क्राइम थ्रिलर देखने के हैं शौकीन, तो आज ही देख डाले ये वेब सीरीज, 2025 की रही मोस्ट वॉच कहानी
Netflix Crime Thriller Web Series: ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हर साल दर्जनों वेब सीरीज रिलीज होती हैं, लेकिन उनमें से कुछ ही ऐसी होती हैं जो दर्शकों के दिल और दिमाग पर गहरी छाप छोड़ पाती हैं. साल 2025 की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली वेब सीरीज की लिस्ट में शामिल नेटफ्लिक्स की ‘ब्लैक वारंट’ ऐसी ही एक दमदार सीरीज है, जिसने रिलीज होते ही दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. ऐसे में अगर आपसे ये वेब सीरीज मिस हो गई है तो आप इसे जल्दी से नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं. वहीं चलिए हम आपको इसके बारे में डिटेल में बताते हैं.
जेल की अंधेरी दुनिया में ले जाती है कहानी
‘ब्लैक वारंट’ की कहानी दिल्ली की कुख्यात तिहाड़ जेल पर आधारित है. यह वेब सीरीज पूर्व जेलर सुनील गुप्ता की जिंदगी और उनके अनुभवों को दिखाती है, जिन्होंने अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा तिहाड़ जेल में बिताया. सीरीज में उनकी प्रोफेशनल और पर्सनल स्ट्रगल को बेहद संवेदनशील तरीके से दर्शाया गया है.
कहानी में कुख्यात अपराधी चार्ल्स शोभराज (बिकिनी किलर) का किरदार भी अहम भूमिका निभाता है, जो जेल में सुनील गुप्ता की मदद करता दिखाया गया है. इसके साथ ही जेल के अंदर कैदियों की बदहाल जिंदगी को भी बारीकी से दिखाया गया है- चाहे वह खराब खाना हो, रहने की तंग जगह हो या रोज़मर्रा की अमानवीय परिस्थितियां.
किस किताब पर है आधारित?
‘ब्लैक वारंट’ जेल की उस अंधेरी और अनदेखी दुनिया को सामने लाती है, जहां भ्रष्टाचार, जेलर और कैदियों के बीच के जटिल रिश्ते और 80 के दशक में फांसी पाए चर्चित कैदियों की कहानियां दिखाई गई हैं. यह सीरीज पत्रकार सुनेत्रा चौधरी की किताब ‘Black Warrant’ पर आधारित है. सीरीज में जेल के भीतर होने वाले अवैध काम, सत्ता का दुरुपयोग और कैदियों की कठिन जिंदगी को इतनी सच्चाई से दिखाया गया है कि दर्शक पूरी तरह कहानी में डूब जाते हैं. सुनील गुप्ता को जेल में किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ा, यह जानने के लिए सीरीज देखना जरूरी हो जाता है.
स्टारकास्ट और निर्देशन
सीरीज की कास्ट की बात करें तो इसमें जहान कपूर, राहुल भट्ट, परमवीर सिंह चीमा और अनुराग ठाकुर लीड रोल में नजर आते हैं. इस सीरीज का निर्देशन विक्रमादित्य मोटवाने ने किया है, जिन्होंने कहानी को मजबूती और गहराई दी है. जेलर सुनील गुप्ता के किरदार में जहान कपूर ने शानदार अभिनय किया है. खास बात यह है कि ‘ब्लैक वारंट’ के जरिए जहान कपूर ने फिल्म इंडस्ट्री में अपना डेब्यू किया है. वो दिवंगत अभिनेता शशि कपूर के पोते और कुणाल कपूर के बेटे हैं.
दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स
रिलीज के बाद ‘ब्लैक वारंट’ को दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों से शानदार प्रतिक्रिया मिली. सोशल मीडिया पर भी सीरीज को लेकर पॉजिटिव रिव्यू देखने को मिले, जिससे यह 2025 की सबसे चर्चित और ज्यादा देखी जाने वाली वेब सीरीज में शामिल हो गई.
यूरोपीय नेताओं ने ट्रंप को किया आगाह- टैरिफ लगाने से बिगड़ेंगे ट्रांसअटलांटिक संबंध और बढ़ेगा तनाव
ब्रुसेल्स, 18 जनवरी (आईएएनएस)। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने अमेरिका की ओर से दी गई टैरिफ की धमकी पर कड़ी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड से जुड़े इस तरह के टैरिफ कदम यूरोप और अमेरिका के रिश्तों को कमजोर करेंगे और हालात को धीरे-धीरे एक खतरनाक दिशा में ले जा सकते हैं।
दोनों नेताओं ने एक साझा बयान में कहा कि टैरिफ लगाने से ट्रांसअटलांटिक संबंध बिगड़ेंगे और इससे तनाव बढ़ने का खतरा है।
उर्सुला वॉन डर लेयेन और एंटोनियो कोस्टा ने यह भी कहा कि किसी भी देश की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता अंतरराष्ट्रीय कानून के मूल सिद्धांत हैं, जो न केवल यूरोप बल्कि पूरी दुनिया के लिए बेहद जरूरी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूरोप अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए एकजुट रहेगा, आपसी तालमेल बनाए रखेगा और पूरी तरह प्रतिबद्ध रहेगा।
यह बयान उस समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका एक फरवरी से डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड और फिनलैंड से आने वाले सामान पर दस प्रतिशत टैरिफ लगाएगा। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, अगर ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के साथ कोई समझौता नहीं हुआ, तो जून की शुरुआत से यह टैरिफ बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया जाएगा।
नॉर्डिक देशों के नेता सबसे पहले इस धमकी के खिलाफ सामने आए। उन्होंने कहा कि मित्र देशों के बीच किसी भी विवाद को दबाव डालकर नहीं, बल्कि बातचीत और समझदारी से सुलझाया जाना चाहिए।
डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने इस टैरिफ धमकी पर हैरानी जताई और कहा कि डेनमार्क इस मामले में यूरोपीय आयोग के लगातार संपर्क में है।
ग्रीनलैंड दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है। यह डेनमार्क के राजशाही क्षेत्र का स्व-शासित क्षेत्र है। हालांकि, रक्षा और विदेश नीति से जुड़े फैसले कोपेनहेगन के नियंत्रण में रहते हैं।
ग्रीनलैंड में अमेरिका का एक सैन्य अड्डा भी मौजूद है। 2025 में दोबारा सत्ता में आने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार ग्रीनलैंड को “हासिल” करने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं।
--आईएएनएस
एएस/
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