फ्लॉप डेब्यू के बाद डूब गया था जूही चावला का करियर, फिर इस गाने ने रातोंरात बना दिया था नेशनल क्रश
नई दिल्ली. बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस जूही चावला की मासूमियत और उनकी दिलकश मुस्कान ने 80 के दशक के आखिर में बॉलीवुड में जो जादू बिखेरा, उसका सबसे बड़ा श्रेय 1988 में आई फिल्म 'कयामत से कयामत तक' के एक सदाबहार गाने को जाता है. वैसे तो इस फिल्म के सभी गाने हिट थे, लेकिन वह गाना जिसने जूही चावला को रातों-रात हर भारतीय युवा की 'धड़कन' और नेशनल क्रश बना दिया, वह था 'गजब का है दिन, सोचो जरा...'. इस गाने के बाद जूही चावला की किस्मत पूरी तरह बदल गई थी. इस गाने में जूही चावला और आमिर खान की केमिस्ट्री ने एक नई तरह की ताजगी पेश की. जूही की सादगी और उस गाने में उनके हाव-भाव इतने प्राकृतिक थे कि दर्शकों को उनसे प्यार हो गया. बता दें, जूही चावला ने इससे पहले 'सल्तनत' (1986) से डेब्यू किया था, लेकिन वह फिल्म बुरी तरह फ्लॉप रही. लोग उन्हें भूल चुके थे, लेकिन जैसे ही रेडियो और टीवी पर 'गजब का है दिन' बजना शुरू हुआ, जूही चावला का नाम हर जुबान पर छा गया.
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कुछ फिल्मों की ऐसी प्रेम कहानियां होती हैं जो पर्दे पर खत्म तो हो जाती हैं, लेकिन दर्शकों के दिलों में हमेशा के लिए घर कर जाती हैं. हाल ही में एक ऐसी ही फिल्म चर्चा में है, जिसे देखकर सिनेमाहॉल से निकलने वाले हर शख्स की आंखें नम हो गई. प्यार और जुनून की इस दास्तां में साउथ के एक दिग्गज सुपरस्टार और बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस ने अपनी अदाकारी से जान फूंक दी है. फिल्म की कहानी जितनी खूबसूरत है, इसका अंत उतना ही रूह कंपा देने वाला है. दिलचस्प बात है कि इस इमोशनल ड्रामा ने बॉक्स ऑफिस पर भी सफलता के झंडे गाड़ दिए हैं.
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