मधुमेह, बवासीर और पीलिया, रसौत है हर समस्या का समाधान
नई दिल्ली, 19 जनवरी (आईएएनएस)। अगर आप स्वास्थ्य के लिए कोई नेचुरल चीज ढूंढ रहे हैं, तो रसौत आपके लिए एकदम सही साथी साबित हो सकती है। इसे रसंजना भी कहते हैं और ये दारुहरिद्रा की जड़ या छाल से बनता है। ये कड़वा जरूर होता है, लेकिन इसके फायदे कमाल के हैं।
इसमें मौजूद बर्बेरिन नाम का सक्रिय तत्व शरीर के लिए किसी सुपरहीरो से कम नहीं है। यह सूजन कम करता है, बैक्टीरिया से लड़ता है और खून को साफ रखने में मदद करता है।
सबसे पहले बात करते हैं बवासीर की। खूनी बवासीर लोगों की जिंदगी को मुश्किल बना सकता है, लेकिन रसौत इसमें आराम देने का काम करता है। इसे कई तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है, जैसे अनार की छाल और गुड़ के साथ मिलाकर गोलियां या नीम और हरड़ के साथ चूर्ण। पेट साफ और सूजन कम करने में ये बहुत असरदार है।
अब पीलिया और लिवर की बात करें। पीलिया में आंखों का पीला पड़ना, थकान और पेट में गड़बड़ी आम है। रसौत का रोज थोड़ा काढ़ा या शहद के साथ लेने से लिवर की ताकत बढ़ती है और पीलिया जल्दी कम होता है।
मधुमेह वाले लोगों के लिए भी ये जड़ी-बूटी फायदेमंद है। यह रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद करती है। हालांकि, अगर आप पहले से दवा ले रहे हैं तो डॉक्टर से पूछकर ही इस्तेमाल करें।
रसौत सिर्फ अंदर से ही नहीं, बाहर से भी काम करता है। आंखों में गुलाब जल के साथ कुछ बूंदें डालें, खुजली और लालिमा कम होती है। त्वचा पर इसका लेप घाव और दाग-धब्बों को जल्दी भरने में मदद करता है। मुंह और गले के इंफेक्शन में इसका काढ़ा माउथवॉश की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।
हालांकि सही मात्रा और समय का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। ज्यादा लेने से पेट में परेशानी हो सकती है। गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली माताएं और कोई भी दवा के साथ इसका इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह से करें।
--आईएएनएस
पीआईएम/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी का 'गुल प्लाजा' जलकर खाक, व्यापारियों ने सरकारी अनदेखी को ठहराया जिम्मेदार
कराची, 19 जनवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कराची का एक नामी गिरामी मॉल शनिवार को अचानक सुर्खियों में आ गया। शनिवार रात गुल प्लाजा में भयानक आग लगी और इस पर काबू पाने में 24 घंटे से ज्यादा का समय लग गया। चपेट में आए 15 लोगों की जान चली गई जबकि 70 से ज्यादा लापता बताए जा रहे हैं। यहां के लोगों और व्यापारियों ने इसकी वजह विलंब से की गई कार्रवाई को बताया। स्थानीय मीडिया के मुताबिक सीमित संसाधनों के कारण आग घंटों तक धधकती रही।
फिलहाल और ज्यादा लोगों के हताहत होने की आशंका के बीच सर्च ऑपरेशन जारी है।
डॉन के अनुसार, व्यापारियों और इलाके के लोगों ने कहा कि सदर फायर स्टेशन, दूसरे सरकारी विभागों और स्थानीय अधिकारियों की समय पर कार्रवाई से जान और माल बचाया जा सकता था, लेकिन आग बुझाने का काम रविवार सुबह ही पूरी तेजी से शुरू हुआ।
मौके पर मौजूद दुकानदारों ने बताया कि अगर फायर ब्रिगेड की टीम कल रात पूरी ताकत और संसाधनों के साथ आती, तो शायद इतना नुकसान नहीं होता। सदर फायर स्टेशन सिर्फ कुछ ही मिनट की दूरी पर है, फिर भी समय पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
एक स्थानीय निवासी ने बताया कि शनिवार रात को उन्हें बार-बार बताया गया कि पानी की कमी है, जिससे ऑपरेशन में रुकावट आई।
जिओ न्यूज से मुखातिब स्थानीय लोगों ने सिंध सरकार और कराची के मेयर की आलोचना की। बताया कि एम.ए. जिन्ना रोड की हालत इतनी खराब है कि वहां दो पानी के टैंकर भी अगल-बगल खड़े करना बहुत मुश्किल है।
मौके पर मौजूद एक युवक ने बताया, पहले तो धुआं फैलता रहा, फिर आग ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गई। अगर टीमें समय पर पहुंच जातीं, तो शायद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सकता था।
स्थानीय मीडिया ने रेस्क्यू प्रवक्ता हसानुल हसीब खान के हवाले से बताया कि वे आग पर 95 प्रतिशत तक काबू पाने में कामयाब रहे हैं, और कूलिंग फेज शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा, आग लगने का कारण अभी पता नहीं चला है। अधिकारियों ने कहा है कि माना जा रहा है कि शॉर्ट-सर्किट से आग लगी थी।
--आईएएनएस
केआर/
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