ये हिट साइकोलॉजिकल थ्रिलर ‘बोन लेक’ घुमा देगी आपका दिमाग!जानिए कहां देख सकते हैं और क्या है इसकी खौफनाक कहानी?
सस्पेंस और थ्रिलर फिल्मों के शौकीनों के लिए एक अच्छी खबर है। पिछले साल सिनेमाघरों में रिलीज हुई हॉलीवुड की हिट साइकोलॉजिकल थ्रिलर ‘बोन लेक’ (Bone Lake) ने अब OTT प्लेटफॉर्म पर दस्तक दे दी है। इस फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स से काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी। अगर आप इसे बड़े पर्दे पर देखने …
दिल्ली एम्स में 13 महीनों में हुई एक हजार से ज्यादा रोबोटिक सर्जरी
नई दिल्ली, 20 जनवरी (आईएएनएस)। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली ने पिछले 13 महीनों में 1,000 से ज्यादा रोबोटिक सर्जरी की है। इसकी जानकारी एम्स की ओर से मंगलवार को दी गई।
एम्स के सर्जिकल डिपार्टमेंट में रोबोटिक सर्जरी एक साल से भी ज्यादा समय पहले शुरू की गई थी ताकि मुश्किल सर्जिकल चुनौतियों का सामना किया जा सके।
एम्स ने एक बयान में कहा कि इस लेटेस्ट सर्जिकल रोबोट ने अब तक कई सर्जरी की है, जिनमें पैंक्रियाटिक ड्यूओडेनेक्टॉमी, गैस्ट्रेक्टोमी, एसोफेगेक्टॉमी, कोलेक्टॉमी, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल मैलिग्नेंसी के लिए एंटीरियर रिसेक्शन, किडनी ट्रांसप्लांटेशन, और एंडोक्राइन ट्यूमर के लिए थायरॉइड, पैराथायरॉइड, एड्रेनल और पैंक्रियास का मिनिमली इनवेसिव रिसेक्शन जैसे हेपेटोबिलरी प्रोसिजर शामिल हैं।
दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे मेट्रोपॉलिटन शहरों के प्राइवेट अस्पतालों ने पिछले दस सालों में यूरोलॉजी और गायनेकोलॉजी जैसी स्पेशलिटी में रोबोटिक सिस्टम अपनाए हैं, लेकिन सरकारी अस्पतालों में, खासकर जनरल सर्जरी के लिए, इन्हें अपनाना काफी कम रहा है। एम्स पब्लिक हेल्थकेयर सेटअप में एडवांस्ड रोबोटिक कैपेबिलिटी लाकर इस कमी को पूरा कर रहा है, और यह पक्का कर रहा है कि अलग-अलग सोशियो-इकोनॉमिक बैकग्राउंड के मरीजों को इस टेक्नोलॉजी का फायदा मिले।
डिपार्टमेंट के हेड प्रोफेसर सुनील चुंबर ने कहा कि एम्स एक एकेडमिक इंस्टीट्यूट है। डिपार्टमेंट में सौ से ज्यादा सर्जिकल रेजिडेंट अपनी सर्जिकल ट्रेनिंग ले रहे होते हैं। सिस्टम के सफल इंस्टॉलेशन से हमारे रेजिडेंट डॉक्टरों को अपनी रेजिडेंसी पीरियड के दौरान इस लेटेस्ट टेक्नोलॉजी पर ट्रेनिंग लेने का पूरा मौका मिलेगा। इसने हमारे ट्रेनिंग करिकुलम को दुनिया के किसी भी जाने-माने मेडिकल इंस्टीट्यूट के बराबर कर दिया है।
उन्होंने कहा कि रोबोटिक सर्जरी के कई फायदे हैं, जिसमें खून का कम बहना, हॉस्पिटल में कम समय रहना और मरीजों का जल्दी ठीक होना शामिल है।
एम्स के सर्जरी डिपार्टमेंट के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. मोहित जोशी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि यह एक नई तरह की टेक्नोलॉजी है और एम्स, जो भारत का नंबर वन इंस्टीट्यूट है, देश में कहीं भी होने वाली किसी भी नई टेक्नोलॉजी या तरक्की में हमेशा सबसे आगे रहता है।
उन्होंने कहा कि हमारा अनुभव बहुत अच्छा रहा है, क्योंकि हमारे डिपार्टमेंट के लगभग सभी सर्जन रोबोटिक सर्जरी में ट्रेंड हैं और एक्टिव रूप से सर्जरी कर रहे हैं, क्योंकि हमारे डिपार्टमेंट के पास अपना सर्जिकल रोबोट है, इसलिए हमारे पास रोबोटिक प्रोसिजर के लिए खास तौर पर एक डेडिकेटेड ओटी है।
--आईएएनएस
डीकेएम/डीकेपी
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