Vastu Tips: घर में भूलकर भी खाली न रखें ये चीजें, वरना हमेशा छाई रहेगी कंगाली, जानिए क्या कहता है वास्तु शास्त्र
Vastu Tips: वास्तु शास्त्र को प्राचीन काल से घर की ऊर्जा से जोड़ा जाता है. माना जाता है कि हमारे आसपास का वातावरण सीधे हमारे जीवन पर असर डालता है. कई बार छोटी आदतें भी बड़ी समस्याओं का कारण बन जाती हैं.वास्तु के अनुसार, घर में कुछ चीजों को खाली रखना नकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रण देता है. इससे धन की रुकावट, सेहत की दिक्कत और रिश्तों में तनाव बढ़ सकता है. आइए जानते हैं वे कौन-सी चीजें हैं, जिन्हें कभी खाली नहीं रखना चाहिए.
इन चीजों को भूलकर भी न रखें खाली
पर्स और तिजोरी
वास्तु शास्त्र के अनुसार, पर्स और तिजोरी में हमेशा कुछ न कुछ धन होना चाहिए. पर्स में कम से कम एक नोट या सिक्का रखें. तिजोरी में भी धन या कोई कीमती वस्तु जरूर रखें. ऐसा माना जाता है कि इससे धन का प्रवाह बना रहता है.
पूजा स्थान का जल पात्र
घर के मंदिर में रखे जल पात्र को खाली न छोड़ें. इसमें रोज ताजा पानी भरें. चाहें तो फूल या आम के पत्ते भी डाल सकते हैं. मान्यता है कि इससे पूजा का प्रभाव बढ़ता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है.
बाथरूम की बाल्टी
वास्तु शास्त्र में कहा गया है कि बाथरूम में बाल्टी या लोटा खाली रखना शुभ नहीं माना जाता. कहा जाता है कि इससे मानसिक अशांति और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं. बेहतर है कि बाल्टी में थोड़ा पानी भरा रहे.
रसोई का अनाज पात्र
रसोई को मां अन्नपूर्णा का स्थान माना जाता है. इसलिए अनाज का डिब्बा कभी खाली न रखें. समय-समय पर नया अनाज डालते रहें. ऐसा करने से घर में समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है. इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप अपने घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रख सकते हैं.
जुबान को न करें खाली
वास्तु शास्त्र के अनुसार. हमारी जुबान का हमारे जीवन पर बड़ा असर पड़ता है. कभी भी किसी का अपमान न करें खासकर घर के बड़े-बुजुर्गों से कोई ऐसी बात न कहे जिससे उन्हें दुख पहुंचे. ऐसा करने से मां लक्ष्मी नाराज हो सकती है. इसलिए हमेशा ध्यान रखें कि आपके शब्दों से किसी को भी दुख न पहुंचे.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी वास्तु शास्त्र के नियमों और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. न्यूज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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चांदी पहली बार ₹3 लाख के पार, 14 हजार बढ़ी:1 महीने में ₹2 लाख से ₹3 लाख हुई कीमत; 2026 में ₹4 लाख तक जा सकते हैं दाम
चांदी के दाम आज 19 जनवरी को MCX पर 3 लाख रुपए प्रति किलो पहुंच गए हैं। इसमें 14 हजार रुपए से ज्यादा की तेजी आई है। शुक्रवार को चांदी 2.87 लाख के करीब थी। MCX पर 15 दिसंबर 2025 के आसपास चांदी पहली बार 2 लाख रुपए पर पहुंची थी। यानी चांदी को 2 लाख से 3 लाख रुपए तक पहुंचने में सिर्फ 1 महीने का समय लगा। वहीं इसे 1 से 2 लाख तक पहुंचने में 9 महीने, जबकि 50 हजार से 1 लाख तक पहुंचने में 14 साल लगे थे। हालांकि, सर्राफा बाजार में चांदी आज करीब 12 हजार रुपए बढ़कर 2.94 लाख रुपए किलो पर है। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल है कि चांदी के दाम इतने क्यों बढ़ रहे हैं? क्या ये चांदी खरीदने का सही समय है? चांदी में निवेश के सेफ तरीके कौन-कौन से हैं? इस स्टोरी में इन्हीं सवालों के जवाब जानेंगे... सवाल 1: चांदी के दाम में तेजी की क्या वजहें हैं? इंडस्ट्रियल डिमांड: चांदी सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और 5G टेक्नोलॉजी में चांदी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है। पूरी दुनिया में 'ग्रीन एनर्जी' पर फोकस बढ़ने से इसकी खपत रिकॉर्ड स्तर पर है। सप्लाई में कमी: चांदी की डिमांड जिस तेजी से बढ़ रही है, उस मुकाबले खदानों से इसका उत्पादन नहीं बढ़ पा रहा है। कुछ देशों में पर्यावरण नियम से प्लान्ड माइनिंग कम हो गई है। इसके अलावा लगभग 70% चांदी, कॉपर और जिंक जैसी दूसरी धातुओं की खुदाई के दौरान बाय प्रोडक्ट के रूप में निकलती है। जब तक तांबे की खुदाई नहीं बढ़ती, चांदी की सप्लाई नहीं बढ़ सकती। इस डिमांड और सप्लाई के भारी अंतर के कारण चांदी की कमी बनी हुई है। सुरक्षित निवेश: दुनियाभर में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई के कारण कई निवेशक शेयर बाजार के बजाय सोने-चांदी में पैसा लगा रहे हैं। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतें डॉलर में तय होती हैं, इसलिए जब डॉलर इंडेक्स कमजोर होता है, तो चांदी की कीमतों में उछाल आता है। वर्तमान में डॉलर इंडेक्स (DXY) 109 के उच्च स्तर से गिरकर 98 के करीब आ गया है। सवाल 2: क्या इस समय चांदी में निवेश करना सही है? सवाल 3: चांदी में किस तरह निवेश कर सकते हैं? जवाब: चांदी में निवेश के 3 पॉपुलर तरीके हैं... फिजिकल सिल्वर: यह सबसे सीधा तरीका है। आप बाजार जाकर चांदी के सिक्के या बार खरीद सकते हैं। इसमें चोरी या शुद्धता की चिंता रहती है, इसलिए BIS हॉलमार्क्ड चांदी ही खरीदना चाहिए। इसे जाने-माने ज्वेलर्स, बैंक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से खरीद सकते हैं। सिल्वर ईटीएफ: ये चांदी की कीमतों पर आधारित है। इसमें पैसा चांदी की कीमत के हिसाब से बढ़ता-घटता है। ये स्टॉक एक्सचेंज पर शेयरों की तरह ट्रेड होते हैं। इसे खरीदने के लिए डिमैट अकाउंट होना जरूरी है। चोरी या शुद्धता की कोई चिंता नहीं करनी पड़ती। सिल्वर फ्यूचर्स: यह ट्रेडिंग का तरीका है, जहां आप एक कॉन्ट्रैक्ट करते हैं कि आप भविष्य की किसी तारीख पर एक तय कीमत पर चांदी खरीदेंगे या बेचेंगे। यह MCX (कमोडिटी एक्सचेंज) पर होता है। इसमें आप कम पैसे लगाकर मार्जिन के साथ ज्यादा मूल्य की चांदी खरीद या बेच सकते हैं, लेकिन इसमें रिस्क ज्यादा है।
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