखी हवा नाक की अंदरूनी परत को सूखा देती है, जिससे म्यूकस यानी बलगम गाढ़ा हो जाता है. इससे साइनस ड्रेनेज बाधित हो जाता है. इस स्थिति को साइनस ब्लॉकेज कहते हैं.
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क्या कहते हैं डॉक्टर?
एशियन हॉस्पिटल के एसोसिएट डायरेक्टर और हेड यूनिट 2- ENT स्पेशलिस्ट डॉ. स्वप्निल ब्रजपुरिया बताते हैं कि ठंड के मौसम में नाक की म्यूकस मेम्ब्रेन सूख जाती है, जिससे साइनस में जमा बलगम बाहर नहीं निकल पाता है. इससे ब्लॉकेज की समस्या बढ़ जाती है. इसलिए, सर्दियों के मौसम में ये परेशानी ज्यादा बढ़ जाती है.
कान में भारीपन, सिरदर्द और चक्कर का Sinus से कनेक्शन
साइनस और कान आपस में यूस्टेशियन ट्यूब के जरिए जुड़े होते हैं. जब साइनस में सूजन या ब्लॉकेज हो जाती है, तो इसका सीधा असर कानों पर पड़ता है. इससे कान में भारीपन, सुनने में दिक्कत, सिरदर्द और कई बार चक्कर आने जैसी समस्याएं मरीज को हो सकती हैं.
सर्दियों में इंफेक्शन का खतरा क्यों बढ़ता है?
दरअसल, ठंड के मौसम में लोग ज्यादा समय बंद कमरों में बिताते हैं, जिससे वायरस और बैक्टीरिया के फैलने की संभावना बढ़ जाती है. साथ ही, इस मौसम में लोगों की इम्यूनिटी कमजोर होने के कारण वायरल और सर्दी-जुकाम जल्दी होता है. ये इंफेक्शन ही साइनसाइटिस या कान के इंफेक्शन में बदल सकता है.
किन लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत?
इस बारे में डॉक्टर कहते हैं कि जिन लोगों को एलर्जी, अस्थमा, कमजोर इम्यूनिटी, बार-बार सर्दी-जुकाम या पहले से साइनस की समस्या रहती है, उन्हें सर्दियों में यह परेशानी ज्यादा हो सकती है. धूम्रपान करने वालों में भी साइनस और कान की समस्याएं अधिक देखने को मिलती है.
साइनस इंफेक्शन के संकेत
- चेहरे पर दर्द और दबाव महसूस करना.
- नाक बंद होना या भरी हुई रहना.
- नाक से बलगम निकलना.
- गंध और स्वाद न आना.
- तेज सिरदर्द.
- खांसी.
- थकान और बुखार.
- दांतों में दर्द.
क्या है इसका सही इलाज और बचाव?
डॉक्टर सर्दियों में कुछ जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह देते हैं-
- ठंडी हवा से अपने नाक और कान को बचाए, इसके लिए आप कैप लगा सकते हैं और मास्क पहन सकते हैं.
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं.
- धूल और एलर्जी से बचें, इसके लिए मास्क का प्रयोग करें.
- लंबे समय तक नाक बंद रहने या कान में दर्द हो तो डॉक्टर से संपर्क करें.
बता दें कि एक्सपर्ट बताते हैं कि साइनस और कान की समस्याओं को बार-बार नजरअंदाज करना आगे चलकर क्रॉनिक इंफेक्शन का कारण बन सकता है. इसलिए, समय पर इलाज और सही देखभाल करना बेहद जरूरी है.
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गाजा 'बोर्ड ऑफ पीस' के लिए राष्ट्रपति पुतिन को मिला न्योता: क्रेमलिन
मास्को, 19 जनवरी (आईएएनएस)। क्रेमलिन ने दावा किया है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के लिए न्योता भेजा है। मास्को इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है और इस बारे में वॉशिंगटन से बातचीत की उम्मीद करता है।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने पत्रकारों को इसकी जानकारी दी। रूसी न्यूज एजेंसी तास के अनुसार एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, राष्ट्रपति पुतिन को कूटनीतिक माध्यमों से इस बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का ऑफर मिला है। हम अभी इस प्रस्ताव का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, हम सभी विषयों पर स्पष्टता के लिए अमेरिकी पक्ष से संपर्क करने की उम्मीद करते हैं।
ऐसा कहा जा रहा है कि यह परिषद शांति योजना के दूसरे चरण के दौरान काम करना शुरू कर देगी। पहला चरण संपन्न हो चुका है, जिसके लिए अक्टूबर 2025 में इजरायल और हमास के बीच मिस्र, कतर, अमेरिका और तुर्की ने मध्यस्थता की थी।
यूक्रेन पर हमले के बाद से रूस को पश्चिम देशों ने डिप्लोमैटिक तौर पर काफी हद तक अलग-थलग कर दिया है।
बोर्ड ऑफ पीस, गाजा के लिए एक अम्ब्रेला ओवरसाइट बॉडी के तौर पर काम करेगा और जिसकी अध्यक्षता ट्रंप करेंगे, उसमें विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल होंगे।
मिडिल ईस्ट और दुनिया भर के कई देशों के नेताओं को इसके लिए न्योता भेजा गया है। भारत भी इसमें शामिल है।
रॉयटर्स ने एक खत और ड्राफ्ट चार्टर की एक कॉपी के हवाले से कहा है कि बोर्ड की अध्यक्षता ट्रंप जीवन भर करेंगे। यह गाजा संघर्ष को सुलझाने से शुरू होगा और फिर दूसरे संघर्षों से निपटने के लिए इसका विस्तार किया जाएगा।
खत में कहा गया है कि सदस्य देशों का कार्यकाल तीन साल तक सीमित होगा और स्थायी सदस्यता हासिल करने के लिए कथित तौर पर 1 बिलियन डॉलर का भुगतान करना होगा।
राजनयिकों की चेतावनी है कि यह योजना संयुक्त राष्ट्र के काम को नुकसान पहुंचा सकती है।
--आईएएनएस
केआर/
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