भारतीय जनता पार्टी (BJP) को छह साल बाद नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने वाला है। बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन ने सोमवार (19 जनवरी) को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अपना नॉमिनेशन फाइल किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस पद के लिए उनके प्रस्तावकों में शामिल हैं। गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता इस अवसर पर पार्टी मुख्यालय में उपस्थित हैं। बिहार से पांच बार विधायक रह चुके नितिन नबीन, जिन्हें हाल ही में भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, उनके निर्विरोध पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने की संभावना है। पार्टी सूत्रों के हवाले से बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह समेत पार्टी नेतृत्व उनकी उम्मीदवारी का समर्थन कर रहा है।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव
इससे पहले, भाजपा के राष्ट्रीय प्रतिवेदक के लक्ष्मण ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन सोमवार को दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच दाखिल किए जाने का वक्त तय किया गया था। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले दिन नए भाजपा अध्यक्ष के नाम की घोषणा की जाएगी। नामांकन पत्रों की जांच 19 जनवरी को शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच जबकि उम्मीदवारों के पास उसी दिन शाम 5 बजे से 6 बजे के बीच अपना नामांकन वापस लेने का विकल्प होगा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव पार्टी की राष्ट्रीय परिषद और विभिन्न राज्य परिषदों के प्रतिनिधियों से मिलकर बने निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है। पूरी प्रक्रिया पार्टी के राष्ट्रीय प्रतिवेदक की देखरेख में संचालित होती है।
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संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान सोमवार को दो घंटे के लिए भारत की यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे। आगमन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया और कहा कि उनकी यह यात्रा भारत और UAE के बीच मजबूत मित्रता के प्रति उनके दृष्टिकोण को दर्शाती है। UAE के राष्ट्रपति बनने के बाद अल नाहयान की यह तीसरी आधिकारिक भारत यात्रा है। कुल मिलाकर, यह उनकी पांचवीं यात्रा है।
नाहयान के साथ चार तस्वीरें साझा करते हुए मोदी ने लिखा कि अपने भाई, महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, UAE के राष्ट्रपति का स्वागत करने हवाई अड्डे गया था। हमारी चर्चाओं के लिए उत्सुक हूं। अल नाहयान की भारत यात्रा मध्य पूर्व में व्याप्त अस्थिरता के बीच हो रही है, जहां ईरान में हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद तनाव काफी बढ़ गया है, जिनमें कम से कम 5,000 लोगों की जान जा चुकी है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के सर्वोच्च नेता अली हुसैनी खामेनेई को धमकी दी है और सत्ता परिवर्तन की मांग की है। उसने क्षेत्र में अपना विमानवाहक पोत भी तैनात कर दिया है, जिससे संकेत मिलता है कि वह इस्लामी राष्ट्र पर हमला कर सकता है।
हालांकि, ईरान ने ट्रंप को चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका उस पर हमला करता है तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा। ईरान में अशांति के अलावा, यमन को लेकर सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के बीच भी तनाव बढ़ रहा है, और खबरों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और अल नाहयान के बीच होने वाली वार्ता में मध्य पूर्व का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा। विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि अल नाहयान की यात्रा से भारत और संयुक्त अरब अमीरात को अपने बीच रणनीतिक साझेदारी के नए आयाम स्थापित करने का अवसर मिलेगा। विज्ञप्ति में आगे कहा गया है कि दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक विषयों तथा पारस्परिक हित के मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे, "जिनमें भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच उच्च स्तर की समानताएं हैं।"
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