रोज खाएं एक कटोरी ओट्स, दूर रखें हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा
नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। दिल की सेहत आज के समय में सबसे बड़ी चिंता बन चुकी है। बदलती जीवनशैली, गलत खानपान, तनाव और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण हाई कोलेस्ट्रॉल एक आम समस्या बन गया है।
यही हाई कोलेस्ट्रॉल धीरे-धीरे दिल की नसों में जमने लगता है और हार्ट अटैक, स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों की वजह बनता है। ऐसे में लोग दवाइयों पर निर्भर हो रहे हैं, लेकिन आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही यह मानते हैं कि सही भोजन कई बीमारियों को जड़ से रोक सकता है। इन्हीं में से एक है ओट्स, जो आसानी से पचता है और शरीर में संतुलन बनाए रखता है।
रोजाना एक कटोरी ओट्स शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी और खराब तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है और शरीर में दोषों का संतुलन बनाए रखता है। आयुर्वेद मानता है कि जब पाचन ठीक रहता है, तो शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल अपने आप नियंत्रित होने लगता है।
विज्ञान की नजर से देखें तो ओट्स में पाया जाने वाला एक खास फाइबर होता है, जिसे बीटा-ग्लूकान कहा जाता है। यह फाइबर पेट में जाकर एक जेल जैसी परत बना लेता है। यह परत आंतों में कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को कम कर देती है। इससे बैड कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) धीरे-धीरे कम होने लगता है और दिल की धमनियां बेहतर तरीके से काम करती हैं।
ओट्स सिर्फ कोलेस्ट्रॉल के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर के लिए फायदेमंद है। इसमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है, जो मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और शरीर को ऊर्जा देता है। इसके साथ ही इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट धीरे-धीरे ऊर्जा देते हैं, जिससे लंबे समय तक पेट भरा रहता है और बार-बार भूख नहीं लगती। यही वजह है कि वजन घटाने वाले लोगों के लिए भी ओट्स बहुत अच्छा विकल्प माना जाता है।
ओट्स में कई जरूरी विटामिन और मिनरल भी होते हैं। इसमें आयरन पाया जाता है, जो शरीर में खून की कमी को दूर करने में मदद करता है। मैग्नीशियम और पोटेशियम दिल की धड़कन को संतुलित रखने में सहायक होते हैं। जिंक और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं, जिससे शरीर बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनता है।
दिल की सेहत के लिए ओट्स इसलिए भी खास है क्योंकि यह ब्लड शुगर को भी संतुलित रखता है। ओट्स धीरे पचता है, जिससे खून में शुगर अचानक नहीं बढ़ती। यही कारण है कि डायबिटीज के मरीजों के लिए भी ओट्स एक सुरक्षित और फायदेमंद आहार माना जाता है। जब शुगर और कोलेस्ट्रॉल दोनों नियंत्रण में रहते हैं, तो दिल की बीमारी का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
आयुर्वेद मानता है कि ओट्स शरीर को अंदर से साफ करता है। यह आंतों में जमा गंदगी को बाहर निकालता है और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है। जब शरीर का मेटाबॉलिज्म ठीक रहता है, तो फैट जमा नहीं होता और कोलेस्ट्रॉल का स्तर संतुलन में बना रहता है। यही वजह है कि नियमित रूप से ओट्स खाने वाले लोगों में दिल की समस्याएं कम देखी जाती हैं।
--आईएएनएस
पीके/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
क्राइम थ्रिलर देखने के हैं शौकीन, तो आज ही देख डाले ये वेब सीरीज, 2025 की रही मोस्ट वॉच कहानी
Netflix Crime Thriller Web Series: ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हर साल दर्जनों वेब सीरीज रिलीज होती हैं, लेकिन उनमें से कुछ ही ऐसी होती हैं जो दर्शकों के दिल और दिमाग पर गहरी छाप छोड़ पाती हैं. साल 2025 की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली वेब सीरीज की लिस्ट में शामिल नेटफ्लिक्स की ‘ब्लैक वारंट’ ऐसी ही एक दमदार सीरीज है, जिसने रिलीज होते ही दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. ऐसे में अगर आपसे ये वेब सीरीज मिस हो गई है तो आप इसे जल्दी से नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं. वहीं चलिए हम आपको इसके बारे में डिटेल में बताते हैं.
जेल की अंधेरी दुनिया में ले जाती है कहानी
‘ब्लैक वारंट’ की कहानी दिल्ली की कुख्यात तिहाड़ जेल पर आधारित है. यह वेब सीरीज पूर्व जेलर सुनील गुप्ता की जिंदगी और उनके अनुभवों को दिखाती है, जिन्होंने अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा तिहाड़ जेल में बिताया. सीरीज में उनकी प्रोफेशनल और पर्सनल स्ट्रगल को बेहद संवेदनशील तरीके से दर्शाया गया है.
कहानी में कुख्यात अपराधी चार्ल्स शोभराज (बिकिनी किलर) का किरदार भी अहम भूमिका निभाता है, जो जेल में सुनील गुप्ता की मदद करता दिखाया गया है. इसके साथ ही जेल के अंदर कैदियों की बदहाल जिंदगी को भी बारीकी से दिखाया गया है- चाहे वह खराब खाना हो, रहने की तंग जगह हो या रोज़मर्रा की अमानवीय परिस्थितियां.
किस किताब पर है आधारित?
‘ब्लैक वारंट’ जेल की उस अंधेरी और अनदेखी दुनिया को सामने लाती है, जहां भ्रष्टाचार, जेलर और कैदियों के बीच के जटिल रिश्ते और 80 के दशक में फांसी पाए चर्चित कैदियों की कहानियां दिखाई गई हैं. यह सीरीज पत्रकार सुनेत्रा चौधरी की किताब ‘Black Warrant’ पर आधारित है. सीरीज में जेल के भीतर होने वाले अवैध काम, सत्ता का दुरुपयोग और कैदियों की कठिन जिंदगी को इतनी सच्चाई से दिखाया गया है कि दर्शक पूरी तरह कहानी में डूब जाते हैं. सुनील गुप्ता को जेल में किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ा, यह जानने के लिए सीरीज देखना जरूरी हो जाता है.
स्टारकास्ट और निर्देशन
सीरीज की कास्ट की बात करें तो इसमें जहान कपूर, राहुल भट्ट, परमवीर सिंह चीमा और अनुराग ठाकुर लीड रोल में नजर आते हैं. इस सीरीज का निर्देशन विक्रमादित्य मोटवाने ने किया है, जिन्होंने कहानी को मजबूती और गहराई दी है. जेलर सुनील गुप्ता के किरदार में जहान कपूर ने शानदार अभिनय किया है. खास बात यह है कि ‘ब्लैक वारंट’ के जरिए जहान कपूर ने फिल्म इंडस्ट्री में अपना डेब्यू किया है. वो दिवंगत अभिनेता शशि कपूर के पोते और कुणाल कपूर के बेटे हैं.
दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स
रिलीज के बाद ‘ब्लैक वारंट’ को दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों से शानदार प्रतिक्रिया मिली. सोशल मीडिया पर भी सीरीज को लेकर पॉजिटिव रिव्यू देखने को मिले, जिससे यह 2025 की सबसे चर्चित और ज्यादा देखी जाने वाली वेब सीरीज में शामिल हो गई.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation



















.jpg)




