IND W vs AUSW: फरवरी में 7 मैच खेलने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाएगी टीम इंडिया, नोट कर लीजिए शेड्यूल
IND W vs AUS W: भारतीय महिला टीम को अगले महीने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाना है. इस दौरे पर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 3 मैचों की टी-20 और इतने ही मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी. इसके बाद एक टेस्ट मैच भी खेला जाएगा. सीरीज को शुरू होने में अभी काफी वक्त है. मगर, बीसीसीआई ने वनडे और टी-20 सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया है. तो आइए इस आर्टिकल में आपको इस दौरे के शेड्यूल और स्क्वाड के बारे में बताते हैं.
हरमनप्रीत करेंगी कप्तानी
भारत में इस वक्त वुमेन्स प्रीमियर लीग 2026 का आयोजन हो रहा है, जिसमें न केवल भारतीय बल्कि तमाम देशों की महिला क्रिकेटर्स खेल रही हैं. इसके खत्म होने के बाद भारतीय टीम को फरवरी में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाना है, जिसके लिए बीसीसीआई ने स्क्वाड का ऐलान कर दिया.
Presenting #TeamIndia’s squad for ODI & T20I series against Australia Women ????
— BCCI Women (@BCCIWomen) January 17, 2026
Details ▶️ https://t.co/UCScQnfJdi#AUSvIND pic.twitter.com/afB4dqfNco
युवाओं को मिला मौका
15 फरवरी से शुरू होने वाली वनडे सीरीज के लिए चुनी गई भारतीय टीम में वैष्णवी शर्मा, जी कमलिनी और कश्वी गौतम भारतीय टीम में तीन नए खिलाड़ी हैं, जिसने पिछले साल ICC महिला क्रिकेट विश्व कप जीता था, जबकि उमा छेत्री, यास्तिका भाटिया और प्रतिका रावल टीम से बाहर हैं.
T20I टीम में, भारत ने श्रीलंका के खिलाफ सीरीज से सिर्फ 2 बदलाव किए हैं, जिसमें श्रेयंका पाटिल हरलीन देओल की जगह आई हैं. भारती फुलमाली भी T20I टीम में वापसी कर रही हैं, जिन्होंने सबसे छोटे फॉर्मेट में डेब्यू किया था और आखिरी बार 2019 में भारत के लिए खेली थीं.
भारत की T20I टीम: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), शैफाली वर्मा, रेणुका ठाकुर, श्री चरणी, वैष्णवी शर्मा, क्रांति गौड़, स्नेह राणा, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेट कीपर), जी कमलिनी (विकेट कीपर), अरुंधति रेड्डी, अमनजोत कौर, जेमिमा रोड्रिग्स, भारती फुलमाली, श्रेयंका पाटिल
भारत की ODI टीम: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), शैफाली वर्मा, रेणुका ठाकुर, श्री चरणी, वैष्णवी शर्मा, क्रांति गौड़, स्नेह राणा, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेट कीपर), जी कमलिनी (विकेट कीपर), काश्वी गौतम, अमनजोत कौर, जेमिमा रोड्रिग्स, हरलीन देओल
ऐसा है IND W vs AUS W का पूरा शेड्यूल
पहला T20I: 15 फरवरी, सिडनी
दूसरा T20I: 19 फरवरी, कैनबरा
तीसरा T20I: 21 फरवरी, एडिलेड
पहला ODI: 24 फरवरी, ब्रिस्बेन
दूसरा ODI: 27 फरवरी, होबार्ट
तीसरा ODI: 1 मार्च, होबार्ट
एकमात्र टेस्ट: 6-9 मार्च, पर्थ
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Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या आज, नोट कर लें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और कथा
Mauni Amavasya 2026: आज यानी 18 जनवरी 2026 को मौनी अमावस्या मनाई जा रही है. इसे माघ अमावस्या भी कहा जाता है. हिंदू मान्यताओं में यह दिन बहुत पवित्र माना जाता है. इस तिथि पर पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुण्य और भगवान विष्णु की पूजा करने से कई गुना पुण्य मिलता है. साथ ही पितरों का तर्पण करने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, मौनी अमावस्या पर किए गए अच्छे कर्मों का फल जल्दी मिलता है. इसलिए लोग इस दिन व्रत रखते हैं और मौन का पालन करते हैं.
मौनी अमावस्या 2026 के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:32 बजे से 06:23 बजे तक
प्रातः संध्या: सुबह 05:58 बजे से 07:15 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:27 बजे से 01:11 बजे तक
पितृ तर्पण और श्राद्ध का समय: सुबह 11:30 बजे से दोपहर 02:30 बजे तक
स्नान की सही विधि
अगर आप नदी या घाट पर स्नान कर रहे हैं, तो तीन बार डुबकी लगाएं. इसके बाद सूर्य की ओर मुख करके जल से अर्घ्य दें. मन में अपने इष्ट देव और पितरों का ध्यान करें. लेकिन अगर आप किसी वजह से स्नान करने नहीं जा पाते हैं तो घर पर ही स्नान करने वाले लोग नहाने के पानी में गंगाजल मिला सकते हैं. स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, तिल और फूल डालकर सूर्य को अर्पित करें. कुछ समय मौन रखें. मान्यता है कि आज का मौन आत्मिक शांति देता है.
पूजा करने की आसान विधि
सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्नान करें.
सूर्य को जल चढ़ाएं.
पूजा स्थल पर दीपक जलाएं और व्रत का संकल्प लें.
भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करें.
इसके बाद दिन में भगवान का ध्यान करें.
शाम को फिर से दीप-धूप जलाकर गंगा माता और पितरों का स्मरण करें.
मौनी अमावस्या की कथा
कहानी के अनुसार, कांचीपुरी में देवस्वामी नाम के एक ब्राह्मण रहते थे. उनकी बेटी गुणवती का विवाह तय हुआ. कुंडली देखने पर पता चला कि उसके पति पर मृत्यु योग है. चिंता में पड़े पिता ने एक साधु से उपाय पूछा. साधु ने बताया कि सिंहल द्वीप की सोमा नाम की एक पतिव्रता महिला का आशीर्वाद इस दोष को दूर कर सकता है. गुणवती और उसका भाई वहां पहुंचे. गुणवती रोज चुपचाप सोमा के आंगन की सफाई करती थी. जब सोमा को सच्चाई पता चली, तो वह गुणवती के साथ उसके घर आई. विवाह के बाद जब संकट आया, तो सोमा ने अपने पुण्य का दान किया. इससे गुणवती के पति को जीवनदान मिला. तभी से मौनी अमावस्या पर दान और पुण्य का महत्व बताया गया है.
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