Fact Check: ईरान में प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग के हवाले से वायरल हो रहा वीडियो सीरिया का है
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि ईरान में हो रहे प्रदर्शनों से जोड़कर शेयर किया जा रहा यह वीडियो सीरिया का है। इस वीडियो का ईरान से कोई संबंध नहीं है, यह सीरिया के अलेप्पो शहर का वीडियो है, जहां सरकार की सेना और कुर्द बलों के बीच झड़पों के दौरान इसे रिकॉर्ड किया गया था।
The post Fact Check: ईरान में प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग के हवाले से वायरल हो रहा वीडियो सीरिया का है appeared first on Vishvas News.
नैरोबी में ‘ब्रांड इंडिया', भारतीय कंपनियां कर रही हैं रक्षा उत्पादों का प्रदर्शन
नई दिल्ली, 19 जनवरी (आईएएनएस)। ‘ब्रांड इंडिया योजना के तहत भारतीय डिफेंस कंपनियां केन्या में हथियार व रक्षा उपकरण प्रदर्शित कर रही हैं। रक्षा क्षेत्र से जुड़े इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की 20 भारतीय रक्षा कंपनियां शामिल हैं।
रक्षा मंत्रालय के उत्पादन सचिव के नेतृत्व में ये कंपनियां केन्या पहुंची हैं। यहां भारतीय रक्षा उत्पादों और सेवाओं की व्यापक श्रृंखला का प्रदर्शन किया जा रहा है। दरअसल ‘ब्रांड इंडिया योजना के तहत रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार के नेतृत्व में एक चार सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार, 19 जनवरी से केन्या की आधिकारिक यात्रा शुरू की है। यह प्रतिनिधिमंडल 21 जनवरी तक केन्या में रहेगा।
आज यानी सोमवार को ही केन्या की राजधानी नैरोबी में तीसरी भारत-केन्या रक्षा प्रदर्शनी और संगोष्ठी आयोजित की गई है। रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार यहां भारत के रक्षा विनिर्माण और निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। रक्षा मंत्रालय का कहना है कि केन्या में प्रारंभ हुए इस कार्यक्रम का आयोजन रक्षा उत्पादन विभाग की ब्रांड इंडिया योजना के तहत किया जा रहा है। केन्या में भारत के उच्चायुक्त डॉ. आदर्श स्वैका भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए हैं।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक भारतीय दल की यह मौजूदगी रक्षा औद्योगिक सहयोग और निर्यात को मजबूत करने की भारत सरकार के विजन को दर्शाती है। भारतीय रक्षा उत्पादन सचिव अपनी इस यात्रा में केन्या सरकार और केन्या रक्षा बलों के अधिकारियों के साथ बैठकें भी कर रहे हैं। इन द्विपक्षीय बैठकों का मुख्य केंद्र भारत की स्वदेशी रक्षा विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ावा देना और आपसी सहयोग के अवसरों को तलाशना है। गौरतलब है कि कई देशों ने भारतीय रक्षा उपकरणों में रूचि दिखाई है। भारत पिनाका मिसाइलों का निर्यात कर रहा है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार भारतीय घरेलू रक्षा उत्पाद, जो 2014 में मात्र 46,425 करोड़ रुपए था, वहीं आज यह बढ़कर रिकॉर्ड 1.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो चुका है। बड़ी बात यह है कि इसमें से 33,000 करोड़ रुपए से अधिक का योगदान प्राइवेट सेक्टर से आया है। यह प्राइवेट सेक्टर की बढ़ती भागीदारी का ही परिणाम है, कि भारत का रक्षा निर्यात, जो दस वर्ष पहले 1,000 करोड़ रुपए से भी कम था, आज वह बढ़कर रिकॉर्ड 24,000 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कह चुके हैं कि सरकार का ध्यान, सिर्फ इस बात पर नहीं है कि रक्षा के क्षेत्र में प्राइवेट सेक्टर का योगदान बढ़ना चाहिए, बल्कि इस बात पर भी है, कि आने वाले समय में रक्षा निर्माण से जुड़े क्षेत्रों में प्राइवेट सेक्टर की भूमिका 50 प्रतिशत या उससे भी ज्यादा हो। उनका कहना है कि जो चीजें हम नहीं बना सकते, उनके लिए भी कम से कम, 50 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का प्रावधान तो किया ही गया है। इन्हीं प्रयासों के फलस्वरूप, हम कई क्षेत्रों में अपना स्वदेशी सामग्री बढ़ाने में सफल हुए हैं।
--आईएएनएस
जीसीबी/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Vishvasnews
News Nation





















