PM Modi on Climate: पर्यावरण और जलवायु सम्मेलन में बोले पीएम मोदी; विकसित देशों में प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन भारत से 6 गुना ज्यादा
पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के वैश्विक योगदान और हरित ऊर्जा में आई क्रांति का विस्तृत ब्योरा पेश किया। उन्होंने कहा कि विकसित देशों की तुलना में भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन नगण्य है।
भारत जी-20 का इकलौता ऐसा देश है जिसने पेरिस समझौते (COP21) के तहत तय किए गए अपने सभी वादों और लक्ष्यों को समय से काफी पहले पूरा कर लिया है। पिछले 12 सालों में रिन्यूएबल ऊर्जा क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व सुधारों ने देश को वैश्विक जलवायु अभियानों में एक अग्रणी भूमिका में ला खड़ा किया है।
कम कार्बन उत्सर्जन और विकसित देशों को संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि विकसित देशों में प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन भारत की तुलना में 6 गुना ज्यादा है। इसके बावजूद भारत जिम्मेदारी के साथ वैश्विक मंचों पर अपनी प्रतिबद्धता निभा रहा है।
उन्होंने देशवासियों का आह्वान किया कि वे पर्यावरण के प्रति अपनी इस नैतिक ताकत को पूरी दुनिया के सामने मजबूती से रखें। भारत आज अपनी पारंपरिक और प्राचीन संरक्षण तकनीकों को आधुनिक तकनीक के साथ मिलाकर एक नया रोडमैप तैयार कर रहा है।
सौर और पवन ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति
रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में पिछले 12 वर्षों में भारत ने असाधारण सफलता हासिल की है। देश की सौर ऊर्जा क्षमता जो पहले मात्र 2 गीगावाट थी, वह अब बढ़कर 160 गीगावाट से भी अधिक हो चुकी है। अकेले सोलर पावर के इस्तेमाल से करीब 20 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन को रोकने में बड़ी सफलता मिली है। इसके साथ ही विंड ऊर्जा की क्षमता में तीन गुना की बढ़ोतरी दर्ज की गई है और हाइड्रो एनर्जी क्षमता में भी बड़ा इजाफा हुआ है।
पीएम सूर्य घर और कुसुम योजना से करोड़ों परिवार सशक्त
अक्षय ऊर्जा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं ने अहम भूमिका निभाई है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 50 लाख से अधिक घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं, जिसके लिए सरकार प्रति घर करीब 80,000 रुपये तक की सहायता दे रही है।
कृषि क्षेत्र में 'कुसुम योजना' के जरिए 30 लाख से अधिक किसानों के खेतों में सोलर पंप स्थापित किए गए हैं। वहीं, वन नेशन वन ग्रिड प्रोजेक्ट पूरा होने और करोड़ों घरों में एलईडी बल्ब पहुंचने से ऊर्जा बचत का नया अध्याय शुरू हुआ है।
ग्लोबल एलायंस और वैश्विक मंचों पर नेतृत्व
भारत ने केवल अपने देश में ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर कई महत्वपूर्ण मंचों और एलायंस की नींव रखी है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में वन वर्ल्ड वन ग्रिड, इंटरनेशनल सोलर एलायंस (ISA), सीडीआरआई, ग्लोबल बायोफ्यूल एलायंस, इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस और मिशन लाइफ का विशेष उल्लेख किया। ये सभी अंतरराष्ट्रीय मंच जलवायु परिवर्तन की जंग में भारत की मजबूत वैश्विक प्रतिबद्धता और नेतृत्व क्षमता को दर्शाते हैं।
IIT Bombay Student Suicide: आईआईटी बॉम्बे में स्टूडेंट ने किया सुसाइड, मौत के बाद नाराज छात्रों का कैंपस में प्रदर्शन
मुंबई के पवई स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) बॉम्बे में दूसरे वर्ष के एक BTech छात्र की मौत का मामला सामने आया है। छात्र एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में पढ़ रहा था। घटना के बाद कैंपस में छात्रों ने प्रदर्शन किया और संस्थान प्रशासन से जवाबदेही तथा पारदर्शिता की मांग की।
यह घटना 18 सितंबर 2026 को हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, छात्र की मौत के बाद 400 से अधिक विद्यार्थी प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान संस्थान में चल रही मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं भी स्थगित किए जाने की जानकारी सामने आई। <Cite refs=
परीक्षा में ChatGPT इस्तेमाल करने का मामला आया था सामने
IIT बॉम्बे की ओर से जारी बयान के मुताबिक, घटना वाले दिन परीक्षा के दौरान छात्र मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पाया गया था। संस्थान ने बताया कि छात्र ने परीक्षा के प्रश्नपत्र को ChatGPT पर अपलोड किया था, ताकि उससे जवाब प्राप्त कर सके।
संस्थान के अनुसार, इस मामले में छात्र के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। परीक्षा से जुड़े मामले पर इंस्ट्रक्टर और विभागाध्यक्ष ने उससे बातचीत की थी। इस दौरान उसे समझाया गया और भरोसा दिलाया गया कि इस घटना का उसके अकादमिक करियर पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। बातचीत के बाद छात्र अपने हॉस्टल के कमरे में चला गया। बाद में शाम को वह कमरे में मृत पाया गया। <Cite refs=
IIT बॉम्बे ने क्या कहा?
छात्र की मौत पर IIT बॉम्बे ने दुख जताया है। संस्थान ने कहा कि इस कठिन समय में छात्र के दोस्तों, क्लासमेट्स, फैकल्टी सदस्यों और घटना से प्रभावित अन्य लोगों को सहायता दी जा रही है।
संस्थान के बयान के मुताबिक, मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जांच संबंधित अधिकारी कर रहे हैं। फिलहाल जांच पूरी होने से पहले मौत के कारणों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
छात्रों ने प्रशासन से मांगे जवाब
छात्र की मौत के बाद कैंपस में विद्यार्थियों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने प्रशासन से घटना को लेकर पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने की मांग की।
एक प्रदर्शनकारी छात्र ने कहा कि वे अपने साथी की मौत के बाद प्रशासन से सवालों के जवाब मांगने के लिए एकत्र हुए हैं। छात्रों की मांग है कि घटना से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट किया जाए और संस्थान में ऐसी घटनाओं को लेकर जवाबदेही सुनिश्चित हो। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान संस्थान परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई और प्रशासन की ओर से छात्रों से बातचीत की गई।
छह महीने में तीसरी घटना होने की बात आई सामने
मीडिया रिपोर्ट्स में इस घटना को IIT बॉम्बे कैंपस में छह महीने के भीतर छात्र की आत्महत्या का तीसरा मामला बताया गया है। इस वजह से संस्थान में छात्र कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य सहायता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, मौजूदा मामले में परीक्षा के दौरान ChatGPT इस्तेमाल किए जाने और छात्र की मौत के बीच किसी प्रत्यक्ष कारण-संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। मौत की परिस्थितियों की जांच जारी है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi










